ट्रांसफार्मर खराब, अंधेरे में डूबा मनौढ़ गांव बिजली संकट से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित, ग्रामीणों में आक्रोश
तहसील भरतपुर जिला मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़

ट्रांसफार्मर खराब, अंधेरे में डूबा मनौढ़ गांव
बिजली संकट से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित, ग्रामीणों में आक्रोश
(पढिए जिला एमसीबी ब्यूरो चीफ मनमोहन सांधे की खास खबर)
छत्तीसगढ़ राज्य के जिला एमसीबी अंतर्गत भरतपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत मनौढ़ इन दिनों गंभीर बिजली संकट से जूझ रही है। गांव में लंबे समय से ट्रांसफार्मर खराब पड़े होने के कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है
जिससे पूरा गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। इस समस्या का सबसे अधिक असर स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों पर पड़ रहा है, जिनकी इस समय परीक्षा की तैयारी चल रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली नहीं होने के कारण बच्चों को रात के समय पढ़ाई करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मोबाइल की टॉर्च या दीये के सहारे पढ़ाई करना मजबूरी बन गई है
जिससे बच्चों की आंखों पर भी बुरा असर पड़ रहा है। अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
गांव में कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर की स्थिति और भी खतरनाक बताई जा रही है। कुछ जगहों पर ट्रांसफार्मर के डब्बे खुले पड़े हैं तो कहीं ट्रांसफार्मर पूरी तरह से गायब है, जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इन खतरनाक हालातों पर ध्यान नहीं दिया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
सरकार एक ओर यह दावा कर रही है कि प्रदेश में हर जगह बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से चल रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट दिखाई दे रही है। मनौढ़ ग्राम पंचायत में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते न तो खराब ट्रांसफार्मर बदला गया और न ही अस्थायी व्यवस्था की गई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द खराब ट्रांसफार्मर को बदला जाए, खुले पड़े ट्रांसफार्मर बॉक्स को सुरक्षित किया जाए और गांव में नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
अब देखने वाली बात यह होगी कि शासन-प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है और कब तक ग्राम पंचायत मनौढ़ के ग्रामीणों एवं बच्चों को अंधेरे से निजात मिल पाती है।




