*गीताबाई राठौर ने कलेक्टर के समक्ष लगाई गुहार तहसील जैतहरी के कार्यकाल पर उठाए सवालिया निशान*
तहसील जैतहरी जिला अनुपपूर मध्य प्रदेश

गीताबाई राठौर ने कलेक्टर के समक्ष लगाई गुहार
तहसील जैतहरी के कार्यकाल पर उठाए सवालिया निशान
जमीन को गलत तरीके से दूसरे के नाम पर करने का मामला
रिपोर्टर :- संभागीय ब्यूरो चीफ
अनूपपुर/जैतहरी
गीता बाई राठौर ने पुलिस अधीक्षक के साथ ही कलेक्टर के पास जाकर शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि अनूपपुर जिले के तहसील जैतहरी अन्तर्गत पटवारी हल्का गोरसी में फर्जी वा कूटरचित तरीके से लावल्द फौत व्यक्ति का वारिश बताकर हल्का पटवारी रामकृष्ण पनिका व तहसील जैतहरी के तहसीलदार के साथ षडयंत्र कर फौती दर्ज करा देने के संबंध में एफ.आई. आर. दर्ज कर निलंबन करने कि अपील की है।

गीता बाई राठौर ने तहसील जैतहरी के अधिकारी और पटवारी हल्का गोरसी के पटवारी पर आरोप लगाते हुवे कहा है कि ग्राम उमरिया पटवारी हल्का गोरसी, तहसील जैतहरी, जिला अनूपपुर,(मध्य प्रदेश) अन्तर्गत आराजी खसरा नंबर 08 रकवा 1.169 हेक्टेयर सुदीन उर्फ शिवनंदन पिता चतुरा राठौर की गैर हकदार भू स्वामित्व कि जमीन थी। शिवनंदन राठौर के कोई पुत्र नहीं थे। जो लावल्द फौत हो गया है। शिवनंदन राठौर का एक भाई दुलारे राठौर था। जिसकी एक पुत्री प्रार्थिगण कि मां चिरौजिया बाई थी। उक्त तथ्य ग्राम गोरसी द्वारा सेजरा प्रमाण पत्र में उल्लेखित है।

वहीं दूसरी ओर यह बात भी सामने आई कि इस कार्य में षडयंत्र कारियों द्वारा एक ओर शिवनंदन के भूमी को हड़पने कि फिराक में रामसिंह पिता शुक्लादीन द्वारा सुदीनराठौर को लावल्द फौत बताकर उसे अपने पिता का भाई बताया गया तो वहीं अपने आप को इनका एक मात्र वारिस बताने का दावा किया गया। दूसरी ओर पटवारी द्वारा सांठ – गांठ कर फर्जी दस्तावेज बनाते हुए अपने आप को नाती भी बताने का कार्य किया गया। पूरे कार्य में पिता, पुत्र, भाई, नाती बताने का फर्जी दस्तावेज तैयार कराया गया। रामसिंह के अलावा शुक्लादीन के दो पुत्र भारत और भुवनेश्वर पत्नी जोसिया बाई और पुत्री मौजूद है।

रामसिंह के प्रभाव में फर्जी कार्य कर पटवारी ने अपराधिक कृत्य किया है। तहसीलदार के ऑर्डर शीट, पटवारी प्रतिवेदन और सेजरा प्रमाण पत्र से यह सिद्ध होता है कि इधर के उधर कार्य किया गया है। गीता बाई राठौर पति केशव प्रसाद राठौर निवासी ग्राम पंचायत क्योंटार, थाना जैतहरी, तहसील जैतहरी, जिला अनूपपुर द्वारा पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर कार्यवाही कर एफ.आई.आर दर्ज करने और निलंबन करने कि अपील की गई है।




