जिला कटनी में बाल संरक्षण पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित, पॉक्सो अधिनियम पर दी गई विस्तृत जानकारी
कटनी जिला मध्य प्रदेश

जिला कटनी में बाल संरक्षण पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित, पॉक्सो अधिनियम पर दी गई विस्तृत जानकारी
(पढिए जिला कटनी ब्यूरो चीफ ज्योति तिवारी की खास रिपोर्ट)
मध्य प्रदेश कटनी जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आवाज़ संस्था एवं पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) 2012 पर आधारित एक दिवसीय क्षमता वर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एडिशनल एसपी डॉ. संतोष डहरिया उपस्थित रहे, वहीं डीएसपी प्रभात शुक्ला एडीपीओ द्विवेदी डीसीपीओ मनीष तिवारी जेजेबी सदस्य रामबिहारी गुप्ता, सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष योगेश बघेल और एसजेडपीयू प्रभारी फरजाना परवीन विशेष रूप से मौजूद रहे।

कार्यशाला में जिले के 16 थानों से बाल कल्याण पुलिस अधिकारी और ऊर्जा हेल्प डेस्क प्रभारी भी शामिल हुए।
अपने उद्बोधन में एएसपी संतोष डहरिया ने कहा,बाल विवाह, बाल मजदूरी, और बाल दुर्व्यापार जैसी कुरीतियों पर रोक लगाना और बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों पर सख्त कार्यवाही करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को बाल संबंधित मामलों में संवेदनशील और गंभीर रहने का संदेश दिया।
डीएसपी प्रभात शुक्ला ने पॉक्सो अधिनियम की कानूनी प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अपराध पंजीबद्ध होते ही 24 घंटे के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

कार्यक्रम में आवाज़ संस्था की कोऑर्डिनेटर अनीता राजपाली ने पॉक्सो अधिनियम की धाराएं, अवधारणा, पुलिस की भूमिका और पीड़ित की सहायता से जुड़े पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी।
जिला समन्वयक देवेंद्र सिंह ने किशोर न्याय अधिनियम 2015* की जानकारी दी, जबकि कल्पना द्विवेदी ने रेस्क्यू प्रक्रिया और उससे जुड़े प्रारूपों की व्याख्या की।
कार्यशाला का उद्देश्य बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संवेदनशीलता लाना और अधिनियमों के सही क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था।




