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जिला कलेक्टर ने आरटीओ को दिए निर्देश आज से सभी स्कूली बसों की जांच होनी चाहिए शूरु

भोपाल जिला मध्य प्रदेश

*जिला कलेक्टर ने आरटीओ को दिए निर्देश आज से सभी स्कूली बसों की जांच होनी चाहिए शूरु*

(पढ़िए मध्य प्रदेश हेड राजमणि पांडे की रिपोर्ट)

कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने प्रायवेट स्कूलों के प्राचार्यों के साथ बैठक की

बच्चों की सुरक्षा स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी

बसों में बच्चों को सुरक्षा के सभी प्रबंध करना अनिवार्य

कलेक्टर ने आरटीओ को निर्देश दिए सभी स्कूल बसों की जांच आज से शुरू होंगी

ड्रेस, कॉपी, किताब के लिए एक दुकान को अधिकृत नहीं कर सकते

कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने जिले के निजी विद्यालयों के प्राचार्य और प्रबंधन के साथ बैठक में निर्देश दिए कि बच्चों को घर से लेने के बाद उनकी सुरक्षा को जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की है। बच्चों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम बसों में अनिवार्य रूप से किए जाए। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग और आरटीओ के द्वारा जारी सभी निर्देशों का बस संचालकों और स्कूल प्रबंधन को पालन करना होंगा।

कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने शुक्रवार कलेक्टर कार्यालय में आयोजित बैठक में 70 से अधिक स्कूल के प्राचार्य, प्रबंधक और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने सभी स्कूल की बसों में सीसीटीवी कैमरे, महिला अटेंडेंट, फर्स्ट एड बॉक्स की व्यवस्था हो, छोटे बच्चों को स्कूल से वापस घर छोड़ते समय उनके पालकों को सुपुर्द किया जाए ऐसे ही सड़क पर नही छोड़ा जाए, आरटीओ, राजस्व अधिकारी शनिवार सुबह से ही शुरू बसों की जांच करेंगे। इसके साथ ही फिटनेस की जांच भी की जाएंगी। इसके साथ ही बसों के ड्राइवर का पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाए और उनकी जानकारी भी पालकों से शेयर की जाए, बस में चलने वाले सभी स्टाफ की जानकारी और आई डी कार्ड अनिवार्य रूप से रखा जाए।

जिन पालकों के द्वारा पूल बनाकर निजी वाहन से बच्चो को स्कूल भेजा जा रहा है। उनकी जानकारी भी स्कूल प्रबंधन को रखना होंगी।

कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने निर्देश दिए कि स्कूल प्रबंधन, ड्रेस, किताब और अन्य सामग्री के लिए मोनोपाली नही कर सकते है, शहर में कम से कम तीन से अधिक दुकानों पर सभी स्कूल की सामग्री मिलना चाहिएं, इसके लिए किसी भी एक दुकान को अधिकृत नहीं किया जा सकता है।

कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि अपने क्षेत्रों में इसके लिए जांच समिति बनाकर जांच कराई जाए और ऐसे स्कूल प्रबंधन को सूची संधारित कर भेजी जाए।

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