जिला कटनी के ग्रामीण क्षेत्रों में गौशालाओं में मवेशियों की हो रही दुर्दशा
कटनी जिला मध्य प्रदेश

जिला कटनी के ग्रामीण क्षेत्रों में गौशालाओं में मवेशियों की हो रही दुर्दशा
(पढिए जिला कटनी ब्यूरो चीफ ज्योति तिवारी की खास खबर)
जिला कटनी ग्रामीण क्षेत्रों की गौशालाओं में मवेशियों की हो रही दुर्दशा न तो व्यवस्थित शेड और न ही पशु आहार की व्यवस्था
जिला कटनी के ग्रामीण क्षेत्रों में गौशालाओं में मवेशियों की हो रही दुर्दशा।
जिले के संबंधित अधिकारियों समेत वन विभाग अमला एवं तहसील स्तर के पशु चिकित्सक भी संलिप्त। पशुओं के साथ हो रहे
इस अन्याय मे अधिकारियों की संलिप्तता की जानकारी मिली जहाँ संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और डोर डॉक्टर समेत लेन देन कर मामले को दबाना व दरकिनार करना।
गौशाला की अनुदान राशि का चंदा बाँटने मे व्यस्त गौशाला संचालक नही सता रहा किसी प्रकार का सरकार के नियम अधिनियमों का डर। खुले में मवेशियों को घसीट कर फेंकने से लेकर बिना पशु आहार के रखना मवेशियों को।
पशु आहार के फ़र्ज़ी बिलों का सिलसिला जारी जानकारी के अनुसार न तो पशु आहार दिया जाता साथ ही जी. एस. टी. बिल के लिए जोर शोर से ताकत लगाते गौ शाला संचालक।

वहीं गौ शाला मे मवेशियों की संख्या देखकर मानो डोर डॉक्टर भी अंजान जो ख़ुद पंजीयन करते हैं
मवेशियों का । मवेशियों की संख्या सिर्फ़ राशि के उद्देश से बढ़ाया जा रहा और सुविधा की बात की जाए तो 200 मवेशियों की जगह पर 600 मवेशियों का पंजीयन सिर्फ़ डोर डॉक्टर और संबंधित अधिकारियों की सह से किया जा रहा। वहीं गौ शाला का क्षेत्र वन विभाग के अंतर्गत और विवादित जमींन मे बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार
जिला कटनी के जमुआनि कलां गौशाला का हाल कुछ ऐसा है और संबंधित अधिकारी ले- देकर नज़र अंदाज़ कर रहे।
जिले की तमाम गौ शालाओं मे वही रवैय्या व्यापार के रूप में उभर रहा गौशाला संस्थान जिम्मेदार व संबंधित विभाग चुप्पी साधकर बैठे।




