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*ग्रामीण वासियों ने पंचायत कर्मियों पर लगाया फर्जी हाजिरी भरने का आरोप एवं पंचायत सचिव को हटाने के लिए लगाई न्याय की गुहार*

तहसील भरतपुर जिला कोरिया छत्तीसगढ़

*ग्रामीण वासियों ने पंचायत कर्मियों पर लगाया फर्जी हाजिरी भरने का आरोप एवं पंचायत सचिव को हटाने के लिए लगाई न्याय की गुहार*

(पढ़िए कोरिया जिला से ब्यूरो चीफ रामकृपाल प्रजापति की रिपोर्ट)

कोरिया जिला के जनपद क्षेत्र भरतपुर के ग्राम पंचायत खमरौध का मामला जहां विगत कुछ दिन पूर्व गांव के मजदूरों ने ग्राम पंचायत में चल रहे फर्जी हाजिरी को लेकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी भरतपुर से लिखित शिकायत की थी जहां ब्यौरा दिया गया था कि 2018-2019 से ग्राम पंचायत खमरौध मैं सरपंच सचिव और रोजगार सहायक के द्वारा लगातार मनरेगा में फर्जी हार्दिक भरी जा रही है और गरीब मजदूरों से उनका हक छीना जा रहा है. जिस पर ग्रामीण मजदूरों के द्वारा फर्जी हाजिरी का प्रमाण भी आवेदन के साथ लगाया गया था. मगर अधिकारियों की मिलीभगत के कारण आज तक फर्जी हाजिरी पर रोक नहीं लगाई गई.

*ग्रामीणों ने खमरौध के सचिव को हटाने की मांग*
वही ग्राम पंचायत के लोगों के द्वारा 3 जून 2022 को भी दोबारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नाम एक लिखित शिकायत की गई जिस पर लिखा गया कि ग्राम पंचायत के सचिव के द्वारा मनमानी तरीके से पंचायत के कार्य को ठेके से करवाया जा रहा है जिसमें मनरेगा के कार्य भी शामिल हैं. लेकिन यह काम ठेके से करवाने के बावजूद नगद भुगतान ना करके जहां ग्राम पंचायत का कार्य नहीं चलता या जहां मजदूरों ने काम किया ही नहीं है वहां पर उनका फर्जी मस्टररोल निकलवा कर पैसा दिया जाता है.

वही गांव के कुछ ऐसे भी व्यक्ति हैं जो मनरेगा के तहत कार्य करने कभी गया ही नहीं उनकी भी हाजिरी मनरेगा द्वारा दी जा रही है. इस मामले में ग्रामीणों द्वारा पूछे जाने पर रोजगार सहायक द्वारा कहा जाता है कि सचिव के द्वारा फर्जी हाजिरी भरने के लिए कहा गया है. इतना ही नहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मजदूरों को मनरेगा के मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित होना पड़ रहा है.
मगर आज 20 दिन बीत जाने के बावजूद भी मुख्य कार्यपालन अधिकारी के द्वारा किसी प्रकार से कोई जांच नहीं की गई जिससे फर्जीवाड़ा करने वाले कर्मचारियों के मनोबल बढ़ते जा रहे हैं.

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