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*भाजपा के शासनकाल में आदिवासियों के हक पर भाजपा के चाहेतो का हुआ कब्जा*

अनुपपूर जिला मध्य प्रदेश

भाजपा के शासनकाल में आदिवासियों के हक पर भाजपा के चाहेतो का हुआ कब्जा

रिपोर्टर – चंद्रभान सिंह राठौर

अनूपपुर – केंद्र व मध्य प्रदेश में आदिवासी जनजाति समाज के लिए 100 में से 70% बैठक आदिवासी जनजाति समाज के हित में की जाती है लेकिन अनूपपुर जिला आदिवासी जिला होने के बावजूद नवगठित तीनों नगर परिषद में संविलियन के नाम पर आदिवासियों के साथ छलावा किया गया जहाँ कांग्रेस के द्वारा प्रेसवार्ता करते हुए भाजपा के कुछ चिन्हित लोगों का नाम जारी किया गया जहाँ बताया गया कि इनके द्वारा ही छल किया गया है जिसका जीता जागता उदाहरण कांग्रेश के द्वारा प्रेसवार्ता में बताया गया कि भाजपा के जिम्मेदार पदाधिकारियों के ऊपर लगाए गए आरोप से सिद्ध होता है आखिरकार भाजपा के जिम्मेदार पदाधिकारियों के ऊपर लगाए गए आरोप के बाद अगर भाजपा चुप हैं तो नगर व शहर में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है कि भाजपा पार्टी आज देश की सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है लेकिन भाजपा के नाम पर अनूपपुर जिले के जिम्मेदार पोस्ट पर बैठे जिम्मेदार पदाधिकारियों के द्वारा तीनों नवगठित परिषदों में हुए संविलियन से यहां के स्थानीय युवा या स्थानी आदिवासी अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं।

मंत्री व जिला अध्यक्ष ने साधी चुप्पी क्षेत्र में बढ़ा जन आक्रोश

इस पूरे संविलियन फर्जी भर्ती में अनूपपुर जिले के आदिवासी मंत्री का भी चुप होना भाजपा के लिए भाजपा सरकार पर सवालिया निशान खड़ा करता है कि आखिरकार लगातार स्थानीय युवाओं व समाचार पत्रों एवं यूथ कांग्रेस के द्वारा इसका पुरजोर विरोध किया जा रहा और शासन के द्वारा इसकी जांच भी कराई गई और जांच में शासन के राजपत्र में भी इसे गलत बताया गया जिसमें कई के ऊपर निलंबन की कार्यवाही भी की गई व अभी भी जांच चल रही है लेकिन मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद भाजपा के जिले के जिम्मेदार पदाधिकारियों के द्वारा जिस तरह से स्थानीय लोगों का हक मारा गया है इससे भाजपा की साख पर सवालिया निशान खड़ा होता है कि यही भाजपा की सरकार मंच के माध्यम से बड़े-बड़े कार्यक्रमों में आदिवासियों के हक की बात करते हुए ईमानदारी की बात करती नजर आती है आखिर क्या इन जिम्मेदार पदाधिकारियों के ऊपर भाजपा कार्यवाही करती है या अपने ही सरकार में अपने ऊपर इस तरह के आरोप लगते देखती रहेगी।

नवगठित नगर परिषद बनगवां डूमरकछार व डोला परिषदों के लोगों का है सवाल

स्थानिय लोगों ने बताया कि पूर्व में समाचार पत्र में भाजपा के जिला अध्यक्ष भाजपा के मंडल अध्यक्ष से जब सिविलियन के बारे में पूछा गया था तो इनके द्वारा किसी भी प्रकार का सिविलियन परिषद में न होना बताया गया था तो आज फिर कांग्रेस के द्वारा जारी किए गए पत्र में इनके बच्चों व रिस्तेदार का नाम कहाँ से आया साथ ही पूर्व मंडल या अन्य भाजपा के पदाधिकारियों व भाजपा के लोगों के द्वारा जिस तरह अपने पुत्र – पुत्री व परिवार के साथ ही अपने चहेतों का संविलियन कराए हैं इससे नगर के लोग भाजपा पर आरोप लगाते हुए अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं या यूं कहें कि आज यही कारण है कि कुछ इस के लोगों की वजह से ही विपक्ष के लोग भाजपा पर निशाना साधते हुए कहते हुए नजर आ रहे हैं कि सत्ता के नशे में चूर लोगों द्वारा बड़ी-बड़ी बातें करते हुए आदिवासी क्षेत्र के युवाओं की उपेक्षा किये हैं।

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