Breaking Newsअन्य राज्यअपराधआगराइंदौरइलाहाबादउज्जैनउत्तराखण्डगोरखपुरग्राम पंचायत बाबूपुरग्वालियरछत्तीसगढ़जबलपुरजम्मू कश्मीरझारखण्डझाँसीदेशनई दिल्लीपंजाबफिरोजाबादफैजाबादबिहारभोपालमथुरामध्यप्रदेशमहाराष्ट्रमहिलामेरठमैनपुरीयुवाराजस्थानराज्यरामपुररीवालखनऊविदिशासतनासागरहरियाणाहिमाचल प्रदेशहोम

*पटेल समाज के दबंगों द्वारा महिला को मारपीट कर एवं कपड़े उतारकर पूरे गांव में घंटों भर घुमाने के बाद भी पुलिस प्रशासन खानापूर्ति के लिए कर रही है कार्यवाही*

तहसील मैहर जिला सतना मध्यप्रदेश

*पटेल समाज के दबंगों द्वारा महिला को मारपीट कर एवं कपड़े उतारकर पूरे गांव में घंटों भर घुमाने के बाद भी पुलिस प्रशासन खानापूर्ति के लिए कर रही है कार्यवाही*

(पढ़िए मध्य प्रदेश हेड राजमणि पांडे के साथ सतना क्राइम ब्यूरो चीफ दीपक तोमर की रिपोर्ट)

पढ़िए पूरा मामला क्या है सच

मध्य प्रदेश जिला सतना के अंतर्गत ग्राम पंचायत खैरा में एक महिला को अर्धनग्न कर ऋषिराज पटेल नामक गुण्डे ने पूरे गांव में 2 घंटे तक घुमाया, उसे मारा पीटा गया और बेहोश हो गई तो पानी छिड़ककर होश में लाकर फिर मारा गया

सतना पुलिस ने सिरे से नकार दिया कि सिर्फ मारपीट की गई कपड़े नहीं उतारे गए, वाही सतना पुलिस रक्षक ही भक्षक बन रही है राजनीति के आगे घुटने टेकते हुए नजर आ रही है

(राजनीति)

सत्ता पक्ष के लिए राजनीतिक मुद्दा था, तो विधायक भी नही बचे, एक महिला के पति द्वारा किए टुईत में दो विधायकों पर 354 का मुकदमा कायम कर दिया गया, जबकि कोई चश्मदीद गवाह नहीं और ना ही मामले की जांच हुई।

वहीं मैहर के खैरा गांव का गुंडा ऋषिराक पटेल और उसके साथियों ने एक महिला को अर्धनग्न करके पूरे गांव में घुमाया, उसके साथ सार्वजनिक मारपीट की गई, उसे बेइज्जत किया गया, महिला की इज्जत को तार-तार किया गया, ऐसी शर्मनाक घटना पर पुलिस ने प्रारंभिक जांच में ही आरोपियों को क्लीन चिट दे दी है?

सवाल यह भी किसके कहने पर? जबकि इस घटना का चश्मदीद गवाह खुद पुलिस को अपना बयान दे रहा कि महिला की साड़ी उतार कर उसे गांव में घुमाया गया, बड़े ही गोलमोल अंदाज में इस मामले को बदल दिया गया, और सिर्फ मारपीट की धाराओं के तहत आरोपियों पर एफ आई आर दर्ज कर ली गई, मामले पर जिला अस्पताल में भर्ती पीड़ित महिला चीख चीख कह रही है, कि उसे घंटों पीटा गया, उसके कपड़े उतार दिए गए और उसे पूरे गांव में 2 घंटे तक घुमाया गया, यह सब सिर्फ इसलिए क्योंकि उस गरीब महिला ने अपने घर में हुई चोरी की शिकायत थाने में की थी, ऐसी शर्मसार कर देने वाली घटना में सिर्फ आरोपियों पर मारपीट की धाराओं के तहत कार्यवाही की गई, एक महिला पर अन्याय हो रहा है और जिले के तमाम जनप्रतिनिधि खामोश बैठे हैं।

अपने शब्दों में एक बात जरूर कहूंगा, साफ दिख रहा है इस घटना में क्या हुआ है, फिर भी पुलिस क्या कर रही है यह भी दिख रहा है।

(पढ़िए पटेल समाज का कड़वा सच)

यदि यही मामला पटेल समाज के महिलाओं के साथ होता तो यही राजनीतिक नेताओं को रात में नींद नहीं आती और पुलिस प्रशासन पर सत्ता का नाजायज फायदा उठाते और पुलिस प्रशासन को चैन से जीने नहीं देते आप स्वयं देखिए आज 3 दिन का मामला है और अभी पुलिस कह रही है की तीन से चार लोग गिरफ्तार हुए हैं

यदि यही पटेल समाज एवं महिला पर होता तो पुलिस तुरंत एक्शन लेते हुए पूरे गांव पर नाकाबंदी हो जाती यही सतना जिला के एसपी साहब आदेश जारी कर देते और जिला की पूरी पुलिस फोर्स सिर्फ एक ही केस में लगा देते लेकिन आज वही पुलिस कह रही है कार्यवाही हो रही है राजनीतिक ताकत के आगे आज जिला का पुलिस प्रशासन भी अपने घुटने टेकते हुए नजर आ रहा है

एक तरफ बीजेपी सरकार महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए बड़े-बड़े वादे कर रही है वही महिला के साथ अत्याचार हो गया तो भी वहीं बीजेपी के नेता एवं पुलिस प्रशासन कह रहे कार्यवाही हो रही है तीन से चार लोगों को गिरफ्तार कर लिए हैं गले से अच्छी तरह से आवाज भी नहीं निकल रही

सतना जिला में महिलाओं पर हमदर्दी दिखा दिखाने वाले राजनीतिक नेता कहां गए
महिलाओं को लेकर बड़े बड़े वादे करते हैं सिर्फ चुनाव जीतने के लिए और वोट लेने के लिए आज वही महिला के साथ अत्याचार हुआ तो कोई नेता आवाज नहीं उठा रहा और सत्ता का नाजायज फायदा उठाते हुए पुलिस प्रशासन को दबाने का प्रयास कर रहा है

Related Articles

Back to top button