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जुइली पंचायत में रोजगार सहायक पर गंभीर आरोप, गरीब परिवार लगा रहे हैं न्याय की गुहार

तहसील भरतपुर जिला मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़

जुइली पंचायत में रोजगार सहायक पर गंभीर आरोप, गरीब परिवार लगा रहे हैं न्याय की गुहार

(पढिए जिला एमसीबी ब्यूरो चीफ मनमोहन सांधे की खास खबर)

प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि में गड़बड़ी

जुइली पंचायत में रोजगार सहायक पर गंभीर आरोप, गरीब परिवार लगा रहे हैं न्याय की गुहार

भरतपुर (एमसीबी)।
छत्तीसगढ़ राज्य के जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत जुइली में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को मिलने वाली राशि में बड़े पैमाने पर अनियमितता और गड़बड़ी का मामला सामने आया है।

आरोप है कि पंचायत के रोजगार सहायक द्वारा राशि का गबन कर अन्य लोगों को खड़ा कर पैसा निकाल लिया गया।

गरीब आदिवासी परिवार से छिन गया हक़

विशेष पिछड़ी जनजाति से आने वाले जुइली निवासी गरीब ग्रामीण रामकृपाल बैगा और रांपा निवासी ज्ञानचंद यादव को प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्तें मिलनी थीं।

लेकिन रोजगार सहायक ने मिलीभगत कर उनकी राशि का आहरण (निकासी) कर लिया।

इन गरीब परिवारों को आज तक उनका हक़ नहीं मिल पाया है।

कई बार की शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं

ग्रामीणों ने इस गड़बड़ी की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों और जनपद पंचायत में की, लेकिन है रानी की बात है कि आज तक किसी भी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि जनपद के कर्मचारी–अधिकारी आपसी साठगांठ कर कई पंचायतों में इसी तरह का प्रभुत्व और मनमानी दिखा रहे हैं।

दो वर्षों से भटक रहा बैगा परिवार

पीड़ित बैगा परिवार और अन्य प्रभावित ग्रामीण पिछले दो वर्षों से न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। बावजूद इसके उन्हें शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ नहीं मिल सका।

ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यालय के कर्मचारी और अधिकारी आपसी मिलीभगत से गरीब हितग्राहियों को योजनाओं से वंचित कर रहे हैं।

जवाबदेही और कड़ी कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर तत्काल कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए,

ताकि भविष्य में कोई भी पात्र हितग्राही अपने अधिकार से वंचित न हो और शासन की योजनाओं का सही लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके।

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