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कोयलारा पंचायत में पीएम जन-मन सड़क निर्माण में गुणवत्ता पर उठे सवाल

तहसील भरतपुर जिला मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़

कोयलारा पंचायत में पीएम जन-मन सड़क निर्माण में गुणवत्ता पर उठे सवाल

(पढिए जिला एमसीबी ब्यूरो चीफ मनमोहन सांघे की खास खबर)

बिना रोलर-बेलन व पानी के हो रहा कार्य, ग्रामीणों ने जताया विरोध

शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं, जांच कर दोषियों पर सख्त कदम की मांग

कोयलारा (जिला एमसीबी, छत्तीसगढ़) भरतपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कोयलारा में प्रधानमंत्री जन-मन योजना अंतर्गत बन रही सड़क के निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण में मानक के अनुरूप कार्य नहीं किया जा रहा, जिससे निर्माण की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और शासन की महत्वपूर्ण योजना पर लापरवाही साफ दिखाई दे रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में जिस प्रकार गिट्टी, मुरूम, साइडर सहित अन्य सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, वह तय पैमाने और तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं है। इसके चलते भविष्य में सड़क के जल्दी खराब होने की आशंका जताई जा रही है।

बिना रोलर-बेलन और पानी के किया जा रहा कार्य

स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क निर्माण में जो पटरी (लेयर) डाली जाती है, उसे रोलर/बेलन मशीन से ठीक तरीके से दबाया नहीं जा रहा। इतना ही नहीं, कई स्थानों पर बिना पानी डाले कार्य किया जा रहा है, जबकि सड़क निर्माण में मजबूती और टिकाऊपन के लिए कम्पैक्शन प्रक्रिया बेहद जरूरी मानी जाती है।

ग्रामीणों ने बताया कि यदि इसी प्रकार जल्दबाजी और लापरवाही से कार्य कराया गया तो सड़क की मजबूती कम होगी और कुछ समय में ही सड़क उखड़ने, गड्ढे बनने व टूट-फूट जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं।

ग्राम पंचायत सदस्य और ग्रामीणों ने किया विरोध

सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्राम पंचायत सदस्य एवं ग्रामवासी एकजुट होकर विरोध करते हुए दिखाई दिए। ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और मांग की कि काम मानक अनुसार कराया जाए।

ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा मनमानी तरीके से कार्य कराया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

ग्रामीणों का कहना है कि मामले की जानकारी कई बार उच्च अधिकारियों को फोन के माध्यम से दी गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी आरोप लगाया कि शासन की महत्वपूर्ण योजना होने के बावजूद संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी लापरवाही बरत रहे हैं, जिससे सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका बढ़ रही है।

पूरे जिले में पीएम जन-मन सड़क निर्माण पर निगरानी की मांग

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि केवल कोयलारा ही नहीं, बल्कि जिले में अन्य स्थानों पर बन रही पीएम जन-मन सड़कों के निर्माण में भी लापरवाही की शिकायतें सामने आती रही हैं।
उन्होंने मांग की कि जिले में चल रहे सभी पीएम जन-मन सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच कराई जाए और निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री व तकनीकी प्रक्रिया की सख्ती से निगरानी हो।

ग्रामीणों की मांग: उच्च स्तरीय जांच व ठेकेदार पर कार्रवाई

ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि—

* पीएम जन-मन सड़क निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए
* निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए
* दोषी पाए जाने पर ठेकेदार एवं जिम्मेदार कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई हो
* सरकारी राशि के संभावित दुरुपयोग की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए
* भविष्य में गुणवत्ता से समझौता करने वालों पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते कार्य की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया और प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे आगे विरोध-प्रदर्शन व आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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