जिला कटनी में बिजली व्यवस्था बेहाल, वार्ड नंबर-1 में प्रदर्शन, 24 घंटे से अंधेरे में डूबा इलाका
कटनी जिला मध्य प्रदेश

जिला कटनी में बिजली व्यवस्था बेहाल, वार्ड नंबर-1 में प्रदर्शन, 24 घंटे से अंधेरे में डूबा इलाका
(पढिए जिला कटनी ब्यूरो चीफ ज्योति तिवारी की खास खबर)
मध्य प्रदेश जिला कटनी में शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे नजर आ रही है। वर्षों से चली आ रही समस्याओं के बावजूद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हो रहा है।
आए दिन कभी केबल जलने तो कभी ट्रांसफार्मर फुंकने की घटनाएं सामने आती हैं, जिससे आम जनता परेशान है।
ताजा मामला बाल गंगाधर तिलक वार्ड क्रमांक-1 का है, जहां पिछले 24 घंटे से बिजली गुल है।

इसी समस्या को लेकर रविवार को वार्ड के करीब डेढ़ सौ नागरिकों ने एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया।
लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग को बार-बार सूचित करने के बावजूद न तो समस्या का समाधान किया गया और न ही कोई स्थायी व्यवस्था की जा रही है।
लोगों की शिकायतें गंभीर, ट्रांसफार्मर जर्जर और केबलें पुरानी
प्रदर्शन कर रहे नागरिकों ने बताया कि क्षेत्र में नए घरेलू एवं व्यवसायिक कनेक्शनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे लोड काफी बढ़ चुका है,
लेकिन ट्रांसफार्मर व केबलें वर्षों पुरानी हैं। इससे आए दिन फाल्ट की स्थिति बनती है और जनता को अघोषित बिजली कटौती झेलनी पड़ती है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार जिस क्षेत्र के लिए ट्रांसफार्मर स्वीकृत होते हैं, वे वहां न लगाकर किसी रसूखदार प्रतिष्ठान या कारखाने की ओर शिफ्ट कर दिए जाते हैं।
विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे, आश्वासन देकर लौटे
प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही बिजली विभाग के डीई और नगर निगम महापौर मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाइश दी। उन्होंने जल्द ही नया ट्रांसफार्मर व नई केबल लगाने का आश्वासन दिया।
फिलहाल तो स्थिति को संभाल लिया गया, लेकिन लोगों का आक्रोश अब भी बना हुआ है।
हर वार्ड में बिजली की समस्या, बढ़ते बिलों से त्रस्त जनता
यह सिर्फ एक वार्ड की बात नहीं है, पूरे कटनी शहर में गर्मियों के इस भीषण दौर में हर वार्ड में बिजली संकट गहराया हुआ है। कभी ट्रांसफार्मर में आग लगती है, तो कभी घंटों बिजली गुल रहती है।

रातभर की बिजली कटौती आम बात हो गई है। वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को हजारों रुपये के बिजली बिल थमा दिए जाते हैं — किसी का ₹5,000 तो किसी गरीब परिवार का ₹10,000 तक का बिल आ रहा है।
जनता का सवाल है कि जब बिजली ही नहीं मिल रही, तो इतने भारी-भरकम बिल किस बात के? विद्युत मंडल के आला अधिकारी जनता की तकलीफों से बेखबर नजर आ रहे हैं।
लोग तंज कसते हैं कि अधिकारी तकिया रखकर चैन की नींद सो रहे हैं, और शहरवासी गर्मी व अंधेरे में परेशान हो रहे हैं।




