Breaking Newsअन्य राज्यआगराइंदौरइलाहाबादउज्जैनउत्तराखण्डगोरखपुरग्राम पंचायत बाबूपुरग्वालियरछत्तीसगढ़जबलपुरजम्मू कश्मीरझारखण्डझाँसीदेशनई दिल्लीपंजाबफिरोजाबादफैजाबादबिहारभोपालमथुरामध्यप्रदेशमहाराष्ट्रमेरठमैनपुरीयुवाराजस्थानराज्यरामपुररीवालखनऊविदिशासतनासागरहरियाणाहिमाचल प्रदेशहोम

प्रशासनिक अधिकारियों की सहमति से यूरिया खाद की काला बाजारी, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी

थाना विजयराघवगढ़ जिला कटनी मध्य प्रदेश

प्रशासनिक अधिकारियों की सहमति से यूरिया खाद की काला बाजारी, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी

(पढिए जिला कटनी ब्यूरो चीफ ज्योति तिवारी की खास खबर)

जाँच पड़ताल में सामने आया बड़ा खेल – गोदामों में भरा स्टॉक, बाजार में गायब खाद

विजयराघवगढ़ कटनी
हमारी पड़ताल में यह चौंकाने वाला सच सामने आया है कि किसानों की जिंदगी और मेहनत से खिलवाड़ खुलेआम हो रहा है।

जिला प्रशासन के नाक के नीचे यूरिया और खाद की काला बाजारी का बड़ा खेल चल रहा है। मौसम ने किसानों का साथ दिया, लेकिन व्यापारी और अफसरों की मिलीभगत ने उनकी उम्मीदें तोड़ दीं।

गोदामों में खाद का अंबार, किसान खाली हाथ
जाँच के दौरान पता चला कि बाजार से यूरिया पूरी तरह गायब कर दी गई है।

वहीं कई व्यापारियों के गोदामों में स्टॉक भरा पड़ा है। सूत्रों के अनुसार, यह खाद चोरी-छुपे 10 गुना अधिक दाम पर बेची जा रही है।

गरीब किसानों की पहुँच से खाद को दूर कर दिया गया है और अधिकारी इस पर आँखे मूँदकर बैठे हैं।

प्रशासन की भूमिका संदिग्ध
प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। अधिकारी भली-भांति जानते हैं कि गोदामों में खाद है,

लेकिन कार्रवाई करने के बजाय वे दिखावटी छापामारी तक ही सीमित हैं। किसान संगठनों का आरोप है कि यह पूरा खेल जिला प्रशासन की सह और संरक्षण में चल रहा है।

सब्जियों पर भी कालाबाजारी का शिकंजा
हमारी जाँच में यह भी सामने आया कि केवल खाद ही नहीं बल्कि सब्जियों और अन्य जरूरी वस्तुओं की भी कालाबाजारी हो रही है। व्यापारी जानबूझकर गोदामों में माल रोक देते हैं और बाजार में महँगाई का कृत्रिम संकट खड़ा कर देते हैं।

यही कारण है कि आम जनता सब्जियां चार गुना दाम पर खरीदने को मजबूर है।

किसानों की आवाज, अगर कार्रवाई नहीं हुई तो करेंगे आंदोलन
किसानों का कहना है कि बरसात ने तो उन्हें जीवनदान दिया, लेकिन प्रशासन और व्यापारियों की सांठगांठ ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया।

किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगाकर खाद की उपलब्धता नहीं कराई गई, तो वे सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।

किसानों की मांगें व सुझाव कालाबाजारी करने वाले व्यापारियों पर कड़ी कार्यवाही हो।

खाद का वितरण सरकारी दरों पर सुनिश्चित किया जाए।गोदामों की नियमित जाँच हो और स्टॉक सार्वजनिक किया जाए।

सब्जियों एवं आवश्यक वस्तुओं की महँगाई पर नियंत्रण हेतु सख्त कदम उठाए जाएँ।दोषी अधिकारियों पर भी जिम्मेदारी तय कर सजा दी जाए।

यदि प्रशासन ने समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए, तो यह काला खेल न केवल किसानों की फसल बर्बाद करेगा

बल्कि आम जनता की रसोई पर भी सीधा हमला साबित होगा।

Related Articles

Back to top button