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प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत सरकार सिक्किम लोगों के साथ एकजुटता खड़ी है राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने में नहीं छोड़ रही है कसर

भारत सरकार नई दिल्ली

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत सरकार सिक्किम लोगों के साथ एकजुटता खड़ी है राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने में नहीं छोड़ रही है कसर

(पढिए राजधानी एक्सप्रेस न्यूज़ की सच्ची खबरें)

(गृह मंत्रालय)

गृह राज्य मंत्री श्री अजय कुमार मिश्रा ने सिक्किम का दौरा किया

भारत सरकार सिक्किम की स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है और राज्य को सभी आवश्यक समर्थन और सहायता दी जा रही है

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह नुकसान के पैमाने और बचाव एवं राहत कार्यों के संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री के साथ लगातार संपर्क में हैं

अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम जमीनी वस्तुस्थिति का जायजा लेने, नुकसान का आकलन करने और जहां भी आवश्यक हो सहायता प्रदान करने के लिए रविवार 8 अक्टूबर से राज्य का दौरा करेगी

प्रविष्टि तिथि: 07 OCT 2023

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार सिक्किम के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ी है और राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। हिम झील आवेग बाढ़ (ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड, जीएलओएफ)/बादल के फटने /अचानक बाढ़ की घटना के एक दिन के भीतर, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने गृह राज्य मंत्री श्री अजय कुमार मिश्रा को सिक्किम का दौरा करने के लिए नियुक्त किया।

श्री अजय कुमार मिश्रा कल रात गंगटोक पहुंचे और आज सुबह गंगटोक में मुख्य सचिव और राज्य सरकार के संबंधित विभागों के प्रमुखों तथा सेना, आईटीबीपी, बीआरओ, एनएचआईडीसीएल और एनएचपीसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री ने कहा कि भारत सरकार सिक्किम की स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है और राज्य को सभी आवश्यक समर्थन और सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह नुकसान के पैमाने और बचाव एवं राहत कार्यों के संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री के साथ लगातार संपर्क में हैं।

 

गृह राज्यमंत्री ने आगे बताया कि भारत सरकार ने एक अंतर-मंत्रालयी केन्द्रीय टीम का गठन किया है जिसमें भारत सरकार के पांच मंत्रालयों यानी कृषि, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, जल शक्ति, ऊर्जा और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। यह टीम जमीनी स्थिति का जायजा लेने, नुकसान का आकलन करने और जहां भी आवश्यक हो सहायता प्रदान करने हेतु रविवार, 8 अक्टूबर से राज्य का दौरा करेगी।

केन्द्रीय राज्यमंत्री ने आगे बताया कि केन्द्र सरकार ने राज्य को तत्काल बचाव, राहत और सामान्य स्थिति बहाल करने में समर्थ बनाने हेतु 2023-24 के लिए आवंटित एसडीआरएफ की अग्रिम मंजूरी दे दी है।

 

केन्द्रीय राज्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने राज्य सरकार के अधिकारियों से क्षतिग्रस्त/ध्वस्त हो चुके बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के कार्य को प्रभावी ढंग से पूरा करने हेतु यथासंभव कम समय में एक अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक योजना तैयार करने का आग्रह किया।

इससे पहले, सिक्किम के मुख्य सचिव ने केन्द्रीय राज्यमंत्री को 4 अक्टूबर की सुबह से लेकर अब तक के घटनाक्रमों और नुकसान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने केन्द्रीय राज्यमंत्री को सड़क तथा दूरसंचार, पानी एवं बिजली जैसे अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को हुए व्यापक नुकसान से अवगत कराया। उन्होंने हताहतों की संख्या और राहत शिविरों की स्थिति के बारे में भी जानकारी दी। इसके अलावा, उन्होंने सेना, एनडीआरएफ, बीआरओ, आईटीबीपी तथा अन्य सभी एजेंसियों के साथ सक्रिय समन्वय करते हुए राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे विभिन्न कदमों का एक विस्तृत सारांश प्रस्तुत किया।

इससे पहले आज केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय कुमार मिश्रा ने राजभवन में सिक्किम के राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से मुलाकात की और इस संकट का सामना करने में केंद्र सरकार की ओर से राज्य को हर संभव सहायता मुहैया कराने का आश्वासन दिया।

दोपहर में श्री मिश्रा ने बर्डोंग स्थित उस सैन्य शिविर का दौरा किया जहां सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री 8 अक्टूबर को सिक्किम के मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और प्रभावित क्षेत्रों व राहत शिविरों का दौरा करेंगे।

आईटीबीपी ने 3 अक्टूबर की रात से ही बचाव अभियान शुरू कर दिया और 175 से अधिक लोगों को बाहर निकाला और वे अपने विभिन्न शिविरों से राहत केंद्र चला रहे हैं। 40 व्यक्ति उन क्षेत्रों में फंसे हुए थे जहां संपर्क टूट गया था। उन्हें अत्यधिक दुर्गम इलाके से होते हुए बचाया गया और केबल व रस्सियों के माध्यम से उबड़-खाबड़ रास्तों और नदियों के मार्ग से निकाला गया। इसके अलावा छह लोगों को बचाया गया, जो बांध की सुरंग के दूसरी तरफ फंसे हुए थे। 16,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित ज़ानक में 68 लोग फंसे हुए थे और सभी को सुरक्षित बचाकर गोमा के आईटीबीपी शिविर लाया गया। चार फंसे हुए परिवारों को आईटीबीपी के लाचुंग बीओपी में लाया गया और जहां वे शिविर में हैं।

 

एनडीआरएफ की चार टीमें भी तैनात हैं और उन्होंने 178 लोगों को बचाया है। पर्यटकों को सुविधा दी जा रही है कि वे लाचुंग और आईटीबीपी तथा भारतीय सेना के दो अलग-अलग स्थानों से सैटेलाइट फोन पर अपने रिश्तेदारों से संपर्क कर पाएं। भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर मौसम के रुख़ के हिसाब से हवाई बचाव करने के लिए स्टैंड-बाय पर तैनात हैं। सेना के जवान ज़रूरी खोज और बचाव उपकरणों के साथ बहाली कार्य में राज्य प्रशासन की सहायता कर रहे हैं।

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