जिला सतना पहुंचे रीवा कमिश्नर बीएस जामोद, विकास कार्यों और बाढ़ प्रबंधन की ली समीक्षा की बैठक
सतना जिला मध्य प्रदेश

जिला सतना पहुंचे रीवा कमिश्नर बीएस जामोद, विकास कार्यों और बाढ़ प्रबंधन की ली समीक्षा की बैठक
(पढिए राजधानी एक्सप्रेस न्यूज़ हलचल आज की सच्ची खबरें)
मध्य प्रदेश सतना रीवा संभाग के आयुक्त *श्री बी.एस. जामोद* मंगलवार को सतना दौरे पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले सर्किट हाउस में अधिकारियों से मुलाकात कर जिले की मौजूदा प्रशासनिक स्थिति की जानकारी ली।
इसके पश्चात नगर निगम सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें उन्होंने *शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं*, *निर्माण कार्यों*, *विभागीय गतिविधियों* एवं *बाढ़ से निपटने की तैयारियों* की विस्तार से समीक्षा की।
बैठक में कमिश्नर जामोद ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने *प्रधानमंत्री आवास योजना*, *स्वच्छ भारत मिशन*, *अमृत योजना*, *जल जीवन मिशन*, *मुख्यमंत्री सड़क योजना* और *नालों की सफाई* जैसे विषयों पर गहन चर्चा की। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में चल रहे *निर्माण कार्यों की गुणवत्ता* और *समयसीमा* पर विशेष ध्यान दिया जाए।

आयुक्त ने मानसून को देखते हुए संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सूची तैयार करने, नालियों की समय पर सफाई कराने और आपातकालीन व्यवस्थाओं के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय रखने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने शहरी जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि जलभराव वाले इलाकों की पहचान कर त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक में नगर निगम आयुक्त, कलेक्टर प्रतिनिधि, नगर पालिका अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग समेत कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के बाद कमिश्नर *श्री बीएस जामोद* ने शहर में चल रहे *विकास एवं निर्माण कार्यों का स्थल निरीक्षण* भी किया। उन्होंने सड़कों, पुलों, नालियों, एवं पेयजल आपूर्ति से जुड़ी परियोजनाओं को देखा और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि “विकास कार्यों में लापरवाही या देरी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनहित सर्वोपरि है, इसलिए सभी अधिकारी फील्ड में जाकर खुद निरीक्षण करें और काम की गुणवत्ता की नियमित मॉनिटरिंग करें।”
यह दौरा नगर प्रशासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आगामी बारिश के मौसम में शहर को जलभराव और बाढ़ से बचाने की दिशा में समय रहते उठाए गए कदम ही राहत का कारण बन सकते हैं।




