भरतपुर मलगडोल पंचायत में अवैध रेत का उत्खनन जारी, प्रशासनिक की चुप्पी पर ग्रामीणों का फूटा आक्रोश
तहसील भरतपुर जिला मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़

भरतपुर मलगडोल पंचायत में अवैध रेत का उत्खनन जारी, प्रशासनिक की चुप्पी पर ग्रामीणों का फूटा आक्रोश
(पढिए जिला एमसीबी ब्यूरो चीफ मनमोहन सांधे की सच्ची खबरें)
छत्तीसगढ़ राज्य भरतपुर
विकासखंड एमसीबी जिला भरतपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत मलगडोल में अवैध रेत उत्खनन जोर-शोर से जारी है।
शासन-प्रशासन की चुप्पी और ग्राम पंचायत की निष्क्रियता को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत को रेत उत्खनन पर निगरानी रखनी चाहिए, लेकिन इस मामले में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी जा रही है।
ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या को जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुखमनती सिंह को अवगत कराया। उनकी पहल पर आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष श्री रमा शंकर मिश्रा ‘रज्जू भाई’ एवं अन्य कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

मौके पर खुलेआम नियमों का उल्लंघन
स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा निरीक्षण के दौरान पाया गया कि क्षेत्र में बिना अनुमति के भारी मात्रा में रेत का भंडारण किया जा रहा है।
ओक लैंड मशीन और जेसीबी के माध्यम से बड़े पैमाने पर खुदाई कर रेत का अवैध उठाव किया जा रहा है। यह सब कार्य बिना किसी वैध परमिशन के किया जा रहा है, जो स्पष्ट रूप से कानून का उल्लंघन है।
सरकार के दावों पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्तमान सरकार ने रेत माफिया पर सख्ती का वादा किया था
लेकिन भाजपा सरकार के कार्यकाल में डराकर-धमकाकर अवैध रेत उठाव कराए जा रहे हैं। यह स्थिति सरकार की कथनी और करनी में अंतर को उजागर करती है।

ग्रामीणों की मांग
ग्रामवासियों ने रेत खदान में हो रही अनियमित और अंधाधुंध खुदाई को लेकर कड़ा विरोध जताया है। उनकी मांग है कि प्रशासन तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करे, जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कदम उठाए और अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो क्षेत्रीय पर्यावरण, जलस्तर और कृषि पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
मलगडोल पंचायत में रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और शासन-प्रशासन की चुप्पी ने स्थिति को और भी चिंताजनक बना दिया है।
अब देखना यह होगा कि स्थानीय प्रशासन और शासन इस अवैध गतिविधि पर क्या कदम उठाते हैं, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।




