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*शा.उच्च.मा.विद्यालय भाद के अतिरिक्त भवन की राशि पूर्व सचिव एवं सरपंच ने डकारे..?*

अनुपपूर जिला मध्य प्रदेश

शा.उच्च.मा.विद्यालय भाद के अतिरिक्त भवन की राशि पूर्व सचिव एवं सरपंच ने डकारे..?

रिपोर्टर – चंद्रभान सिंह राठौर संभागीय ब्यूरो चीफ

*इंट्रो – 16 वर्ष पूर्व सर्व शिक्षा अभियान के तहत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भाद में तत्कालीन ग्राम पंचायत निर्माण एजेंसी के जिम्मेदार सचिव नेकराम एवं पूर्व सरपंच अमोल सिंह की जोड़ी मिल कर शासकीय राशि को डकारा ,आधा अधूरा अतिरिक्त भवन भवन बनाकर पूरी राशि की गोल, 4 लाख का खंडहर भवन मौत को दे रहा दावत, बड़ी दुर्घटना को को दिया जा रहा निमंत्रण, आखिर भ्रष्टाचारी तत्कालीन सचिव सरपंच सरपंच से अब तक राशि की वसूली क्यो नहीं कराई गई, मामले का खुलासा होते ही जनपद बदरा के जिम्मेदार अधिकारी सहित भ्रष्ट आचरण के अधिकारी पूरे मामले की लीपापोती करने में जुटे*

रिपोर्टर – चंद्रभान सिंह राठौर संभागीय ब्यूरो चीफ

कोतमा / जिले के कुछ भ्रष्ट आचरण के मठाधीश अधिकारी जनप्रतिनिधि ही शासकीय कार्यालय में विराजमान होकर दिमक की तरह लग कर खोखला किया जा रहा है। विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचारी अधिकारी ही शासकीय राशि पर हेराफेरी कर सही मायने में विकास पर ग्रहण लगा रहे हैं। ग्राम पंचायतों के शासकीय दफ्तरों में ज्यादातर भ्रष्ट आचरण के अधिकारी आज विराजमान हो गए है शासकीय राशि का दुरुपयोग कर खुद मालामाल हो रहे हैं और शासन को अच्छी खासी चपत लगा रहे हैं अपनी अपनी जेब भरने के चक्कर में शासकीय पैसे की लूट मची है।

अनूपपुर जिले के कुछ भ्रष्ट आचरण के शासकीय नौकरशाह सचिव व पटवारी ही भ्रष्टाचार के सही जन्मदाता है।वही धीर धीरे पग पग भ्रष्टाचार पनपता जा रहा है,भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सरकार कई एजेंसियां तैनात कर रखे हो लेकिन कुछ भ्रष्टाचारी शासकीय नौकरशाह जनप्रतिनिधि की ऊंची पहुंच पकड़ के आगे सरकार के मंसूबे पर पानी फेर दिया जाता है।

अनूपपुर जनपद पंचायत मुख्यालय बदरा अंतर्गत ग्राम पंचायत भाद में भ्रष्टाचार चरम पर पैर पसार रखा है जिन हाथों में ग्राम पंचायत की खजाने की चाबी है, वही जिम्मेदार ग्राम पंचायत के खजाने पर डाका डालकर शासकीय राशि को गमन कर बैठे हैं।

