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मालगडोल एवं घटाई पंचायत की उदारी नदी में अवैध उत्खनन खनन के लगे आरोप

तहसील भरतपुर जिला मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़

मालगडोल एवं घटाई पंचायत की उदारी नदी में अवैध उत्खनन खनन के लगे आरोप

मालगडोल और घटाई में पोकलेन मशीन से 15–20 फीट गहरी खुदाई, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

(पढिए एमसीबी जिला ब्यूरो चीफ मनमोहन सांधे की खास खबर)

भरतपुर विकासखंड (एमसीबी), 27 फरवरी।
छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिला अंतर्गत भरतपुर विकासखंड के मालगडोल एवं घटाई क्षेत्र में स्थित उदारी नदी में कथित रूप से अवैध रेत खनन का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि नदी के बीचों-बीच अस्थायी मार्ग बनाकर पोकलेन मशीनों से 15 से 20 फीट तक गहरी खुदाई की जा रही है, जबकि नियमों के अनुसार नदी में मशीनों से खनन प्रतिबंधित है।

स्थानीय लोगों के अनुसार रेत खदान का निरीक्षण करने पर पाया गया कि भारी मशीनों के माध्यम से बड़े पैमाने पर रेत का उत्खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार की गहरी खुदाई से नदी की प्राकृतिक संरचना को नुकसान पहुंच रहा है और भविष्य में जलसंकट तथा दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ सकती है।

अधिकारियों से संपर्क नहीं हो सका

मामले में अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसीलदार कुंवारपुर से फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, किंतु बातचीत नहीं हो सकी। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है, जिससे संदेह की स्थिति बन रही है।

जनप्रतिनिधियों पर भी उठे सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित ग्राम पंचायत को साधारण रेत खदान की स्वीकृति दी गई है, किंतु नियमों का पालन नहीं किया जा रहा। आरोप है कि सरपंच एवं ठेकेदार की मिलीभगत से निर्धारित सीमा से अधिक और मशीनों के माध्यम से खनन किया जा रहा है। जब इस संबंध में सरपंच से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका।

कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने वालों को डराया-धमकाया जाता है और शिकायत करने पर उनके खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की चेतावनी दी जाती है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

राजनीतिक बयान और जमीनी हकीकत

क्षेत्र की विधायक रेणुका सिंह ने पूर्व में अवैध रेत खनन रोकने का आश्वासन दिया था। अब स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जमीनी स्तर पर स्थिति अलग दिखाई दे रही है। उनका आरोप है कि “डबल इंजन सरकार” के बावजूद अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।

जांच और पारदर्शिता की मांग

आमजन मानस की मांग है कि उदारी नदी से रेत उत्खनन यदि किया जाए तो वह पूरी तरह नियमों और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप हो। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल भौतिक सत्यापन, खनन की गहराई की माप और अनुमति शर्तों की जांच कराने की मांग की है।

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे रेत खनन के विरोध में नहीं हैं, बल्कि अनियमित और नियमविरुद्ध खनन पर सवाल उठा रहे हैं।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या उदारी नदी में हो रहे कथित अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई जाती है या नहीं।

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