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डोंगरीटोला ग्राम पंचायत में फसल गिरदावरी पर किसानों में काफी आक्रोश

तहसील भरतपुर जिला मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़

डोंगरीटोला ग्राम पंचायत में फसल गिरदावरी पर किसानों में काफी आक्रोश

(पढिए जिला एमसीबी मनमोहन सांधे की खास खबर)

किसानों का आरोप: पटवारी ने बिना देखे खेतों की गिरदावरी की, धान की जगह मक्का दर्ज

छत्तीसगढ़ राज्य के जिला एमसीबी भरतपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत डोंगरीटोला में फसल गिरदावरी को लेकर किसानों में भारी असंतोष और नाराजगी देखने को मिल रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि पटवारी द्वारा बिना खेतों का निरीक्षण किए (बेगार देखे) ही गिरदावरी कर दी गई है, जिससे वास्तविक फसल का रिकॉर्ड पूरी तरह गलत दर्ज हो गया है।

किसानों ने बताया कि जब गिरदावरी की सूची पंचायत में आई, तो यह देखकर वे हैरान रह गए — जिन खेतों में धान की फसल लहलहा रही थी, वहां रजिस्टर में मक्का लिखी हुई मिली।

इससे किसानों को सरकारी योजनाओं और धान खरीदी प्रक्रिया में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

किसानों की मुश्किलें बढ़ीं – प्रशासन की लापरवाही पर सवाल

ग्राम पंचायत डोंगरीटोला ही नहीं, बल्कि भरतपुर विकासखंड के कई अन्य गांवों में भी यही समस्या देखने को मिल रही है।

किसानों का कहना है कि अधिकारी और कर्मचारी घर बैठे ही गिरदावरी का कार्य कर रहे हैं, बिना खेतों का वास्तविक सर्वे किए।

इस लापरवाही के कारण किसान शासन की योजनाओं से वंचित हो रहे हैं और धान खरीदी केंद्रों में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

कई किसान अब अपनी फसल के सही रिकॉर्ड के लिए राजस्व विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी प्रकार की सुनवाई नहीं हुई है।

किसानों ने की निष्पक्ष जांच और पुनः गिरदावरी की मांग

किसानों ने मांग की है कि संबंधित पटवारी और जिम्मेदार कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए और पूरे ग्राम पंचायत में पुनः गिरदावरी कार्य पारदर्शी तरीके से कराया जाए ताकि किसानों को न्याय मिल सके।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो यह समस्या भरतपुर विकासखंड के सभी किसानों के लिए गंभीर आर्थिक संकट बन सकती है।

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