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न्यायालय परिसर एवं चंडी जी मंदिर परिसर में वृक्षारोपण शिविर का किया गया कार्यक्रम आयोजित

तहसील हटा जिला दमोह मध्य प्रदेश

न्यायालय परिसर एवं चंडी जी मंदिर परिसर में वृक्षारोपण शिविर का किया गया कार्यक्रम आयोजित

(पढिए जिला दमोह ब्यूरो चीफ गजेंद्र साहू के साथ हटा से पुष्पेन्द्र पाण्डे की खास खबर)

मध्य प्रदेश जिला दमोह तहसील हटा में
9340003605 राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं माननीय श्री आनंद कुमार तिवारी,प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में

न्यायालय परिसर एवं चंडी जी मंदिर परिसर में वृक्षारोपण शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में श्रीमति अर्चना सिंह, जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, तहसील विधिक सेवा समिति, हटा, श्री सुनील कुमार, जिला न्यायाधीश श्री देवेन्द्र अतुलकर, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, श्रीमति दीप्ती ठाकुर, न्यायिक मजि. प्रथम श्रेणी, श्री तेज सिंह गौड, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, सुश्री निशिता श्रीवास्तव, प्रशिक्षु न्यायाधीश, अध्यक्ष अधिवक्ता संघ श्री आर के असाटी, श्री श्रीकांत तिवारी श्री अमिताभ चतुर्वेदी, सीबीएमओ श्री अमन श्रीवास्तव, सिविल अस्पताल पर्यवेक्षक श्री बुद्दन तंतुवाय विद्यालय अधिवक्तागण एवं न्यायालय के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

श्रीमति अर्चना सिंह, जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति द्वारा उपस्थित अधिवक्ताओं एवं पक्षकारों को संबोधित कर जानकारी देते हुये बताया कि एक व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए पेड़ और पौधें वास्तव में आवश्यक हैं।

ऐसा स्थान जहां कोई पेड़ नहीं है वहां की हवा में ही दुख झलकता है जबकि एक अच्छी संख्या में वृक्षों से घिरा हुआ स्थान स्वचालित रूप से जीवंत और रहने लायक दिखता है।

पेड़ न केवल हमें शारीरिक रूप से फिट रखते हैं बल्कि हमारे दिमाग के विकास में भी सहायता करते हैं।

पेड़ों का हमारे दिमाग पर शांत प्रभाव पड़ता है और शांति धैर्य रखने की कुंजी है।

शांत है वह बेहतर निर्णय ले सकता है और विभिन्न परिस्थितियों में अच्छी तरह से काम कर सकता है।

वृक्षारोपण के पर्यावरणीय लाभों को सभी जानते हैं। पर्यावरण में पारिस्थितिकी संतुलन को बनाए रखने के लिए

वृक्ष ऑक्सीजन छोड़ते हैं और सांस लेने हेतु कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं। वे सभी हानिकारक गैसों को भी अवशोषित करते हैं और हमें सांस लेने के लिए ताजा और शुद्ध हवा देते हैं।

अधिक पेड़ लगाने का मतलब ताज़ी हवा और शुद्ध वायुमंडल है। बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित नहीं किया जा सकता

लेकिन इसके प्रभाव को अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर कम किया जा सकता है। बड़ी संख्या में लगे वृक्षों का स्थान कंक्रीट जंगलों की तुलना में काफी ठंडे हैं।

पेड़ हमें हानिकारक अल्ट्रा वायलेट किरणों से बचाने के लिए एक परत का निर्माण भी करते हैं।

पेड़ पक्षियों और जानवरों की विभिन्न प्रजातियों के लिए एक आवास के रूप में सेवा करते हैं।

इसके अलावा उन पर लगने वाले पत्ते, फूल और फल जीवित प्राणियों के लिए भोजन का एक स्रोत हैं।

वृक्षारोपण का अर्थ है पर्याप्त भोजन और आश्रय होना।

इन सबके अलावा पेड़ जल प्रदूषण को नियंत्रित करने और मिट्टी के क्षरण को रोकने में भी मदद करते हैं।

पहाड़ी इलाकों में वे मिट्टी को पकड़ उसे खिसकने से भी रोकते हैं।

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