शा.उच्च.मा. विद्यालय भाद में अतिरिक्त भवन निर्माण राशि का बंदरबांट –

ग्राम पंचायत भाद में वर्ष 2005-6 में सर्व शिक्षा अभियान अनूपपुर के तहत आदिम जाति कल्याण विभाग शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भाद विकासखंड जिला अनूपपुर परिषद में चार कमरे का अतिरिक्त भवन बनाने के लगभग 4 लाख रुपये स्वीकृति होकर ग्राम पंचायत के खाते पर आई उस समय के तत्कालीन पूर्व सरपंच अमोल सिंह एवं तत्कालीन सचिव निकराम केवट ने 2005-06 में विद्यालय परिषद अतिरिक्त भवन निर्माण शुरू तो किया किंतु आधा अधूरा कार्य करके पूरी राशि ही डकार ली गई।शासन के नौकरशाह एवं क्षेत्र के जनप्रतिनिधि शासकीय पैसे की अमानत में खयानत करने में लगे रहते हैं तो ऐसे में कैसे लगेगा भ्रष्टाचार पर लगाम। कार्य शुरू होने के लगभग 16 वर्ष बाद भी विद्यालय में अधूरा पड़ा अतिरिक्त भवन बनकर तैयार नहीं हो सका। भ्रष्ट आचरण के अधिकारी जनप्रतिनिधियों के आगे उच्च पदों में विराजमान जिम्मेदार अधिकारी भी धृतराष्ट्र बनकर भ्रष्टाचार करने की मौन स्वीकृति प्रदान कर देते हैं तभी तो बिना डर भय के शासकीय पैसे की हेराफेरी बेधड़क कार्य को अंजाम देते हैं,ऐसे भ्रष्टाचारी कुछ दिनों में ही शासकीय राशि का गमन कर पूंजीपति धन्ना सेठ बन बैठते हैं। भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले ऐसे नौकरशाह सचिव व जनप्रतिनिधियों पर कार्यवाही की गाज आज तक नहीं आती बल्कि भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए नए-नए तौर तरीके खोज कर बचाने का प्रयास चलता है।

4 लाख का अतिरिक्त खंडहर भवन मौत को दे रहा दावत –

ग्राम पंचायत भाद आदिम जाति कल्याण विभाग शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भाद विकासखंड अनूपपुर परिषद में वर्ष 2005-06 में सर्व शिक्षा अभियान के तहत लगभग 4 लाख रुपये की लागत से अतिरिक्त भवन निर्माण करने की राशि स्वीकृत हुई निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत भाद के तत्कालीन पूर्व सरपंच वर्तमान सरपंच पति अमोल सिंह एवं तत्कालीन पूर्व सचिव निकराम केवट( वर्तमान सचिव शिकारपुर) द्वारा भ्रष्टाचार की सभी परिकष्टा पार कर शासकीय राशि गबन करने का अच्छा खासा खेल खेला। ग्राम पंचायत से निर्माण कार्य की संपूर्ण राशि 4 लाख आहरित कर मात्र ईट से अतिरिक्त भवन की दीवाल खड़ा कर पूरी रकम हजम कर ली गई 16 वर्ष बाद भी अतिरिक्त भवन की छत की ढलाई नही हुई, दीवाल की छपाई जिससे धीरे धीरे विद्यालय में बनी अतिरिक्त भवन की दीवारें खंडहर में तब्दील होती चली गई। दीवाल में लगे बीम अपने आप धराशाई होकर गिर रहे हैं दीवारों के ईटे पूरी तरह से गल चुके हैं। वर्ष 2010 में स्कूल पर पड़ने वाले एक ननिहाल बच्चा अतिरिक्त खंडहर भवन का मलबा गिरने से मध्यान भोजन लेते वक्त बाल बाल बचा था उस घटना के उपरांत भी विद्यालय के पूर्व प्राचार्यो ने कोई सबक अब तक नहीं सीखा,जिसके कारण आज भी विद्यालय परिषद में अतिरिक्त खंडहर भवन खड़ा मौत को दावत दे रहा कभी भी विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं के साथ अप्रिय घटना घटित हो सकती है। क्या बड़ी घटना के बाद ही जिम्मेदार हरकत में आएंगे या फिर समय रहते जिम्मेदार इस खंडहर भवन को धरा शाही कर अतिरिक्त भवन निर्माण एजेंसी के जिम्मेदारो पर शासकीय राशि की रिकवरी वसूली कर दोषी तत्कालीन सचिव व पूर्व सरपंच के विरुद्ध आखिर कब होगी कानूनी कार्यवाही या फिर पुराने ढर्रे पर ही भ्रष्टाचार की जांच कछुए की चाल चलती रहेगी। ग्राम पंचायत भाद में कुछ भ्रष्टाचारियों को बचाने का खेल आज भी चल रहा है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भाद में अतिरिक्त भवन बनाने के नाम पर शासकीय पैसे का गमन करने वाले जिम्मेदारों के विरुद्ध सीएम हेल्पलाइन में शिकायत तो होती हैं किन्तु जिम्मेदार अधिकारी भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने के बजाय शिकायतकर्ता से शिकायत वापस लेने का दबाव डालकर पूरे मामले पर पर्दा डाला जाता है उससे पता चलता है कि भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी मजबूत है।

