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*जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक में दी गई जानकारी बाल श्रम एवं किशोर श्रमिकों की विमुक्ति एक माह का चलेगा विशेष अभियान*

सतना जिला मध्यप्रदेश

*जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक में दी गई जानकारी बाल श्रम एवं किशोर श्रमिकों की विमुक्ति एक माह का चलेगा विशेष अभियान*

(पढ़िए जिला सतना ब्यूरो चीफ राजेश लोनी की रिपोर्ट)

जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक में दी गई जानकारी⚡
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सतना 14 नवंबर 2022/संपूर्ण मध्यप्रदेश में बालक एवं कुमार श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के अंतर्गत बाल एवं किशोर श्रमिकों को कार्य से मुक्त कराने 10 नवंबर से 10 दिसंबर तक एक माह का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस आशय की जानकारी सोमवार को अपर कलेक्टर एवं अपर जिला मजिस्ट्रेट संस्कृति जैन की अध्यक्षता में संपन्न जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक में दी गई।

इस मौके पर सीईओ जिला पंचायत डॉ परीक्षित झाड़े, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष राधा मिश्रा, सदस्य जान्हवी त्रिपाठी, चांदनी श्रीवास्तव, उमा श्रीवास्तव, रेखा सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एलके तिवारी, सहायक श्रम पदाधिकारी शैलेंद्र मोहन पटेरिया, नगरीय निकायों के सीएमओ, सहायक संचालक श्याम किशोर द्विवेदी, सहायक बाल संरक्षण अधिकारी अमर सिंह सहित सभी स्टेक होल्डर्स भी उपस्थित थे।

जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक में बताया गया कि जिला टास्क फोर्स के समन्वय से 10 दिसंबर तक बाल श्रम में लगे बच्चों का विमुक्तिकरण कराया जाएगा। इसके साथ ही वर्किंग चाइल्ड सर्वे भी कराया जाएगा। अभियान के दौरान उन क्षेत्रों को चिन्हित किया जाएगा, जहां बाल श्रमिकों की संभावना अधिक है। इनमें ईट-भट्टे, क्रेशर, ढाबे, रेस्टोरेंट, तंबाकू उद्योग, शराब के अहाते, किराना की बड़ी दुकाने, मोटर गैरेज, पान मसाला और चाय की छोटी दुकानों में विशेष निगरानी रखी जाएगी।

अपर कलेक्टर संस्कृति जैन ने कहा कि सतना जिले के हर ब्लाक में श्रम निरीक्षक पदस्थ हैं। अपने-अपने क्षेत्र में बाल श्रम नियोजन संबंधी स्थानों की रेकी कर नोडल अधिकारी टास्क फोर्स को सूचना दें। इसके अलावा पूर्व में बाल श्रमिक नियोजित पाए गए संस्थानों का पुनः निरीक्षण कराएं।

जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी में बताया गया कि जिले में शासकीय स्पॉन्सरशिप योजना में 42 हितग्राही, निजी स्पॉन्सरशिप योजना में 157, मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना में 35, मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना में 15, स्ट्रीट चिल्ड्रन सर्वे में 53, पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजना में 14 हितग्राही बालक-बालिका लाभान्वित हुए हैं। दत्तक ग्रहण संस्थाओं से एक जनवरी 2010 से अब तक 150 बालक-बालिकाओं को दत्तक ग्रहण कराया गया है। पॉक्सो एक्ट की जागरूकता और प्रचार-प्रसार के लिए शहर और कस्बों के बालिका छात्रावास और कन्या विद्यालयों में कार्यशालायें आयोजित की गई हैं। बाल कल्याण समिति के माध्यम से पॉक्सो पीड़ित के 6 प्रकरणों में सहायता और पुनर्वास की सराहनीय कार्यवाही जिले में संपादित हुई है। चाइल्डलाइन के माध्यम से 1 अगस्त से अक्टूबर 2022 तक 88 केस रजिस्टर्ड हुए हैं। संस्था द्वारा आउटरीच प्रोग्राम, जागरूकता हेल्प लाइन 1098 का प्रचार-प्रसार तथा शेल्टर होम की सुविधा भी दी जा रही है।

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