प्रधानमंत्री आवास योजना में लापरवाही की मार से कई मकान अधूरे कागजों पर हुएं हैं पूरे
तहसील भरतपुर जिला मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़

प्रधानमंत्री आवास योजना में लापरवाही की मार से कई मकान अधूरे कागजों पर हुएं हैं पूरे
(पढिए जिला एमसीबी ब्यूरो चीफ मनमोहन सांधे की खास खबरें)
जमथान पंचायत में beneficiaries परेशान, कागजों में पूर्ण – जमीन पर अधूरा निर्माण
भरतपुर (एमसीबी)।
विकासखंड भरतपुर की ग्राम पंचायत जमथान में प्रधानमंत्री आवास योजना (वर्ष 2015-16 से अब तक) के अंतर्गत स्वीकृत कई आवास आज भी अधूरे पड़े हैं। आवास निर्माण कार्यों की स्थिति सरकारी रिकॉर्ड में पूर्ण बताई जा रही है, जबकि वास्तविकता इसके बिल्कुल उलट है।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि आवास योजना के मूल्यांकन अधिकारी केवल कागजों में जांच कर रिपोर्ट तैयार कर देते हैं, जबकि मौके पर जाकर स्थिति की समीक्षा नहीं की जाती।
परिणामस्वरूप, कई लाभार्थियों को अधूरे मकानों में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
मजदूरी और भुगतान में भी गड़बड़ी
कुछ हितग्राहियों ने यह भी शिकायत की है कि उन्हें मनरेगा के तहत की गई मजदूरी का भुगतान अब तक नहीं मिला है। वहीं कई लोगों के खातों में आवास योजना की राशि ही नहीं डाली गई, जिससे उनका निर्माण कार्य अधर में लटक गया है।
प्रशासनिक निगरानी में लापरवाही
ग्राम पंचायत स्तर पर हर वर्ष आवास योजना के कार्यों का मूल्यांकन किया जाता है,
लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर सुधार की कोई पहल नहीं हो रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारी और पंचायत कर्मचारी मिलकर आवास योजना में गड़बड़ी कर रहे हैं, जिससे गरीब और जरूरतमंद लाभ से वंचित हो रहे हैं।
सरकार के दावे फेल
जहाँ एक ओर सरकार दावा करती है कि डबल इंजन की सरकार में हर जरूरतमंद को छत मुहैया कराई जाएगी
वहीं दूसरी ओर जमथान पंचायत जैसे क्षेत्रों में योजना की जमीनी सच्चाई इन दावों की पोल खोल रही है।
ग्रामीणों की मांग
स्थानीय जनता ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि अधूरे मकानों की जांच करवाई जाए, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो और जल्द से जल्द आवास कार्य पूर्ण कर लाभार्थियों को राहत दी जाए।