इनका कहना है –

मैं अभी नए नए ग्राम पंचायत भाद में पदस्थ होकर आया हूं, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भाद में अतिरिक्त भवन आधा अधूरा निर्माण कार्य की जानकारी मुझे नहीं है ,नाही भवन निर्माण शासकीय राशि गवन करने की कोई जानकारी है, उपरोक्त मामले की सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज हुई पता चला।

लल्लू केवट
सचिव ग्राम पंचायत भाद

इनका कहना हैं –

इसके पूर्व विद्यालय के कई प्राचार्य के कार्यकाल में अतिरिक्त भवन खंडहर में तब्दील होकर आधा अधूरा ऐसे ही पड़ा रहा, कुछ दिनों पहले ही विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य के पद पर पदस्थ हूं, विद्यालय परिषद में खड़े खंडहर भवन से बड़ी दुर्घटना हो सकती है, आधा अधूरा अब तक क्यो पड़ा रहा, किस व्यक्ति ने विद्यालय के अतिरिक्त भवन की राशि गवन की मुझे जानकारी नहीं है ,अधिकारियों को उपरोक्त संबंध में जानकारी देकर पूरे मामले से अवगत कर आऊंगी।

अंजली सिंह
प्रभारी प्राचार्य
शा.उच्च मा. विद्यालय भाद विकासखंड अनूपपुर

इनका कहना है –

मेरे ही कार्यकाल में ग्राम पंचायत निर्माण एजेंसी द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भाद में लगभग 4 लाख रुपये स्वीकृति राशि हुई थी, आधा अधूरा अतिरिक्त भवन निर्माण कार्य सरपंच द्वारा कराया गया था, अतिरिक्त भवन निर्माण कार्य का मूल्यांकन 2 लाख 70 हजार का हुआ था,जिसमें 2 लाख भुगतान किया गया था, बाकी शेष राशि पूर्व सरपंच भाद अमोल सिंह ने आहरित कर ली गई थी, मेरा इस पर कोई लेना देना नहीं, कई बार शासकीय राशि गवन करने के मामले में मैंने उच्च अधिकारियों सहित पूर्व सरपंच अमोल सिंह को पत्राचार किया था, उपरोक्त मामले की शिकायत कुछ दिनों पहले ही सीएम हेल्पलाइन में हुई थी ,जिसका निपटारा व निराकरण आज ही हुआ है, शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत वापस ले ली।

निक राम केवट
पूर्व सचिव भाद एवं वर्तमान सचिव शिकारपुर

इनका कहना है –

जैसे ही मैं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भाद परिषद में वर्ष 2005-6 अतिरिक्त भवन बनवा रहा था उसी वक्त चुनाव हो गया जिस कारण से अतिरिक्त भवन निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका, 2 लाख 70 हजार रूपये का निर्माण कार्यों का मूल्यांकन उपयंत्री द्वारा किया गया था।किंतु 2 लाख रुपये ही कार्य का भुगतान किया गया था ।बाकी शेष राशि मैं उस समय की वर्तमान ग्राम पंचायत के सरपंच व सचिव को वापस कर दिया था मैने किसी प्रकार की शासकीय राशि गवन नहीं की है ,मेरे ऊपर जो भी आरोप प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं वह सब झूठ निराधार है।

अमोल सिंह
पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत भाद

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