*जिले के पहले किसान राम सजीवन कचेर ने स्ट्रौबरी का किया खेती*
शहडोल जिला मध्यप्रदेश

कलेक्टर की पहल लाई रंग
जिले के पहले किसान राम सजीवन कचेर ने स्ट्रौबरी का किया खेती
कलेक्टर को किसान कचेर ने स्ट्रौबरी किया भेंट
रिपोर्टर – चंद्रभान सिंह राठौर (संभागीय ब्यूरो चीफ)
शहडोल/20 जनवरी 2022/
कलेक्टर वंदना वैद्य की पहल जिले में रंग ला रही है। कलेक्टर ने जिले में खेती को लाभ का धंधा बनाने हेतु स्ट्रौबरी की खेती का पहल किया। कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को जिले में स्ट्रौबरी की कृषि के लिए किसानों को प्रेरित करने तथा उन्हें स्ट्रौबरी की खेती के लिए प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। जिस पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को प्रेरित कर खेती को लाभ का धंधा बनाने हेतु स्ट्रौबरी कि कृषि करने हेतु प्रशिक्षित किया गया।
इसी तारतम्य में जिले के जनपद पंचायत सोहागपुर के ग्राम पंचायत करकटी के निवासी राम सजीवन कचेर ने नवाचार के तौर पर अपने खेत में लगभग 400 स्ट्रौबरी के पौधे लगाए तथा समय-समय पर कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा सलाह प्राप्त की। जिससे उन्हें लगभग 102 किलोग्राम स्ट्रौबरी प्राप्त हुआ। जिसके पश्चात उन्होंने कलेक्ट्रेट कार्यालय शहडोल में दिन शुक्रवार को कलेक्टर वंदना वैद्य से मुलाकात कर स्ट्रौबरी भेंट किया। इस दौरान कलेक्टर ने प्रसन्नता व्यक्त किया।
इस दौरान कलेक्टर को किसान कचेर ने बताया कि स्ट्रौबरी की कृषि का प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने अपने खेत में लगभग 400 स्ट्रौबरी के पेड़ लगाए तथा उन्हें लगभग 102 किलोग्राम स्ट्रौबरी प्राप्त हुआ। जिस पर कलेक्टर को कृषि विभाग के अधिकारियों ने कलेक्टर को अवगत कराया कि 1 किलोग्राम स्ट्रौबरी का कीमत बाजार में लगभग ₹400 है, जिसके हिसाब से 102 किलोग्राम स्ट्रौबरी की कीमत 40 हजार 800 रुपए हुए।
कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को स्ट्रौबरी के साथ-साथ गेंदा की खेती के नवाचार हेतु कहा। जिस पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने कलेक्टर को बताया कि जिले के लगभग 15 किसान स्ट्रौबरी की कृषि कर रहे हैं तथा गेंदा की कृषि भी किसानों द्वारा प्रारंभ किया गया है, गेंदा भी प्राप्त होने लगेगा और बाजार में विक्रय किया जा रहा है। कलेक्टर ने कहा कि जिले में ज्यादा से ज्यादा किसानों को कृषि को लाभ का धंधा बनाने हेतु प्रेरित किया जाए जिनसे उनकी आर्थिक स्थिति में बदलाव हो सके तथा जिले का नाम प्रदेश एवं स्तर हो सके। इस दौरान परियोजना अधिकारी आत्मा आर.पी. झारिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं किसान उपस्थित थे।




