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*आखिर कौन है मास्टरमाइंड जिसके द्वारा कराया गया घोटाला, आखिर किनके अभयदान से हो रहा काम नाकाम*

अनुपपूर जिला मध्य प्रदेश

आखिर कौन है मास्टरमाइंड जिसके द्वारा कराया गया घोटाला, आखिर किनके अभयदान से हो रहा काम नाकाम

सभी हो सकते है मास्टरमाइंड नेताओ, अधिकारियों के सगे संबंधी या रिश्तेदार

बाहरी लोग खा रहे हैं मलाई, लोगो को नही मिल रहा छांछ जमकर हो रहा है विरोध

रिपोर्टर – संभागीय ब्यूरो चीफ

अनूपपुर/डोला

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के बाद ग्राम पंचायत डोला को नगर परिषद में तब्दील किया गया जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके वही नगर परिषद का दर्जा प्राप्त होते ही ग्राम पंचायत में पदस्थ सचिव के द्वारा फर्जीवाड़ा करते हुए अपने चहेतों को संविलियन के रूप में रखा। जब धीरे – धीरे इसकी जानकारी स्थानी लोगों को लगी तो उन्होंने इसका विरोध किया तो वही अपनी बुद्धि और विवेक लगाते हुए सभी को भ्रमित कर सचिव द्वारा दैनिक वेतन भोगी के रूप में कुछ लोगों को रखकर मामले को शांत करने का भी प्रयास किया गया कुछ दिनों तक मामला शांत रहा लेकिन जैसी पूरे मामले की जानकारी स्थानीय दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को पड़ी तो उन्होंने बाहरी कर्मचारियों का विरोध करना शुरू कर दिया है।

स्थानीय नेताओं ने साधी चुप्पी दैनिक कर्मचारियों ने किया विरोध

ग्राम पंचायत से नगर पंचायत में उन्नयन होने पर डोला में चोरी – छिपे कुछ तथाकथित नेताओं की संलिप्तता के आधार पर बाहरी लोगों को भर्ती कराते हुए स्थानीय लोगों को दरकिनार करते हुए मुख्यमंत्री के आदेश की अहवेलना कर नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से अपने रिश्तेदारों व चाहेतो को भर्ती करा कर यहां के गरीब व आदिवासी रहवासियों के साथ छल कर उनके अधिकारों पर डाका डालने का कार्य किया गया है मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार होने के बाद भी इन आदिवासियों के अधिकारों को बचाने के लिए सत्ता संगठन शून्य होता नजर आ रहा है।

बाहरी ब्यक्तियों का विरोध रहेगा जारी

स्थानीय दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों द्वारा बताया गया कि बाहरी व्यक्ति का हम सब 24 मार्च 2022 से लगातार विरोध कर रहे हम सभी कोरोना काल के दौरान अपनी व अपने परिवार की जान जोखम में डाल कर कार्य किये जो घर पर बैठकर पैसा लेते रहे आज अपना अपना मेडिकल लेकर परिषद में आ रहे है व अधिकारी बन रहे हैं हम सभी बाहरी व्यक्तियों का विरोध करते हैं और करते रहेंगे।

चुनिंदा कर्मचारी फेर रहे पानी

नगर परिषद डोला में दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्य कर रहे युवाओं का कहना है कि हमारे नगर परिषद डोला के 15 वार्ड में से जो भी लड़के व लड़कियों का संविलियन या दैनिक वेतन भोगी में नाम है हमारा विरोध उन लोगों से नहीं है हमारा विरोध सिर्फ और सिर्फ बाहरी व्यक्तियों से है जिनमें राजनगर, बिजुरी, डूमरकछार, कोतमा, भालूमाडा, पसान, अनूपपुर, बुढार,धनपुरी, शहडोल, जबलपुर के लोगों का है।हमारी मांग है कि शासन के द्वारा जो गाईड लाईन है कि स्थानीय युवाओं को पहली प्राथमिकता दी जाए लेकिन यहां पर बाहरी व्यक्तियों का आधार कार्ड वोटर आईडी में पता चेंज करा कर भर्ती किया गया है जिसकी जांच उच्च अधिकारियों द्वारा किये जाने पर पूरी हकीकत सामने आ सकती है।

अपने सगे संबंधी व रिश्तेदारों का किया गया संविलियन

ग्राम पंचायत डोला को नगर परिषद मे तब्दील के बाद कुछ दैनिक वेतन भोगी नगर परिषद डोला में रखे जाने थे जिसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जानी थी लेकिन स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता ना देकर ग्राम पंचायत के चुनिंदा कर्मचारियों के द्वारा अपने ही खास लोगों को दूरदराज से बुलाकर उन्हें नौकरी देने का काम किया गया एवं कुछ लोगों को मानदेय कर्मचारी, सफाई कर्मचारी,वाहन चालक, इलेक्ट्रिशियन,बनाकर फर्जी तरीके से मानदेय कर्मचारी बता कर संविलियन किया गया जोकि पूरी तरह से गलत है।

युवा कांग्रेस महिला शक्ति शिवसेना ने जम कर किया था विरोध

वही संविलियन के खिलाफ युवा कांग्रेस महिला शक्ति शिवसेना ने जिम्मेदार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए मुख्यालय में पुतला दहन कर जोर दार विरोध प्रदर्शन किया था जिसमें तीन सदस्यीय संयुक्त टीम गठित की गई और देर सबेर संयुक्त टीम के द्वारा जांच में नगर परिषद के मानदेय कर्मचारी व सरपंच दोषी पाए गए जिनके ऊपर गलत तरीके से संविलियन भर्ती के आरोप भी सिद्ध हुए और निलंबन की कार्यवाही भी की गई अभी भी जांच की प्रक्रिया समाप्त नहीं हुई है जांच अभी चल रही है।

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