जोलगी पंचायत में महीनों से खराब ट्रांसफार्मर, ग्रामीणों में आक्रोश
तहसील भरतपुर जिला मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़

जोलगी पंचायत में महीनों से खराब ट्रांसफार्मर, ग्रामीणों में आक्रोश
(पढिए जिला एमसीबी ब्यूरो चीफ मनमोहन सांधे की खास खबर)
तीन दिन में सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
एमसीबी जिला, भरतपुर विकासखंड।
छत्तीसगढ़ राज्य के एमसीबी जिले के भरतपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत जोलगी में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पिछले कई महीनों से चरमराई हुई है। गांव में लगा ट्रांसफार्मर लंबे समय से खराब पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार शिकायतों के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है, जिससे ग्रामवासियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर खराब होने से घरों में अंधेरा छाया रहता है, पेयजल व्यवस्था प्रभावित हो रही है तथा किसानों की सिंचाई संबंधी गतिविधियां भी बाधित हो रही हैं। इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में बिजली न रहने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुखमंती सिंह ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि विभाग द्वारा नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर स्थापित कर विद्युत आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।

वहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है, तब से भ्रष्टाचार खुलकर हो रहा है और अधिकारी-कर्मचारी आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उनका कहना है कि विभाग को कई बार लिखित एवं मौखिक सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिवस के भीतर ट्रांसफार्मर की मरम्मत या नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर विद्युत आपूर्ति सुचारु नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ग्रामीणों ने मांग की है कि विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारी तत्काल स्थल निरीक्षण कर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करें, ताकि गांव में सामान्य जनजीवन पुनः पटरी पर लौट सके।




