*जैतहरी/कम से कम लागत लगाकर ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाने की हवस ने मजदूर का जान ले ली है*

जैतहरी,सुरक्षा सुविधा की कमी,लेली मजदूर साथी का जान —- जुगुल राठौर
रिपोर्टर – (संभागीय ब्यूरो चीफ) चंद्रभान सिंह राठौर
जैतहरी/कम से कम लागत लगाकर ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाने की हवस ने मजदूर का जान ले ली है।
उक्त विचार संयुक्त ठेकेदारी मजदूर यूनियन के अध्यक्ष कामरेड जुगल किशोर ने देते हुए बताया कि मोजर बेयर पावर प्लांट के प्रभावित खातेदार फूलबाई राठौर के पति का आज सुबह निधन हो गया। बताया जाता है कि प्रभावित खातेदार के पति नंद कुमार राठौर का आज सुबह 6:00 बजे बिलासपुर के हॉस्पिटल में निधन हो गया। एक स्वस्थ एवं कम उम्र का मजदूर साथी का इस दुनिया से जाना अत्यंत दुखद घटना है। किंतु कम से कम लागत लगाकर ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाने की हवस ने एक हंसता खिलखिलाता परिवार को उजाड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि हमारे युनियन बारंबार सुरक्षा सुविधा एवं सुव्यवस्थित चिकित्सा व्यवस्था की मांग करते रहे है किंतु जिला प्रशासन मध्य प्रदेश सरकार एवं मोजर बेयर पावर प्लांट के प्रबंधन की मिलीभगत के कारण आज भी श्रमिकों को सुरक्षा सुविधा एवं चिकित्सा का समुचित इंतजाम की कमी देखा जा रहा है ।
ञङङ न्यायालय कलेक्टर के आदेश के बाद भी खातेदारों को स्वास्थ्य कार्ड अभी तक उपलब्ध नहीं करवाया गया है। अस्पताल के सामने तैनात कम्पनी के सुरक्षा गार्ड अच्छे लोगों को प्रवेश नहीं देते तो सर्व साधारण लोगों को कौन पूछने वाला है, मात्र कागजी घोड़ा दौड़ा कर खाना पूर्ति कर लिया जाता है और मजदूर को अपनी जान देकर के कीमत चुकाना पढ़ रहा है एवं उनका खेलता खिलखिलाते परिवार अनाथ की जिंदगी गुजारने के लिए मजबूर हो जाते है।
अनूपपुर जिला में बड़े – बड़े राजनैतिक दल के विधायक सांसद एवं मंत्री लोग इतना सब कुछ होने के बाद भी अपना चुप्पी नहीं तोड़ रहे हैं, और एक-एक करके मजदूर अपनी जान गवा रहे हैं। बोट और नोट के पुजारियों का आखिर कब नींद से जागेंगे यह वाकया एक सपना जैसे दिखाई दे रहा है ।
कहने के लिए लोकहित में एवं विकास के लिए सीएसआर की राशि होती है जिसका कि कोई हिसाब लेने वाला नहीं है। कि इतनी बड़ी राशि आखिर कहां किस जगह पर और कितना खर्च किया जा रहा है कोई पूछने वाला नहीं है ।जब कभी भी कानूनी सुविधाएं की मांग कोई भी व्यक्ति रखता है उठाता है उस निर्दोश व्यक्ति के खिलाफ एक साजिश के तहत फर्जी मुकदमा कायम कर उसे जेल भेज कर प्रताड़ित करवाए जाते हैं ताकि कानून सम्मत मांग कोई भी व्यक्ति ना उठा सके और कंपनी प्रबंधन की लूट भ्रष्टाचार एवं बेईमानी बेरोकटोक चलता रहे। यह इस जिला वासियों के लिए दुर्भाग्य की बात है।




