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*महिला पत्रकार ने कहा की भ्रष्टाचारियों के खिलाफ मुद्दे को उठाने का मतलब है मौत को गले लगाने के बराबर है*

अनुपपुर जिला मध्यप्रदेश

महिला पत्रकार बयान भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाना मतलब मौत को गले लगाना

ऐसी पत्रकारिता नही करना मुझे, अगर मुझे और मेरे परिवार को कुछ हुआ तो नेता, कर्मचारी, अधिकारी होंगे जिम्मेदार

संभागीय ब्यूरो चीफ

अनूपपुर/राजनगर

एक पत्रकार महिला ने पत्रकारिता जगत में कई वर्षों से काम कर रही है उन्होंने आज अपनी आप बीती सोशल मीडिया में शेयर की है जिसे देखकर लगता हैं कि भ्रष्टाचार सब पर भारी है सत्य की सुना था सत्य की जीत देर से होती है मगर यहाँ पर सत्य को पैरों तले रौंदकर उसकी जीत को रोकने में कुछ लोग शामिल होकर रोज नित नए नए हथकंडे अपना रहे है जो कि गलत है मगर उन्ही का बोलबाला है और अपने सामने किसी को टिकने नही देना चाहते वो जो कर रहे हैं सही कर रहे हैं और उनके सामने जो कोई भी आएगा वो बलि का बकरा बनाकर हलाल कर देंगे

मैं सुमिता शर्मा सभी को मेरा नमस्कार हमने एक बहुत बड़ी भूल कर दी कि हमें नगर परिषद का मुद्दा उठाया हमको नहीं मालूम था कि अपने ही हमारे दुश्मन हो जाएंगे

हम स्वतंत्र पत्रकारिता करे तो जान का खतरा और पत्रकारिता अच्छे से न करे तो पत्रकार बिकाऊ हैं एक मे जान का खतरा एक मे बिकाऊ का मेडल इसीलिए आज से मेरे द्वारा नगर परिषद को लेकर कोई भी खबर नहीं लगाई जाएगी क्योंकि मुझे परिषद से ज्यादा अपना परिवार प्यारा है ना मुझे नगर परिषद में नौकरी करनी है और ना मुझे कोई मतलब जो अभी हमारे भाई नगर परिषद में नौकरी कर रहे हैं

वह भी हमारे अपने ही हैं उनके लिए हमने मुद्दा उठाया था लेकिन हम को नहीं पता था कि इसमें हम ही दुश्मन बन जाएंगे इसलिए आज से हम नगर परिषद की लड़ाई यहीं खत्म करते हैं क्योंकि अब हम और हमारा परिवार सुरक्षित नहीं है

अगर हम को और हमारे परिवार को कुछ हो जाता है तो इस मामले में जिम्मेदार होंगे, चाहे वह नेता हो जाए अधिकारी हो‌ कर्मचारी हो सब जवाबदार होंगे हमने भी एक गरीब का नाम दिया था आज उस बात के लिए भी हम को ब्लैकमेल किया जा रहा है हो सके तो हमको माफ करना क्योंकि मुझे अपने परिवार की सुरक्षा पहले हैं। और पत्रकारिता बाद में ऐसी पत्रकारिता क्या करना जिसमे हम और हमारा परिवार सुरक्षित नही।

भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाना क्या गलत है जो लड़ाई हम लोग लड़ रहे हैं वह बेरोजगार युवक के लिए लड़ रहे हैं जो इस क्षेत्र में रहते हैं उनकी लड़ाई में हम शामिल होकर उनकी आवाज बुलंद करने का जो बीड़ा हमने उठाया था उसको यही पर समाप्त कर रहे है हमको इस क्षेत्र के बेरोजगार युवक माफ कर देना हम अब आप लोगो का साथ नही दे सकते।

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