*आशाओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल 30वें दिन भी जारी*
अनुपपुर जिला मध्य प्रदेश

आशाओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल 30वें दिन भी जारी
आक्रोश रैली निकाल कर आशाओं ने जताया सरकार के खिलाफ आक्रोश
रिपोर्टर – सी.एस. राठौर (संभागीय ब्यूरो चीफ) के साथ विकास सिंह राठौर
अनूपपुर/प्राप्त जानकारी अनुसार जीने लायक वेतन दिये जाने की मांग को लेकर आशा ऊषा आशा सहयोगी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर प्रदेश की आशा ऊषा पर्यवेक्षकों की हड़ताल 30 वें दिन भी जारी रही। अनिश्चितकालीन हड़ताल के 30वें दिन आशाओं ने अनूपपुर में आक्रोश रैली निकाल कर आशाओं के प्रति प्रदेश सरकार की अमानवीय, अन्यायपूर्ण एवं असम्मानजनक व्यवहार के प्रति जमकर आक्रोश जताया। इस दौरान अनूपपुर जिला में विशाल रैली निकाल कर जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और इंद्रियां में चौराहा मे प्रदर्शन करते हुये अपना विरोध जताया। बाद में एस डी एम कार्यालय में रैली पहुंच कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप कर आशा को 10,000 एवं पर्यवेक्षक को 15,000 रुपये तुरन्त दिये जाने की मांग की।
उल्लेखनीय है कि मातृ मृत्यु एवं शिशु मृत्ये को रोकने से लेकर महामारियों के रोकथाम एवं आमजनता की स्वास्थ्य की रक्षा में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अति विशिष्ट काम के माध्यम से विश्वस्वास्थ्य संगठन से ग्लोबल हेल्थ लीडर के 6 अंतर्राष्ट्रीय अवाडों से पुरस्कृत हो कर, दुनियां भर में नाम कमाने वाली मध्य प्रदेश की हजारों आशायें मात्र 2,000 रुपये की भुखमरी वेतन में काम करने के लिये विवश है।
न्यायपूर्ण वेतन दिये जाने की मांग को लेकर प्रदेश की आशायें वर्षों से लगातार आंदोलन कर रही है, लेकिन लाडली बहनों को ढूंढ कर बेगर किसी काम के राशि देने के लिये पूरे प्रशासन को लगाने वाले सरकार, आम लोगों के लिये दिन रात काम कर रही आशाओं एवं उनके परिवार की दर्द को समझने के लिये तैयार नही है। मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्य प्रदेश के द्वारा 24 जून 2021 को आशा को 10,000 एवं पर्यवेक्षकों को 15,000 रुपये निश्चित वेतन दिये जाने का अनुशंसा सरकार के पास भेजा, लेकिन सरकार ने इसे अभी तक लागू नही किया। इस अनुशंसा को लागू करने की मांग को लेकर प्रदेश की आशा ऊषा पर्यवेक्षक 15 मार्च 2023 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है।
प्रदेश भर में आशायें भीषण गर्मी में सडक के किनारे आंदोलन पर है, लेकिन सरकार जरा सा भी रहम नही दिखा रही है।
प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शन को संबोधित करते हुए आशाओं ने आरोप लगाया कि अन्य राज्य सरकारें आशाओं को अपनी ओर से अतिरिक्त वेतन देकर राहत पहुंचा रही है। आन्ध्र प्रदेश सरकार 8,000 रुपये अपनी ओर से मिलाकर 10,000 मानदेय दे रही है। इसी तरह अन्य राज्य सरकार भी अपनी ओर से अतिरिक्त वेतन दे रही है। लेकिन मध्य प्रदेश सरकार आशाओं को अपनी ओर से कुछ भी नहीं दे रही है।
आशायें लड़ रही है आरपार की लडाई
प्राप्त जानकारी अनुसार प्रदेश सरकार पिछले 16 वर्षों से आशा एवं पर्यवेक्षकों का अमानवीय शोषण कर रही है। इस भीषण महंगाई में भी सरकार आशाओं का वेतन बढ़ाने के लिये तैयार नहीं है। इसलिए प्रदेश की आशायें न्यायपूर्ण वेतन की मांग को लेकर सरकार से आर पार की लड़ाई में के मूड में है।
आशाओं ने यह तय किया है कि अब 16 वर्ष के बाद कुछ न कुछ दे कर निपटाने की बात नहीं चलेगा, जब तक आशाओं को जीने लायक वेतन सुनिश्चित नही करेगा, तब तक संघर्ष जारी रखा जावेगा। प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुये ममता विश्वकर्मा शैल जासवाल कपुरिया वर्मा शहरूख खान संगीता अंजू बंजारा राजेंद्र विश्वकर्मा आशा सहयोगी एकता यूनियन जिला समिति अनूपपुर (सीटू)के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार समर्थित एक यूनियन द्वारा आशाओं के वेतन के सम्बन्ध में सरकार से फिक्सींग करने का प्रयास कर रही है, जो आशा एवं उनके बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड है। यूनियन ने आशा व्यक्त किया कि 16 वर्षों तक निर्मम शोषण के बाद सरकार अब आशाओं का और शोषण को जारी रखने का प्रयास नही करेंगे।
15 अप्रैल को होगी मशाल प्रदर्शन
जीने लायक वेतन की मांग को लेकर आशा उषा संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश द्वारा आंदोलन की अगली कड़ी में 15 अप्रैल को प्रदेश भर में मशाल के साथ प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। सीटू के जिला महासचिव कामरेड इंद्रपती सिंह अपील किया कि संयुक्त मोर्चा आशा ऊषा आशा सहयोगी एकता यूनियन मध्य प्रदेश के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए अनूपपुर जिला मे आशा उषा पर्यवेक्षकों से न्याय मिलने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल को जारी रखे।
इंद्रपती सिंह महासचिव
सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन सीटू जिला समिति अनूपपुर,(म. प्र.)




