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*पोड़ी गेहूं खरीदी केंद्र में किसानों के साथ किया जा रहा है अत्याचार, तहसीलदार मानवेंद्र सिंह ने जांच का दिया आश्वासन*

तहसील मैहर जिला सतना मध्यप्रदेश

*पोड़ी के गेहूं खरीदी केंद्र किसानों के साथ किया जा रहा है अत्याचार, तहसीलदार मानवेंद्र सिंह ने जांच का दिया आश्वासन*

💥 *जनता की आवाज* 💥

*राजधानी एक्सप्रेस न्यूज़ – हलचल आज की*

*मैहर :-* तहसील मैहर के गेहूं खरीदी केंद्र पोड़ी मैं किसानों के साथ किया जा रहा अत्याचार नहीं है कोई साथ देने वाला‌। देखिए पोड़ी गेहूं खरीदी केंद्र में 2 उपार्जन केंद्र बेरमा और कुसेड़ी और दोनों ही खरीदी केंद्रों में किसानों के साथ जुल्म किया जा रहा है लेकिन वहां बोलने वाला कोई नहीं।

मामला तहसील मैहर के पौड़ी गांव के पास स्थित गेहूं उपार्जन केंद्र का है जहां किसान कई दिनों से लाइन में लगा हुआ है लेकिन अब तक उसकी तौलाई नहीं हुई है और व्यापारियों की तौलाई पहले से की जा रही है। बात करें यदि बेरमा समिति की तो वहां पर लापरवाही का ऐसा अंबार है कि वहां समिति प्रबंधक नजर ही नहीं आते हैं सभी काम कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है और कर्मचारी भी ऐसा कह रहे हैं कि किसानों से 50 किलो 200 ग्राम की जगह पर 50 किलो 900 ग्राम और यहां तक कि 51 किलो तक अनाज भराया जा रहा है। यदि कोई गलती से समिति प्रबंधक का पता पूछ ले तो उसे दर-दर भटकना पड़ जाएगा लेकिन समिति प्रबंधक का मिलना तो मुश्किल ही है। वहां के ऑपरेटर साहब भी ठीक तरह से जानकारी देने में भी हिचकिचाते हैं।

अगर बात करें गेहूं खरीदी केंद्र कुसेड़ी की तो वहां तो किसान दर दर की ठोकर खा रहा है और तो और इतने अत्याचार और जुल्म सह रहा है कि क्या कहने। कुसेड़ी गेहूं खरीदी केंद्र में किसानों से ₹3 प्रति बोरी तौलाई और ₹1 प्रति बोरी छपाई ली जाती है और तो और जहां प्लास्टिक की बोरियों में 50 किलो 200 ग्राम अनाज लेना चाहिए वहां 50 किलो 500 ग्राम तक लिया जा रहा है। समिति प्रबंधक की इतनी लापरवाही पाई जा रही है जिसका जिम्मेदार वह स्वयं को भी नहीं मानते हैं।

बात करें सर्वेयर कि तुम उसकी लापरवाही इस कदर छाई हुई है कि सर्वेयर होते हुए भी ना तो गेहूं में नमी की जांच की जाती है और ना ही गेहूं की जांच की जाती है। गेहूं में मिले कंकड़ पत्थर अकड़ी मटेरा और निम्न क्वालिटी का गेहूं भी सब भर लिया जाता है इस पर सर्वेयर की नजर नहीं जाती है। जब सर्वेयर के बारे में पूछा जाता है तो सभी कर्मचारी फोन लगाते रह जाते हैं लेकिन उसका कोई पता नहीं चलता है।

गेहूं खरीदी केंद्र कुसेड़ी में तो सभी अपने आप में अफसर बने हुए हैं वहां के प्रभारी एक तो अपने प्रभार में गलती करवाते हैं और ऊपर से सीनाजोरी भी करते हैं। साथ ही पत्रकारों से सवाल पूछने पर बदतमीजी भी करने लगते हैं।

इन सब पर भी समिति प्रबंधक रम्मू प्रसाद पटेल मोहन रहते हैं और उनका कहना है कि इन सब का जिम्मेदार हम नहीं है यह सब लापरवाही लेबर के कारण हो रही है। लेकिन महाशय लेबर के कारण जो समस्या किसानों को भुगतनी पड़ रही है उसका जिम्मेदार कौन होगा। लेबर की लापरवाही के कारण किसानों पर प्रति बोरी 300 ग्राम अनाज मार दिया जाता है उसका जिम्मेदार कौन होगा।

इन्हीं सभी संदेशों एवं सवालों के घेरे में खड़ा है पौड़ी का खरीदी केंद्र। जब इसके बारे में तहसीलदार मानवेंद्र सिंह से चर्चा की गई तो उन्होंने इस पर जांच कर सख्त कार्यवाही का आश्वासन दिया है परंतु देखना अब यह है कि मेहर का शासन प्रशासन इस पर क्या एक्शन लेता है और किसानों को हो रहे जुल्म से किस प्रकार से मुक्ति दिला पाता है।

*ब्यूरो चीफ रितिक साहू के साथ तहसील मैहर से राजेश लोनी की रिपोर्ट✍️✍️✍️✍️✍️*

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