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*आदर्श आचरण संहिता के संबंध में जिला पंचायत सीईओ ने त्रिस्तरीय पंचायत अमले को दिए निर्देश*

अनुपपूर जिला मध्य प्रदेश

आदर्श आचरण संहिता के संबंध में जिला पंचायत सीईओ ने त्रिस्तरीय पंचायत अमले को दिए निर्देश

रिपोर्टर :- संभागीय ब्यूरो चीफ

अनूपपुर/10 दिसम्बर 2021/

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हर्षल पंचोली ने जनपद पंचायत अनूपपुर, जैतहरी, कोतमा एवं पुष्पराजगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने जनपद पंचायत, ग्राम पंचायतों में त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन वर्ष 2021-22 हेतु लागू आदर्श आचरण संहिता का विधिवत् कड़ाई से पालन कराया जाना सुनिश्चित करें।

उन्होंने पंचायत के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को आदर्श आचरण संहिता का पालन करने हेतु निर्देशित किया है कि पंचायत कर्मचारियों को चुनाव के दौरान अपना कार्य पूर्ण निष्पक्षता से करना चाहिए और ऐसा कोई आचरण और व्यवहार नहीं करना चाहिए जिससे यह आभास हो कि वे किसी दल या अभ्यर्थी की मदद कर रहे हैं। निर्वाचन की घोषणा से निर्वाचन समाप्ति तक पंचायत के अधीन कोई नियुक्ति या स्थानांतरण नहीं किया जाना चाहिए, पंचायत क्षेत्र में किसी भी नये भवन का निर्माण, मौजूदा भवन में संवर्धन या परिवर्तन की अनुज्ञा नहीं दी जानी चाहिए। पंचायत क्षेत्र में किसी प्रकार के व्यवसाय या वृत्ति के लिए नवीन अनुज्ञप्ति नहीं दी जानी चाहिए। केवल पूर्व में प्रदत्त अनुज्ञप्तियों का नवीनीकरण पूर्व की तरह किया जा सकता है।

पंचायत क्षेत्र में किसी नयी योजना या कार्य के लिए स्वीकृति नहीं दी जानी चाहिए, वर्तमान सुविधाओं के विस्तार या उन्नयन का कोई कार्य (उदाहरण स्वरूप किसी सड़क को चौड़ा करना या डामरीकृत करना, नालियों को पक्का करना, नल-जल योजना का विस्तार करना, नये हैण्डपंप लगाना, नयी स्ट्रीट लाईट लगाना आदि) स्वीकृत या प्रारंभ नहीं किया जाना चाहिए। पहले से स्वीकृत किसी योजना का कार्य, जिसमें निर्वाचन की घोषणा होने तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ हो, प्रारंभ नहीं किया जाना चाहिए और किसी योजना अथवा जनोपयोगी सुविधा का शिलान्यास या उद्घाटन नहीं किया जाना चाहिए।

किसी संगठन या संस्था को किसी कार्यक्रम के आयोजन के लिए कोई सहायता या अनुदान स्वीकृत नहीं किया जाना चाहिए। पंचायत के खर्च पर ऐसा कोई विज्ञापन अथवा प्रचार सामग्री पैम्पलेट जारी नहीं की जानी चाहिए, जिसमें पंचायत की उपलब्धियों को प्रचारित या रेखांकित किया गया हो या जिसमें किसी अभ्यर्थी के पक्ष में मतदाताओं को प्रभावित करने में सहायता मिलती हो, पंचायतों के माध्यम से क्रियान्वित किए जाने वाले, परिवार समूह या व्यक्तिमूलक आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के अंतर्गत नए हितग्राहियों का चयन नहीं किया जाना चाहिए।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पंचोली ने निर्देश दिए हैं कि आदर्श आचार संहिता प्रभावशील होने की दशा में ग्राम पंचायतों में प्रगतिरत कार्य यथावत जारी रहेंगे। ऐसे कार्यों से संबंधित भुगतान के लिए ग्राम पंचायतों को खातों का संचालन ग्राम पंचायत सचिव एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक (कलेक्टर) द्वारा नामांकित अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से किए जायेंगे।

आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील होने की अवधि में ग्राम पंचायतों द्वारा कोई भी नवीन हितग्राही मूलक कार्य स्वीकृत अथवा प्रारंभ नहीं किये जा सकेंगे। इस अवधि में मजदूरों द्वारा कार्य की मांग करने पर ’’शेल्फ ऑफ प्रोजेक्ट’’ में शामिल रूपये 10.00 लाख तक की लागत के सामुदायिक कार्य मुख्य कार्यपालन अधिकारी, (कार्यक्रम अधिकारी) जनपद पंचायत द्वारा स्वीकृत कर प्रारंभ किये जा सकेगें।

ऐसा तभी किया जा सकेगा, जब उस पंचायत में चल रहे अथवा अपूर्ण कार्य पर मजदूरों को पर्याप्त अवसर मिलने के बाद भी कार्य के लिए इच्छुक मजदूरों की संख्या स्पष्टतः सामने आये। ऐसे कार्यों के लिए क्रियान्वयन एजेन्सी जनपद पंचायत रहेगी तथा समस्त भुगतान मुख्य कार्यपालन अधिकरी (कार्यक्रम अधिकारी) जनपद पंचायत द्वारा किया जावेगा।

यह व्यवस्था नव निर्वाचित ग्राम पंचायतों के प्रभार में आते ही स्वमेव तत्काल् समाप्त हो जायेगी, किन्तु इस अवधि में जनपद पंचायत द्वारा स्वीकृत सामुदायिक कार्यों को पूर्ण करने का उत्तरदायित्व क्रियान्वयन ऐजेन्सी जनपद पंचायत का ही होगा।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पंचोली ने निर्देश दिए हैं कि आवश्यकता पड़ने पर उक्तानुसार व्यवस्था जिला एवं जनपद पंचायतों के परिप्रेक्ष्य में भी लागू की जाना चाहिए।

किसी प्राकृतिक प्रकोप या दुर्घटना को छोडकर, जिसमें कि प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाना आवश्यक हो, निर्वाचन की घोषणा से लेकर निर्वाचन समाप्त होने तक की अवधि के दौरान पंचायत के किसी पदधारी (जैसे कि अध्यक्ष, उपाध्यक्ष आदि) के क्षेत्रीय भ्रमण को चुनाव दौरा माना जाना चाहिए और ऐसे दौरे में पंचायत के किसी कर्मचारी को उनके साथ न तो रहना चाहिए और न ही शासन अथवा पंचायत के वाहन या अन्य सुविधा का उपयोग किया जाना चाहिए।

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