थाना जीआरपी में हुई पिटाई पर लोगों ने एफआईआर की मांगों को लेकर किया धरना-प्रदर्शन एवं रैली
जिला कटनी मध्य प्रदेश

थाना जीआरपी में हुई पिटाई पर लोगों ने एफआईआर की मांगों को लेकर किया धरना-प्रदर्शन एवं रैली
(पढिए जिला कटनी ब्यूरो चीफ ज्योति तिवारी की खास खबर)
मध्य प्रदेश जिला कटनी के अंतर्गत ओबीसी महासभा, भीम आर्मी ने कहा-आरोपों की जांच की बजाए वीडियो कैसे हुआ वायरल इस पर हो रहा फोकस
मीडिया कर्मी और पीडि़त परिवार पर दबाव बनाने के प्रयास निंदनीय
मध्य प्रदेश जिला कटनी के अंतर्गत जीआरपी थाने मेंं दलित मां-नाती की हुई निर्मम पिटाई की जांच में हो रही
शिथिलता और विषयांतर करने के दबाब के खिलाफ सोमवार को ओबीसी महासभा भीम पार्टी भारत एकता मिशन ने संयुक्त होकर विरोध प्रदर्शन किया।
सैकड़ों की तादाद में दलित एवं पिछड़े वर्ग के नागरिकों ने विरोध रैली निकाली और प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया है कि- आरोपी टीआई के खिलाफ एफआईआर की जाए।
विवेचना का रुख बेरहम पिटाई के तथ्यों का परीक्षण करने से हट रहा है और वीडियो किसने-कैसे-क्यों लीक किया उस दिशा में जांच को प्रमुखता दी जा रही है। इस पक्षपातपूर्ण जांच पर लगाम लगाते हुए
शिकायत के मूल तथ्यों पर जांच कर दोषी जीआरपी पुलिस कर्मियों पर एफआईआर करने की मांग उठाई गई है।
ओबीसी महासभा के बीके पटेल, भीम आर्मी भारत एकता मिशन व दो अन्य दलित संगठनों ने संयुक्त रूप से विरोध रैली निकाली, कलेक्ट्रेट का घेराव किया और एसडीएम प्रदीप मिश्रा को मांग पत्र सौंपते हुए शीघ्र दोषियों पर कार्यवाही करने की मांग की।
मीडियाकर्मी व पीडि़त परिवार पर दबाब
ज्ञापन में बताया गया कि वीडियो वायरल होते ही एवीपी न्यूज चैनल के मीडियाकर्मी पर विवेचनाधिकारी इस बात का दबाब बना रहे है कि-उनके पास थाने में हुए बुरे बर्ताव का वीडिया किसने , कब, कैसे, किस लिए पहुंचाया।
जबकि विवेचना इस बेरहम पिटाई के प्रमाण पर होनी चाहिए कि-थाने में हो रही पिटाई सत्य घटना है अथवा नहीं। ऐसा बरताव कानून के तहत है या नहीं।
यह संवैधानिक अधिकारों का हनन है या नहीं। इस बिंदुओ की बजाय जांच को भटकाया जा रहा है।
पीडि़त परिवार से भी जांच के बहाने तथ्यों को प्रभावित करने के दबाव बनाए जा रहे हैं।
पीडि़त कुसुम वंशकार ने कैमरे के सामने यह व्यक्ति किया। उसने बताया कि उसके खिलाफ कोई अपराध नहीं है
फिर भी उसे उसके नाती के साथ टीआई मैडम ने बुलवाया, रात भर पीटा, अगली सुबह कचहरी-थाने ले जाया गया।
मारपीट के बाद वह अस्पताल में रही, पांच दिन भर्ती रही। उसने शिकायत थाने में दी, नहीं ली गई भगा दिया गया।
रेल्वे में आवेदन दिया कोई सुनवाई नहीं हुई। डर के मारे हमारा परिवार चुप रह गया
लेकिन हमें न्याय चाहिए, हमारे साथ दुर्व्यवहार हार किया गया है।
इनका कहना है,
ओबीसी महासभा, भीम आर्मी व अन्य संगठनों ने थाने में हुई मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए ज्ञापन दिए हैं। सभी ज्ञापन पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक भेजे जाएंगे।
प्रदीप मिश्रा, एसडीएम कटनी




