इंदौर में गौरवशाली परम्परा के अनुरूप रातभर निकली नयनाभिराम झांकियाँ एवं अखाड़ों का कारवां
इंदौर जिला मध्य प्रदेश

इंदौर में गौरवशाली परम्परा के अनुरूप रातभर निकली नयनाभिराम झांकियाँ एवं अखाड़ों का कारवां
(पढिए मध्य प्रदेश हेड राजमणि पांडे की रिपोर्ट)
अनंत चतुदर्शी चल समारोह – 2023।
मध्य प्रदेश जिला इंदौर में गौरवशाली परम्परा के अनुरूप रातभर निकला नयनाभिराम झांकियाँ और अखाड़ों का कारवां।
राजकुमार मिल की झांकी को मिला प्रथम स्थान।
अखाड़ों में चंद्रपाल सिंह उस्ताद व्यायाम शाला एवं छोगालाल उस्ताद व्यायाम शाला प्रथम।
इंदौर की गौरवशाली परम्परा के रूप में अनन्त चतुर्दशी चल समारोह पूर्ण श्रद्धा, आस्था एवं अपार उत्साह-उमंग और व्यापक जनभागीदारी के साथ सम्पन्न हुआ। नागरिकों ने इस उत्सव के प्रति अपनी सक्रिय सहभागीता निभाते हुये शहर की परम्परा को अपार उत्साह और उमंग के साथ आगे बढ़ाया।
रातभर जोश और उल्लास के साथ चल समारोह में निकली नयनाभिराम झाँकियों और अखाड़ों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने हजारों लोगों का मन मोह लिया। जिला प्रशासन द्वारा गठित झाँकी तथा अखाड़ा निर्णायक समितियों द्वारा पुरस्कार के लिये सर्वसम्मति से श्रेष्ठ झाँकियों और अखाड़ों का चयन किया गया। झांकी में राजकुमार मिल की बच्चों का मनोरंजन घर झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
इसी तरह अखाड़ों में चंद्रपाल सिंह उस्ताद व्यायामशाला और छोगालाल उस्ताद व्यायामशाला को प्रथम स्थान मिला।
कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने चल समारोह सुचारू रूप से सम्पन्न होने पर इंदौर के नागरिकों, व्यवस्थाओं से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों, झाँकी आयोजकों और अखाड़ों के सदस्यों तथा मीडियाकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

*झाँकी निर्णायक समिति द्वारा अनुशंसित निर्णय*
*प्रथम पुरस्कार* – राजकुमार मिल (बच्चों का मनोरंजन घर)
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*द्वितीय पुरस्कार* – मालवा मिल :- (कालिया मर्दन)
और स्वदेशी मिल (सीता हरण)
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*तृतीय पुरस्कार* – हुकुमचंद मिल :- (वामन अवतार)
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*विशेष पुरस्कार* – कल्याण मिल:- (रामायण प्रसंग) और होप मिल:- (चंद्रयान)
प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी परम्परा के निर्वहन में दिये जा रहे मिलों के महत्वपूर्ण योगदान के मद्देनजर पुरस्कार चयन में केवल मिलों की झांकियों को ही शामिल किया गया था।
*अखाड़ों के पुरस्कार*
चल समारोह में अखाड़ों तथा व्यायाम शालाओं के युवाओं तथा बच्चों द्वारा हैरत अंगेज प्रदर्शन तथा करतब दिखाये गये।
शस्त्र कला की विधा को अखाड़ों तथा व्यायामशालाओं के कलाकारों ने इतनी विविधताओं तथा बारीकियों के साथ प्रस्तुत किया कि दर्शक देखते रह गये।
निर्णायक समिति ने इस बार दो विधाओं गतका परी तथा एक हाथ का पटा और बनेठी वर्ग में सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियों के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार के लिये अखाड़ों का चयन किया। अखाड़ा निर्णायक समिति द्वारा इन प्रस्तुतियों की उत्कृष्टता के आधार पर निम्नानुसार निर्णय अनुशंसित किये गये हैं।
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*गतका परी वर्ग*
प्रथम – छोगालाल उस्ताद व्यायामशाला
द्वितीय – रामनाथगुरु व्यायामशाला
तृतीय – सार्वजनिक अहिरवार चैतन्य व्यायामशाला
विशेष – ब्रजलाल गुरु व्यायाम शाला जिंसी
*एक हाथ का पटा और बनेठी वर्ग*
प्रथम – चंद्रपाल सिंह उस्ताद व्यायामशाला
द्वितीय – गाजी गुरु व्यायामशाला
तृतीय – बिंदा गुरु व्यायामशाला
विशेष – बाबुसिंह उस्ताद व्यायामशाला नादिया नगर
*बालक वर्ग*
प्रथम – प्रतीक हार्डिया ( देवीदीन गुरु व्यायामशाला)
द्वितीय -तन्मय राजपूत ( लोधी पंच व्यायामशाला) तथा प्रियांश बेलिया (महाबलेश्वर व्यायाम शाला)
तृतीय – लच्छु पंवार ( मोहन सिंह उस्ताद व्यायामशाला)
विशेष – हिन्दराज राजोरिया ( महावीर व्यायामशाला)
*बालिका वर्ग*
प्रथम – प्रतिष्ठा हार्डिया ( एकलव्य व्यायामशाला)
द्वितीय – मीना यादव और जिया यादव ( डमरू उस्ताद व्यायामशाला)
तृतीय – स्नेहा बौरासी और सलोनी ( पंचमुखी गुरु व्यायामशाला)
विशेष – अंतरा पालीवाल और नयनश्री ( वीर बलवन्त गुरु व्यायामशाला)
बालक और बालिका विशेष – सुमित यादव और वैशाली यादव (संत गाडगे व्यायामशाला)






