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राज्य सरकार ने एक वर्ष में 1000 से अधिक भूखण्ड उद्यमियों को किए आवंटित

जिला भोपाल मध्य प्रदेश

राज्य सरकार ने एक वर्ष में 1000 से अधिक भूखण्ड उद्यमियों को किए आवंटित

(पढिए राजधानी एक्सप्रेस न्यूज़ हलचल आज की सच्ची खबरें)

मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई उड़ान

राज्य सरकार ने एक वर्ष में 1000 से अधिक भूखण्ड उद्यमियों को किए आवंटित

एमएसएमई निवेश प्रोत्साहन एवं संवर्धन 2025 कार्यक्रम में 200 करोड़ की अनुदान राशि का वितरण

भोपाल, 13 अक्टूबर | आरएनएस न्यूज़ रिपोर्ट
मध्यप्रदेश सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।
बीते एक वर्ष में राज्य सरकार ने 1000 से अधिक भूखण्ड (Industrial Plots) उद्यमियों को आवंटित किए हैं,

जिससे प्रदेश में औद्योगिक विस्तार और रोजगार सृजन की गति को नया बल मिला है।

700 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को 200 करोड़ की अनुदान राशि

आज भोपाल में आयोजित “एमएसएमई निवेश प्रोत्साहन एवं संवर्धन 2025” कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 700 से अधिक उद्यमियों को लगभग 200 करोड़ रुपये की अनुदान राशि का वितरण किया गया।
यह राशि उद्योगों की स्थापना, विस्तार, और नवीन तकनीकी निवेश को प्रोत्साहन देने हेतु दी गई है।

राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर जिले में स्थानीय संसाधनों और कौशल के अनुरूप उद्योग स्थापित हों, जिससे ग्रामोन्मुख औद्योगिक विकास का मॉडल साकार हो सके।

स्टार्टअप्स को मिला प्रोत्साहन — नवाचार की दिशा में बड़ा कदम

कार्यक्रम में 80 से अधिक स्टार्टअप्स को भी करीब 1 करोड़ रुपये की अनुदान राशि प्रदान की गई।

इन नवोद्यमों को राज्य सरकार ने “मेक इन मध्यप्रदेश” अभियान का आधार बताते हुए कहा कि प्रदेश का भविष्य नवाचार, आत्मनिर्भरता और युवा उद्यमिता पर टिका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि,
हमारा लक्ष्य केवल निवेश बढ़ाना नहीं, बल्कि हर युवा को आत्मनिर्भर बनाना है। स्टार्टअप्स आज नए भारत की रीढ़ बन रहे हैं, और मध्यप्रदेश इसमें अग्रणी भूमिका निभा रहा है।”

237 उद्यमियों को मिला भू-आवंटन पत्र और उद्यम क्रांति योजना का लाभ

इस अवसर पर **237 उद्यमियों को औद्योगिक भू-आवंटन पत्र (Land Allotment Letters) प्रदान किए गए।
साथ ही मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को हितलाभ भी वितरित किए गए।

इस योजना के माध्यम से युवाओं को व्यवसाय शुरू करने हेतु कम ब्याज दर पर ऋण एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

मध्यप्रदेश बनेगा एमएसएमई हब — उद्योग मंत्री चैतन्य काश्यप

कार्यक्रम में उद्योग मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि राज्य सरकार ने बीते वर्ष में जो उद्योग नीति लागू की है, उसने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि –

मध्यप्रदेश अब केवल कृषि प्रधान राज्य नहीं रहा, बल्कि यह देश के उभरते हुए औद्योगिक केंद्रों में से एक बन चुका है। अगले पाँच वर्षों में हम 10,000 से अधिक नए उद्योग स्थापित करने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार ‘ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ पर लगातार काम कर रही है, ताकि उद्यमियों को तेज़ अनुमोदन, पारदर्शी प्रक्रियाएँ और सरल कर नीतियों उपलब्ध हो सके।

रोज़गार और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम

राज्य सरकार का अनुमान है कि इन निवेश प्रोत्साहन योजनाओं से अगले दो वर्षों में 50,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

कार्यक्रम में शामिल उद्यमियों ने राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में उद्योग लगाने की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक सरल, सुरक्षित और सहयोगी बनी है।

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