*मेडिकल कॉलेज को उत्कृष्ट बनाने में विद्यार्थी और शिक्षकों का सामंजस्य आवश्यक – कमिश्नर*
शहडोल जिला मध्य प्रदेश

मेडिकल कॉलेज को उत्कृष्ट बनाने में विद्यार्थी और शिक्षकों का सामंजस्य आवश्यक – कमिश्नर
रैकिंग जैसी कुप्रथा महाविद्यालयों से समाप्त होना चाहिए – कमिश्नर
शोध, शिक्षण और मौलिकता का पॉवर हाउस बनें मेडिकल कॉलेज – कमिश्नर
रिपोर्टर – चंद्रभान सिंह राठौर संभागीय ब्यूरो चीफ
शहडोल/28 फरवरी 2022/
कमिश्नर शहडोल संभाग राजीव शर्मा ने कहा है कि मेडिकल कॉलेज को स्वच्छ, सुंदर और उत्कृष्ट बनाने में मेडिकल कॉलेज के प्राध्यापक और अध्यनरत् विद्यार्थी अहम भूमिका निभा सकते है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज को अच्छा बनाने में मेडिकल कॉलेज में अध्यनरत विद्यार्थी एवं प्राध्यापकों में सामंजस्य होना चाहिए। उन्होंने कहा अगर विद्यार्थी और शिक्षक चाहेगें तो मेडिकल कॉलेज शहडेाल को सबसे अच्छा शिक्षण संस्थान बना सकते है। मेडिकल कॉलेज का नाम पूरे देश में रोशन हो सकता है। उन्होंने विधार्थियों से अपील करते हुए कहा है कि आप मेडिकल कॉलेज से डॉक्टर बनकर निकले तो खुशी होगी। उन्होंने कहा कि बडी बात यह है कि मेडिकल कॉलेज में उच्च कोटि का रिसर्च होना चाहिए। मेडिकल कॉलेज शोध और मौलिकता का पॉवर हाउस बनकर उभरना चाहिए। कमिश्नर शहडोल संभाग राजीव शर्मा दिन सोमवार को मेडिकल कॉलेज शहडोल में विद्यार्थियों से संवाद कर रहे थे। संवाद कार्यक्रम में डीन मेडिकल कॉलेज डॉ. मिलिंद शिरालकर भी उपस्थित रहे।
कमिश्नर ने कहा कि महाविद्यालयों में सरकारी माहौल नही होना चाहिए बल्कि महाविद्यालयों में आत्ममिकता और भाईचारे का माहौल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के माहौल को सौहार्द्रपूर्ण बनाने का कार्य विद्यार्थी ही कर सकते है।
कमिश्नर ने कहा कि एक दूसरे का सम्मान और एक दूसरे की मदद करना ही भारतीय संस्कृति है इस संस्कृति की जड़े और मजबूत होना चाहिए। कमिष्नर ने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालय एवं अन्य महाविद्यालयों से रैकिंग जैसी कुप्रथा समाप्त होना चाहिए। कमिश्नर ने विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि कड़े परिश्रम के परिणाम स्वरूप आपका प्रवेश मेडिकल कॉलेज में हुआ है। मेडिकल कॉलेज में आपके डॉक्टर बनने की यात्रा प्रारंभ हुई है। मै आपसे एक भारतीय के तौर पर अपील करता हूं कि आप देश को संुदर और समृद्ध बनाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यह तब संभव है जब आप अपने कैरियर के साथ-साथ अपने सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन करें।
कमिश्नर ने कहा कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण समाज ने किया है। आपकी सेवाओं का लाभ संवेदनशीलता के साथ समाज केा मिलना चाहिए। कमिश्नर ने कहा कि जो लोग संघर्ष करते है वही सफल होते है। कमिश्नर ने कहा कि कोरोना काल में मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों कठोर परिश्रम लोगों का जीवन बचाया, चिकित्सकों के द्वारा दी गई समर्पण और संवेदनशीलतापूर्ण सेवाओं की समाज ने सराहना की है। कमिश्नर ने विद्यार्थियों से कहा कि शहडोल संभाग आदिवासी बहुल्य संभाग है। शहडोल संभाग में खूब सूरत गांव है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थी कभी गांव में जाएं तथा गांव के बच्चों से मिलकर उन्हें मेडिकल की शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रेरित करें।
संवाद कार्यक्रम को सम्बोंधित करते हुए डीन मेडिकल कॉलेज डॉ. मिलिंद शिरालकर ने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालय को अच्छा बनाने में चिकित्सा महाविद्यालय के विद्यार्थियों की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण में करोड रूपये की राशि खर्च हुई है। इस महाविद्यालय को स्थापित करने का मुख्य उददेश्य महाविद्यालय से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और महाविद्यालय से विद्यार्थी अच्छे चिकित्सक बनकर निकले और समाज की सेवा करें।




