जिला प्रशासन के द्वारा 392 स्कूलों को फीस की जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं करने पर नोटिस जारी
जिला दमोह मध्य प्रदेश

जिला प्रशासन के द्वारा 392 स्कूलों को फीस की जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं करने पर नोटिस जारी
(पढिए सागर संभागीय ब्यूरो चीफ-पुरषोत्तम साहू की खास खबर)
10 प्रतिशत से अधिक और 15 प्रतिशत तक फीस वृद्धि पर जिले के 12 विद्यालयों के प्राचार्यों को सूचना पत्र जारी
आवश्यक दस्तावेज 03 दिवस में प्रस्तुत करने निर्देश
मध्य प्रदेश जिला दमोह 392 स्कूलों को फीस की जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं करने पर नोटिस
07 दिवस में जानकारी पोर्टल पर अपलोड करने दिए निर्देश
कलेक्टर एवं जिला समिति अध्यक्ष सुधीर कुमार कोचर ने जिले के ऐसे 251 स्कूल जिन्होंने 2023-24 एवं वर्ष 2024-25 दोनों सालों की फीस की जानकारी डाटा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है
, ऐसे स्कूलों को नोटिस जारी किये गये है। वर्ष 2024-25 के लिए जो फीस स्ट्रक्चर है उसको पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है, ऐसे 141 स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं
तथा ऐसे 12 स्कूल अभी तक मिले हैं, जिन्होंने 10 प्रतिशत से ज्यादा और 15 प्रतिशत से कम यानी पिछले साल की तुलना में इतनी फीस बढ़ाई है,
नोटिस जारी करके तीन दिन का समय दिया है, कि वे इस फीस वृद्धि का आधार बताएं। यदि कोई स्कूल 15 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ा लेता है
इस संबंध में अंतिम निर्णय लेने के लिए राज्य सरकार अधिकृत है, तो राज्य समिति को यह केस रेफर करने का काम किया जाएगा।
कलेक्टर श्री कोचर ने कहा है
सरकार ने निजी विद्यालयों की फीस को रेगुलेट करने के लिए कानून और नियम बनाए हैं, जिसका परिपालन करना सभी स्कूलों का कर्तव्य है।
इसके अंतर्गत इन नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए जिला स्तर से जिला समिति जो इसके लिए सशक्त है, वह इस पर लगातार कार्यवाही कर रही है।
अब ऐसे स्कूल जिन्होंने वर्ष 2023-24 और वर्ष 2024-25 इन दोनों सालों के फीस की जानकारी का डाटा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है ऐसे 251 स्कूल है, इन सभी को नोटिस जारी किए गए हैं।
इनसे यह कहा गया है कि अगले 7 दिन के भीतर यह सभी जानकारियां पोर्टल पर अपलोड कर दी जाए अन्यथा इन स्कूलों के खिलाफ नियम के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी और शास्ति अधिरोपित की जाएगी।
कलेक्टर श्री कोचर ने बताया ऐसे 141 स्कूल है, जिन्होंने वर्ष 2024-25 के लिए जो फीस स्ट्रक्चर है उनके फीस की संरचना है, उसको पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है
ऐसे 141 स्कूलों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं और उनसे यह अपेक्षा की गई है कि वे अगले 7 दिन के अंदर वर्ष 2024-25 की उनकी जो फीस संरचना है उसकी पूरी जानकारी नियम अनुसार अपलोड कर दें।
यदि वे स्कूल 07 दिन के अंदर यह नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध भी फीस अधिनियम के अंतर्गत नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्री कोचर ने कहा इसी प्रकार एक और श्रेणी है स्कूलों की जिन्होंने अपनी जानकारी अपलोड कर दी है। जिले में 12 स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने जानकारी अपलोड कर दी है
लेकिन उनकी फीस 10 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा दी है, पिछले साल से और 15 प्रतिशत से कम बढ़ाई है।
सरकार का अनुसार यदि स्कूल ने 10 प्रतिशत या उससे कम फीस बढ़ाई है तो वह ऑटो अप्रूव हो जाती है, उसमें किसी की स्वीकृति की आवश्यकता नहीं होती है।
लेकिन यदि 10 प्रतिशत से ज्यादा और 15 प्रतिशत तक फीस बढ़ाई जाती है, तो ऐसी स्थिति में जिला समिति का अप्रूवल जरूरी होता है।
जिले में ऐसे 12 स्कूल अभी तक मिले हैं, जिन्होंने 10 प्रतिशत से ज्यादा और 15 प्रतिशत से कम यानी पिछले साल की तुलना में इतनी फीस बढ़ाई है, उनको नोटिस जारी करके तीन दिन का समय दिया है
इस फीस वृद्धि का आधार बताएं और जिला समिति के समक्ष संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करें।
इस विषय में जब संबंधित जानकारी देंगे उसके बाद जिला समिति फीस वृद्धि के बारे में अंतिम निर्णय लेगी।
उन्होंने कहा इसी प्रकार जिले का एक स्कूल ऐसा है जो जानकारी अभी तक हमारे पास आई है, जिसने 15 प्रतिशत से अधिक फीस पिछले साल की तुलना में बढ़ाई है,
स्कूल को 03 दिन का नोटिस दिया है, कि वह अपने आधार प्रस्तुत करें कि उन्होंने 15 प्रतिशत से अधिक पिछले साल से फीस क्यों बढ़ाई है।
केस राज्य समिति के समक्ष भेजा जायेगा, क्योंकि यदि कोई स्कूल 15 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ा लेता है,
इस संबंध में अंतिम निर्णय लेने के लिए राज्य सरकार अधिकृत है, तो राज्य समिति को यह केस रेफर करने का काम किया जाएगा।
इस प्रकार इस अधिनियम के अंतर्गत हम जिले के अंदर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का काम कर रहे हैं ताकि अभिभावकों को अनावश्यक रूप से और बिना किसी ठोस आधार के फीस वृद्धि का सामना न करना पड़े और इससे जुड़ी परेशानियों का सामना ना करना पड़े।
स्कूल भी रेगुलेट रहे कि वे अपना हर साल का फीस स्ट्रक्चर इन नियमों के अंतर्गत ही पूरा तैयार करें और उसके अनुसार ही कार्यवाही करें।




