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*बच्चे हमारे देश के भविष्य हैं, इन्हें सहेजना एवं संवारना सबका दायित्व – कमिश्नर*

शहडोल जिला मध्यप्रदेश

बच्चे हमारे देश के भविष्य हैं, इन्हें सहेजना और संवारना सबका दायित्व – कमिश्नर

छात्रों के भोजन में गड़बड़ी अक्षम्य अपराध – कमिश्नर

खिलाड़ियों को आहार और स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी – एडीजीपी

रिपोर्टर – (संभागीय ब्यूरो चीफ) चंद्रभान सिंह राठौर

शहडोल/29 सितंबर 2022/

बच्चे हमारे देश के भविष्य हैं, इन्हें अपने बच्चों की तरह पालना पोशना, इनकी बेहतर शिक्षा का इंतज़ाम करना सहेजना और संवारना शिक्षकों का परम दायित्व है। इनके पालक इन्हें आपके हाथों कितने विश्वास से
सौंपे हैं, इसका हमेशा ध्यान रखें। इनके खानपान में गड़बड़ी करना अपराध एवं पाप की श्रेणी के साथ घृणित कार्य भी है। बच्चों के खान-पान में चोरी करना अक्षम्य अपराध है। उक्त आशय के विचार कमिश्नर शहडोल संभाग राजीव शर्मा ने दिन गुरुवार को एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की जोन स्तरीय 2 दिवसीय खेल प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर व्यक्त किए।

इस मौके पर कमिश्नर ने कहा कि हमारे देश की संस्कृति रही है कि गरीब से गरीब लोग भी दूसरों को स्वादिष्ट भोजन कराते रहे हैं, हमारे पूर्वजों ने रोटी चुराना नहीं, रोटी खिलाना सिखाया है। उन्होंने कहा कि बच्चों के भोजन में हेराफेरी करना शासन की नजर में भी अपराध है, बच्चों के खाने में यदि वरिष्ठ अधिकारी चोरी हेतु दबाव भी दें तो अधीक्षकों को उसका बहिष्कार करना चाहिए और बच्चों को बेहतर भोजन उपलब्ध कराना चाहिए। कमिश्नर ने कहा कि भारत के जनजातीय लोग विदेशियों के समक्ष कभी भी ना तो हारे ना झुके। क्रीडा स्पर्धा के प्रतिभागी कभी हार और निराशा को मन में ना आने दें, हार को रानी दुर्गावती और रानी लक्ष्मीबाई ने भी कभी स्वीकार नहीं किया, बल्कि अपने प्राणों की आहुति तक दें डाली। बच्चों को भी उनसे सीख लेनी चाहिए।
कमिश्नर ने बच्चों को समझाइश देते हुए सीख दी कि खराब खाने की गुणवत्ता से समझौता ना करें बल्कि इसकी जानकारी वरिष्ठों को दें।

शिक्षकों का दायित्व है कि वे बच्चों को अच्छी शिक्षा, अच्छा भोजन का अधिकार दें। यह अधिकार शासन से दिया गया है वह बच्चों को हर हालत में मिलना भी चाहिए। उन्होंने शिक्षकों को छात्रों के हल्के बस्ती करने पर धन्यवाद देते हुए कहा कि अपने लालच को नियंत्रित कर अच्छा कार्य करने की आदत डालें। अधीक्षकों को कहा कि वह छात्रों को अच्छा खाना, अच्छा वातावरण देने साथ ही अच्छी पढ़ाई एवं शिक्षा देकर उनके भविष्य को संवारने का कार्य करें जिससे वे अपने माता-पिता सहित देश एवं प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। कमिश्नर ने बच्चों को खूब खेलो, खूब खाओ, और खूब पढ़ो का मंत्र भी दिया।

इस मौके पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शहडोल जोन दिनेश चंद्र सागर ने कहा कि बच्चों को क्रीड़ाओं के लक्ष्य दिए जाने चाहिए। खेल में लाने से पूर्व उनका स्वास्थ्य परीक्षण जरूर कराकर लाना चाहिए तथा खेलों के अनुरूप उन्हें आहार भी उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने खेल प्रतिभागियों से मूंग की दाल और चना आहार में लेने की जानकारी भी ली तथा उप विजेताओं का हौसला अफजाई करते हुए कहा कि कभी भी निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि खेल से हुई चूक को सुधार कर भविष्य में अच्छी तैयारी कर खेल के मैदान में उतरना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ी प्रतिभागियों को खेल के टिप्स भी सिखाएं तथा टीम भावना से खेल खेलने की शिक्षा भी दी।

इस मौके पर कमिश्नर शहडोल संभाग एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करते हुए उन्हें खेल के प्रति प्रेरित किया। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन शेख खलील क्रीड़ा प्रभारी अनूपपुर ने किया तथा संचालन अरुणिमा सिंह ने किया। गौरतलब है कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की जोन स्तरीय दो दिवसीय खेल प्रतियोगिता 29 एवं 30 सितंबर को महात्मा गांधी स्टेडियम शहडोल में आयोजित हो रही है। जिसमें कबड्डी, वॉलीबॉल, फुटबॉल, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, कुश्ती, वेटलिफ्टिंग, बैडमिंटन, दौड़, शतरंज, खो-खो, हॉकी, ताइकांडो, एवं योगा आदि खेलों का आयोजन होगा। इस खेल प्रतियोगिता में उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी, सतना, शहडोल, सीधी एवं सिंगरौली के 13 विद्यालयों के 688 खिलाड़ी प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। जिसमें अलग-अलग खेलों हेतु मैच संयोजक नियुक्त किए गए हैं। इस मौके पर जनजाति विकास के अधिकारी एवं प्राचार्य गण सहित प्रतिभागी छात्र एवं खेल प्रेमी भी उपस्थित थे।

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