जिला कलेक्टर एवं एसपी निर्देशानुसार एसडीएम अस्पताल बदबू मार रहे शवों को पोस्टमार्टम के बाद दफ़न करवाकर निभाई अहम भूमिका
दमोह जिला मध्य प्रदेश

जिला कलेक्टर एवं एसपी निर्देशानुसार एसडीएम अस्पताल बदबू मार रहे शवों को पोस्टमार्टम के बाद दफ़न करवाकर निभाई अहम भूमिका
(पढ़िए सागर संभागीय ब्यूरो चीफ पुरुषोत्तम साहू की खास खबर)
मध्य प्रदेश के अंतर्गत दमोह जिले में अलग-अलग हुई दो घटनाओं में और तीसरे अज्ञात व्यक्ति की बीमारी से मौत हो जाने पर तीनों के शव जिला अस्पताल के शव ग्रह में सुरक्षित रखवा दिए गए थे, दमोह पुलिस चाह रही थी कि जल्द ही दफनाने और अंतिम संस्कार की कार्रवाई हो जाए, लेकिन उनका अंतिम संस्कार और दफनाने की कार्रवाई नगर पालिका कर्मियों को करना थी
, लेकिन नगर पालिक सफाई कर्मियों की हड़ताल होने के कारण उनका अंतिम संस्कार और दफनाने की कार्रवाई नहीं की गई. बता दे की तीनों अज्ञात व्यक्तियों के शव में कीड़े लग जाने और बदबू आने से जिला अस्पताल में अफरा-तफरी जैसे माहौल बने थे. दमोह के कलेक्टर मयंक अग्रवाल और दमोह पुलिस अधीक्षक सुनील तिवारी को खबर लगते ही तत्काल जिला पुलिस-प्रशासन को निर्देशित किया,
जहां एसडीएम दमोह आरएल बागरी, तहसीलदार मोहित जैन और पुलिस अधिकारियों ने संज्ञान में लेकर तत्काल नगर पालिका के कर्मियों को निर्देशित किया, जब कहीं तीनों अज्ञातों के शव के पंचनामा भरकर एवं पोस्टमार्टम करवाई करने के बाद अंतिम संस्कार और दफनाने की कार्रवाई सोमवार देर शाम तक की गई.
बता दे कि पहला मामला देहात थाना क्षेत्र आने वाली सागर नाका चौकी रेलवे ट्रैक पर मिले अज्ञात व्यक्ति की मौत हो जाने पर सागर नाका चौकी प्रभारी शिवांगी गर्ग, एएसआई विजय चौबे,प्रधान आरक्षक रतिराम, आरक्षक भोला ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए रवाना किया. तो वहीं दूसरा मामला जिले के तारादेही थाना क्षेत्र में अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से तारादेही थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक मुकुल ने पहुंच कर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कार्रवाई की.
*डॉक्टर और कर्मियों ने दी सहभागिता*
पोस्टमार्टम कार्रवाई में जिला अस्पताल में पदस्थ डयूटी रत डॉक्टर तन्मय दुआ ने बिना देर किए तत्काल ही सहयोगी मुन्ना बाल्मिक और उमेश के साथ पोस्टमार्टम कराकर शव पुलिस को सुपुर्द किए.
इसके बाद तहसीलदार मोहित जैन, जितेंद्र राय ओएसडी नगर पालिका, भागीरथ शर्मा नगर पालिका कर्मचारी संघ अध्यक्ष की उपस्थिति में शहर के जटाशंकर स्थित श्मशान घाट में नगर पालिका की जेसीबी के माध्यम से नवीन, चंद्रभान और मानक ने गड्ढे कराकर दोनों अज्ञात शव को दफनाने की कार्यवाही की गई.
*युवाओ ने मिसाल पेश कर अनाथ का किया अंतिम संस्कार*
अज्ञात व्यक्ति इधर-उधर से आकर दमोह में डेरा डाल लेते है, ऐसा ही एक मामला अज्ञात व्यक्ति की मौत हो जाने के बाद सामने आया है.
बता दे कि 13 जून 23 को दमोह के अस्पताल चौराहा स्थित मानस भवन के सामने अपना रहवास कर गुजारा कर रहा गुलाब चंद्र पिता दयालीराम रैकवार उम्र 68 वर्ष जब बीमार हो गया, तो उसे दमोह के युवा प्रकाश गोस्वामी ने मानवीयता का परिचय देते हुए जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया था,
जहां दमोह जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में इलाज चल रहा था. इस दौरान 1- 2 अक्टूबर की रात्रि मौत हो जाने पर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम करवाई जिला अस्पताल चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक शुभनारायण यादव द्वारा की गई, इसके बाद दमोह के युवाओं ने ठाना कि जब अपन सब भर्ती, देखभाल कर सकते है, तो क्यों ना इसका अंतिम संस्कार करें.
जहां दमोह वन मंडल अधिकारी महेंद्र सिंह उईके और रेंजर दमोह विक्रम चौधरी के निर्देशन में डिपो में पदस्थ वन विभाग अधिकारी श्री अवस्थी द्वारा अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी की व्यवस्था की गई. जहां युवाओं में पं.जेपी मिश्रा,अजय राज, अमन खरे, इसराइल खान, प्रकाश गोस्वामी, अर्जुन ठाकुर, आकाश,देव सिंह, जीशान और भी साथियों ने बिना सोचे देरी किए जटाशंकर स्थित श्मशान घाट में पूरी क्रियाओं के साथ वृद्ध का अंतिम संस्कार कराकर मिसाल पेश की.







