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डोगरीटोला पंचायत में मानदेय भुगतान को लेकर विवाद, सरपंच-सचिव पर उठे सवाल

तहसील भरतपुर जिला मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़

डोगरीटोला पंचायत में मानदेय भुगतान को लेकर विवाद, सरपंच-सचिव पर उठे सवाल

चपरासी को हटाने और भुगतान न करने का आरोप, अधिकारियों से की गई शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं

(पढिए जिला एमसीबी ब्यूरो चीफ मनमोहन सांधे की खास खबर)

छत्तीसगढ़ प्रदेश के एमसीबी जिला अंतर्गत भरतपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत डोगरीटोला में एक अंशकालीन सफाई कर्मी (चपरासी) को मानदेय न मिलने का मामला सामने आया है। इसको लेकर ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित कर्मी रामसेवक सिंह (पिता जवाहर सिंह) को वर्ष 2020 में ग्राम सभा के माध्यम से अंशकालीन सफाई कर्मी के रूप में नियुक्त किया गया था। तब से वे लगातार पंचायत में अपनी सेवाएं दे रहे थे, लेकिन हाल ही में बिना किसी स्पष्ट कारण के उन्हें कार्य से हटा दिया गया और उनका मानदेय भी रोक दिया गया है।

बताया जा रहा है कि ग्राम सभा में इस संबंध में प्रस्ताव पारित होने के बावजूद सरपंच एवं सचिव द्वारा मानदेय भुगतान नहीं किया जा रहा है। पीड़ित कर्मी द्वारा कई बार पंचायत स्तर पर अपनी समस्या रखी गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद मामले की शिकायत जनपद पंचायत, कलेक्टर कार्यालय तथा अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) भरतपुर सहित अन्य उच्च अधिकारियों को लिखित रूप में दी गई है, परंतु अब तक किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

पीड़ित का आरोप है कि बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है और मानदेय के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। वहीं, ग्रामवासियों का भी कहना है कि पंचायत में 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग को लेकर भी अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है।

ग्राम पंचायत के कुछ सदस्यों ने भी आरोप लगाया है कि सरपंच एवं सचिव मनमाने ढंग से कार्य कर रहे हैं और ग्राम सभा के निर्देशों की अनदेखी की जा रही है। मामले को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है और पारदर्शिता की मांग की जा रही है।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच कराते हुए बकाया मानदेय दिलाने की मांग की है, ताकि एक गरीब परिवार को न्याय मिल सके।

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