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*हिंदी में शिक्षा ग्रहण कर भी अखिल भारतीय सेवाओं में सफल हो सकते है विद्यार्थी – कमिश्नर*

शहडोल जिला मध्यप्रदेश

हिंदी में शिक्षा ग्रहण कर भी अखिल भारतीय सेवाओं में सफल हो सकते है विद्यार्थी – कमिश्नर

बेटियां कुपोषित होगी तो राष्ट्र कुपोषित होगा – कमिश्नर

मनुष्य के सर्वांगीण विकास में शारीरिक सौष्ठता और पुष्ठता का कोई विकल्प नही – कमिश्नर

रिपोर्टर – चंद्रभान सिंह राठौर (संभागीय ब्यूरो चीफ)

शहडोल/16 अक्टूबर 2022/

कमिश्नर शहडोल संभाग राजीव शर्मा ने कहा है कि हिंदी में शिक्षा ग्रहण कर भी अखिल भारतीय सेवाओं में विद्यार्थी सफल हो सकते है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय सेवाओं में जाने के लिए अब अंग्रेजी की गुलामी नही रही। उन्होंने कहा है कि संस्कृत को पिछड़ी भाषा नही समझनी चाहिए। संस्कृत देव भाषा है इसका उपयोग भी करना चाहिए। कमिश्नर ने कहा है कि मध्यप्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में आज चिकित्साशास्त्र का पाठन हिंदी में प्रारंभ हो रहा है, इससे निश्चित ही विद्यार्थियों को चिकित्साशास्त्र को समझने में सहूलियत होगी। कमिश्नर शहडोल संभाग राजीव शर्मा दिन रविवार को सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शहडोल में प्रांतीय सांस्कृतिक महोत्सव के शुभारंभ समारोह को सम्बोंधित कर रहे थे। कमिश्नर ने कहा कि बेटियां पौष्टिक आहार करे और तन मन से स्वस्थ्य रहें।

उन्होंने कहा कि बेटियों में कुपोषण का स्तर बहुत है बेटियां कुपोषित होगी तो समाज और राष्ट्र कुपोषित होगा। हम कमजोर हड्डियों से राष्ट्र का विकास नही कर सकते है। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ्य भारत के लिए बेटियों का शक्तिशाली होना आवश्यक है। कमिश्नर ने कहा कि बेटियां पौष्टिक आहार लें, आयरन की उच्च मात्रा वाली सब्जियों का उपयोग करें। कमिश्नर ने कहा कि मनुष्य के सर्वांगीण विकास के लिए जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए शारीरिक सौष्ठता और पुष्ठता आवश्यक हैं। उन्होंने कहा है कि मनुष्य के सर्वांगीण विकास में शारीरिक निपुणता और शारीरिक सौष्ठता का कोई विकल्प नही है।

कमिश्नर ने विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि वे मानसिक एवं शारीरिक तौर से बलशाली बने, शरीर को पुष्ठ और मजबूत बनाए।
कमिश्नर ने कहा विद्या भारती ने संसाधनों के संघर्ष की लंबी यात्रा पिछले 50 वर्षाें में तय की है। आज विद्या भारती के शिक्षण संस्थान रामेश्वरम से लेकर लद्दाख तक और समुद्र के पार भी है। उन्होंने कहा कि सदियों की गुलामी से आजाद हुए भारत को पुर्नजीवित करने का असंभव कार्य था जिसे विद्या भारती जैसी संस्थाओं ने पुर्नजीवित कर दिया।
समारोह को विधायक जयसिंह मरावी, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री विद्या भारती रामजी आरावकर, डॉ. आनंद राव, राघवेन्द्र शुक्ल ने भी सम्बोधित किया।

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