सोनम हत्याकांड के बाद प्रयागराज की एक दुल्हन सुर्खियों में है। उस दुल्हन ने सुहागरात पर पति को चाकू दिखाकर धमकी दी- अगर मुझे टच भी किया, तो 35 टुकड़ों में मिलोगे। मैं किसी और की अमानत हूं…। इस धमकी के बाद दूल्हा डर की वजह से हनीमून पर नहीं गया।
प्रयागराज उत्तर प्रदेश

सोनम हत्याकांड के बाद प्रयागराज की एक दुल्हन सुर्खियों में है। उस दुल्हन ने सुहागरात पर पति को चाकू दिखाकर धमकी दी- अगर मुझे टच भी किया, तो 35 टुकड़ों में मिलोगे। मैं किसी और की अमानत हूं…। इस धमकी के बाद दूल्हा डर की वजह से हनीमून पर नहीं गया।
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चाकू दिखाकर धमकियां देने का सिलसिला 3 रातों तक चला। दहशत और बेइज्जती के साए में पति बंद कमरे में घुटता रहा। दुल्हन के ड्रामा के बारे में 3 मई को अपनी मां को बताया। घर में हंगामा शुरू हुआ, तो दुल्हन ने साफ-साफ कह दिया- मेरा लव अफेयर है, मुझे मेरे बॉयफ्रेंड अमन के पास भेज दो।
आखिरकार ये मामला थाने तक पहुंचा, पंचायत भी हुई, मगर इस बीच दुल्हन आधी रात को घर की दीवार से कूदकर अपने बॉयफ्रेंड के साथ भाग गई। अब पति और परिवार वाले थाने के चक्कर काट रहे हैं। पूरे मामले को समझने के लिए दैनिक भास्कर ऐप टीम नैनी इलाके की एडीए कॉलोनी में परिवार से बात की।
पूरी कहानी, दूल्हे के पिता से जानिए
29 अप्रैल को शादी, 3 मई को बहू का भेद खुला
एडीए कॉलोनी में दो मंजिला मकान में राम आसरे निषाद का परिवार रहता है। राम आसरे ने अपने बेटे कप्तान निषाद की शादी 29 अप्रैल, 2025 को करछना डीहा के रहने वाले लक्ष्मी नारायण निषाद की बेटी सितारा से की थी। 30 अप्रैल को विदाई हुई और दुल्हन घर आ गई। 2 मई को धूमधाम से रिसेप्शन की पार्टी हुई। तब तक पति-पत्नी के बीच क्या चलता रहा, ये किसी को नहीं पता था।
राम आसरे के मुताबिक, 3 मई को घर में मेरी पत्नी और बेटा किसी बात को लेकर चिल्ला रहे थे। मेरी पत्नी रो रही थी, तब हमें पता चला कि मेरी बहू, मेरे बेटे के साथ रहना ही नही चाहती है। हमने प्यार से बहू को उसके कमरे से बुलाया। पूछा कि क्या हो गया…। उसने साफ-साफ कह दिया कि मैं तो अमन से प्यार करती हूं। उसी के साथ रहना चाहती हूं। वही मेरे साथ सुहागरात मना सकता है, कोई और नहीं।
इसके बाद हमने अपने समधी को फोन किया। उनको बुलाया। 25 मई को दोनों परिवारों के लोग एक साथ बैठे। उन्होंने अपनी बेटी सितारा को समझाया, मगर कोई फायदा नहीं हुआ। फिर हमने कुछ मोहल्ले के लोगों को भी घर बुलाया।
कह सकते हैं कि उस दिन एक राजीनामा ही हुआ। जिसमें लिखा गया कि सितारा कहीं नहीं जाएगी, वो हमारे साथ बहू बनकर यही रहेगी। अपने बॉयफ्रेंड को भूल जाएगी। मगर बंद कमरे के अंदर सितारा मेरे बेटे को परेशान ही करती रही।
हम लोग चुपचाप थाने तक पहुंचे। SHO को पूरा मामला समझाया। कहा कि FIR नहीं करानी है, मगर हम चाहते हैं कि इज्जत घर की दहलीज के अंदर रहे। बहू हमारे ही घर में रहे, वरना समाज में बहुत बेइज्जती होगी।
थाने में भी दोनों परिवारों की मौजूदगी में यही तय हुआ कि सितारा अपने पति कप्तान के साथ रहेगी। हम लोग राजीखुशी घर लौट आए। मगर यह सब सिर्फ 30 मई तक चला। उस रात अचानक सितारा आधी रात को अपने बॉयफ्रेंड के साथ भाग निकली। मेन गेट लॉक था, चाबी बहू को नहीं मिली। इसलिए वह पिछली दीवार फांदकर भाग निकली। एक CCTV मिला है, जिसमें वह लंगड़ाते हुए जाती दिखी।
अब दूल्हे की बात : वो घूंघट में चाकू लिए बैठी थी
अब हमने दूल्हे कप्तान निषाद से बात की। पूछा- शादी के बाद ऐसी नौबत क्यों आई? कप्तान ने कहा- क्या ही कहें, सितारा से शादी हुई तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था। लेकिन रात में जब दुल्हन के कमरे में पहुंचा, तो वह घूंघट में हाथ में चाकू लिए बैठी थी।
नजदीक गया तो बोली कि टच मत करना, मैं अमन की अमानत हूं। मैं चौंक गया, पीछे हट गया। वह पूरी रात बेड पर बैठी रही और मैं कमरे में सोफे पर जान बचाए बैठा रहा। समझ ही नहीं आया कि करना क्या है? आप समझिए मेरी 3 रात ऐसी ही बीती हैं, किसी से कह भी नहीं सकता था।
मेरी रातें बहुत लंबी हो गई थीं, अखबारों में कई केस पढ़ चूका था, जहां बीवियां अपने ही पति को मार डालती हैं। मुझे लगता था कि सोया तो कहीं ये मुझे भी न मार डाले। वो तो आधी रात के बाद सो जाती थी, मगर मैं जगता रहता था। जब भी हमारी बात होती, वो यही कहती कि मैं अमन के साथ ही रहूंगी, चाहे जो कर लो।
हमने पूछा- क्या सितारा के परिवार वाले उसे नहीं समझाते थे। कप्तान ने कहा- नहीं ऐसा नहीं है, जब पूरा मामला खुला तब वो लोग भी उसको बहुत समझाते थे। मगर वो जिद पर अड़ी हुई थी। मैं इतना डर गया हूं कि लगता है कि वो लौटी तो शायद मैं भी जिंदा बन बचू। क्या आप दूसरी शादी करेंगे? कप्तान ने कहा- अगर कोई मुझे समझने वाली अच्छी लड़की मिलेगी तो जरूर करेंगे।




