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तोजा पंचायत में अधूरा पड़ा शौचालय, ग्रामीणों ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग स्वच्छ मिशन पानी फेर रहे हैं जिम्मेदार

तहसील भरतपुर जिला मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़

तोजा पंचायत में अधूरा पड़ा शौचालय, ग्रामीणों ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग स्वच्छ मिशन पानी फेर रहे हैं जिम्मेदार

(पढिए जिला एमसीबी ब्यूरो चीफ मनमोहन सांधे की खास खबर)

सामुदायिक शौचालय बना भ्रष्टाचार की भेंट

तोजा पंचायत में अधूरा पड़ा शौचालय, ग्रामीणों ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग

भरतपुर (एमसीबी)।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए जा रहे सामुदायिक शौचालयों की हकीकत अब धीरे-धीरे सामने आने लगी है।

जिला एमसीबी भरतपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तोजा में निर्मित होने वाला सामुदायिक शौचालय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है।

यह शौचालय आज भी अधूरा पड़ा हुआ है और ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव ने मिलकर बिना किसी वास्तविक मूल्यांकन के शासकीय राशि का आहरण कर लिया।

सामुदायिक शौचालय के नाम पर कागज़ों में तो भुगतान हो गया, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कार्य अधूरा ही छोड़ दिया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि यह भ्रष्टाचार की खुली मिसाल है, जिसमें शासन-प्रशासन की मिलीभगत भी सामने आ रही है।

इस मामले की जानकारी जिला पंचायत सदस्य सुखमंती सिंह ने सीईओ को पूर्व में ही दे दी थी।

लेकिन, आश्चर्य की बात यह है कि अब तक किसी प्रकार की जांच नहीं की गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन जानबूझकर मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है।

ग्रामीणों की मांग है कि ग्राम पंचायत तोजा में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत जितने भी शौचालय बनाए गए हैं, उन सभी का उच्च अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्यापन कराया जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपए की राशि का दुरुपयोग किया गया है और धरातल पर अधिकांश शौचालय अधूरे पड़े हैं।

इस प्रकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार ग्रामीणों के स्वास्थ्य और स्वच्छता के अधिकार से खिलवाड़ है। अगर समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में यह मामला और भी गंभीर रूप ले सकता है।

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों पर (कड़ी-कार्यवाही) की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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