पीएम श्री शासकीय प्राथमिक पाठशाला माथमौर का निरीक्षण, सरपंच व ग्रामीणों ने परखी व्यवस्थाएं
तहसील भरतपुर जिला मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़

पीएम श्री शासकीय प्राथमिक पाठशाला माथमौर का निरीक्षण, सरपंच व ग्रामीणों ने परखी व्यवस्थाएं
(पढिए जिला एमसीबी ब्यूरो चीफ मनमोहन सांधे की खास रिपोर्ट)
मध्यान्ह भोजन से लेकर पढ़ाई तक व्यवस्था संतोषजनक, बच्चों ने उठाई शौचालय व्यवस्था की मांग
स्टाफ की कमी से शिक्षण कार्य प्रभावित, शासन-प्रशासन से जल्द समाधान की अपील
छत्तीसगढ़ राज्य के जिला एमसीबी अंतर्गत भरतपुर विकासखंड के पीएम श्री शासकीय प्राथमिक पाठशाला माथमौर में विद्यालय की शैक्षणिक एवं मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेने हेतु सरपंच राजू सिंह, ग्राम पंचायत सदस्यों एवं ग्रामवासियों द्वारा संयुक्त रूप से निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्कूल में बच्चों को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं, मध्यान्ह भोजन, साफ-सफाई, उपस्थिति एवं पढ़ाई की स्थिति को विस्तार से देखा गया।
निरीक्षण दल ने विद्यालय परिसर में पहुंचकर कक्षा संचालन, बच्चों की उपस्थिति, शिक्षकों की व्यवस्था और स्कूल के वातावरण की स्थिति पर चर्चा की। इस दौरान विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों ने संतोष व्यक्त किया, वहीं कुछ आवश्यक सुधारों की मांग भी सामने आई।

मध्यान्ह भोजन: मेनू चार्ट के अनुसार मिल रहा भोजन
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि विद्यालय में बच्चों को शासन द्वारा निर्धारित मेनू चार्ट के अनुसार नियमित रूप से मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। भोजन की गुणवत्ता एवं वितरण व्यवस्था की भी जांच की गई। ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों को समय पर भोजन मिल रहा है और बच्चे भी भोजन को लेकर संतुष्ट नजर आए।
विद्यालय में मौजूद बच्चों से संवाद करते हुए सरपंच एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने उनसे पढ़ाई, भोजन और अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। बच्चों ने बताया कि उन्हें पुस्तकें, यूनिफॉर्म, मध्यान्ह भोजन जैसी सरकारी सुविधाएं समय पर मिल रही हैं, जिससे पढ़ाई में मदद मिल रही है।
बच्चों ने रखी शौचालय व्यवस्था सुधारने की मांग

निरीक्षण के दौरान बच्चों ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि स्कूल में अधिकांश सुविधाएं ठीक हैं, लेकिन शौचालय (टॉयलेट) व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
बच्चों का कहना था कि यदि शौचालय की साफ-सफाई एवं नियमित देखरेख बेहतर हो जाए तो स्कूल में वातावरण और अधिक सुविधाजनक बन सकता है।
ग्रामवासियों ने भी इस बात पर सहमति जताते हुए कहा कि बच्चों की सुविधा और स्वास्थ्य को देखते हुए शौचालय व्यवस्था में सुधार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस विषय पर प्राथमिकता के साथ कदम उठाए जाएं।
शिक्षिका की मांग: स्टाफ की कमी से होती है परेशानी
निरीक्षण के दौरान विद्यालय की शिक्षिका/मैडम से भी बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि विद्यालय में बच्चों की संख्या के अनुसार स्टाफ की कमी महसूस होती है, जिससे कई बार शिक्षण कार्य में अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि विद्यालय में अतिरिक्त शिक्षक/कर्मचारी की व्यवस्था की जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई बेहतर तरीके से संचालित हो सके और स्कूल की अन्य जिम्मेदारियां भी सुचारू रूप से पूरी हो सकें।

ग्रामीणों ने कहा—विद्यालय की व्यवस्था अच्छी, सुधार की जरूरत कुछ बिंदुओं पर
निरीक्षण के बाद पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने कहा कि विद्यालय में शासन की योजनाओं का लाभ बच्चों तक पहुंच रहा है, यह एक सकारात्मक पहल है।
हालांकि, बच्चों की सुविधा और विद्यालय के बेहतर संचालन हेतु कुछ आवश्यक बिंदुओं पर ध्यान देना जरूरी है, विशेषकर—
* टॉयलेट व्यवस्था में सुधार एवं नियमित साफ-सफाई
* स्टाफ की पूर्ति
* विद्यालय की बुनियादी आवश्यकताओं को समय पर पूरा करना
सरपंच राजू सिंह ने प्रशासन से की अपील
सरपंच राजू सिंह ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप स्कूल में बच्चों को सुविधाएं मिल रही हैं
लेकिन बच्चों के भविष्य को देखते हुए शौचालय व्यवस्था एवं स्टाफ की कमी जैसे मुद्दों पर तुरंत समाधान होना चाहिए।
उन्होंने संबंधित विभाग एवं शासन-प्रशासन से आग्रह किया कि विद्यालय की मांगों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाए जाएं।




