मतदाता सूची शुद्धिकरण को लेकर एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक, सभी राजनीतिक दलों को दी गई विस्तृत जानकारी
तहसील भरतपुर जिला मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़

मतदाता सूची शुद्धिकरण को लेकर एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक, सभी राजनीतिक दलों को दी गई विस्तृत जानकारी
(पढिए जिला एमसीबी ब्यूरो चीफ मनमोहन सांधे की खास खबर)
भरतपुर (जिला एमसीबी), छत्तीसगढ़।
आगामी निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से भरतपुर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी की अध्यक्षता में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशानुसार एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी मतदाता सूची के प्रकाशन से पूर्व उसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि को दूर करना एवं मतदाता सूची को पूर्ण रूप से शुद्ध एवं अद्यतन करना रहा।
बैठक में बताया गया कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत नाम जोड़ने, नाम हटाने, संशोधन, स्थानांतरण एवं त्रुटि सुधार जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाना है।
इस दौरान बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने मतदान केंद्र क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन करें तथा पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में जोड़ना सुनिश्चित करें।

अनुविभागीय अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि बीएलओ को अपने क्षेत्र की संपूर्ण जानकारी होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। साथ ही सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया गया कि वे भी अपने स्तर पर मतदाता सूची की जांच कर संभावित त्रुटियों की जानकारी समय रहते प्रशासन को दें, जिससे निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया को और मजबूत किया जा सके।
बैठक में उपस्थित सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई एवं उनकी शंकाओं और सुझावों को भी सुना गया। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पूर्ण पालन करते हुए मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाया जाएगा।

बैठक के अंत में क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों पर भी चर्चा की गई। विशेष रूप से जमथान ग्राम पंचायत अंतर्गत आयोजित होने वाले कैलाश मंदिर मेला एवं गजमोगरा बाबा मंदिर मेला का उल्लेख किया गया। बताया गया कि गजमोगरा बाबा मंदिर में प्रतिवर्ष तीन दिवसीय मेला आयोजित होता है, वहीं कैलाश मंदिर में लगभग एक सप्ताह तक मेला चलता है।
इन मेलों के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए संबंधित विभागों को व्यवस्थाओं, सुरक्षा, साफ-सफाई एवं रख-रखाव की पूर्व सूचना देने एवं समन्वय स्थापित करने की बात कही गई।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इन धार्मिक आयोजनों के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए संबंधित विभागों को समय रहते आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
बैठक में निर्वाचन से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी, बीएलओ एवं विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




