*शासन की योजना का लाभ दिलाने एवं समस्याओं का निराकरण करने हेतु मानपुर जनपद मुख्यालय मे जन समस्यां निवारण षिविर का किया गया आयोजित*
उमारिया जिला मध्य प्रदेश

शासन की योजना का लाभ दिलाने एवं समस्याओं का निराकरण करने हेतु मानपुर जनपद मुख्यालय मे जन समस्यां निवारण षिविर का किया गया आयोजित
जनहित सर्वोपरि है, योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों को दिलाएं – मंत्री मीना सिंह
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उमरिया 14 फरवरी – जनहित सर्वोपरि है । प्रदेश सरकार जनता की समस्याओं को ध्यान मे रखकर योजनाओ को बनाने एवं क्रियान्वित करने का कार्य प्राथमिकता से कर रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की मंशा है कि आम जन को अपनी समस्याओ के निराकरण के लिए शासकीय कार्यालयो के चक्कर नही काटना पड़े। इसी उद्देश्य से शासन द्वारा पारदर्शिता लाते हुए सभी शासकीय योजनाओं को ऑनलाईन कर दिया है।

राजस्व विभाग , ग्रामीण विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग आदि जैसे प्रमुख विभागों की सभी सेवाएं ऑनलाईन कर दी गई है। जन समस्याओं के निराकरण हेतु जिला प्रशासन के सहयोग से समय समय पर जन समस्याओं शिविरों का भी आयोजन हो रहा है। जरूरत है आम जन शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त करे तथा उनका लाभ उठाएं। प्रदेश शासन की जन जातीय कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह जनपद पंचायत मुख्यालय मानपुर मे आयोजित जन समस्यां निवारण शिविर को संबोधित कर रही थी। कार्यक्रम के शुभारंभ मे प्रदेश की जन जातीय कार्य मंत्री द्वारा कन्या पूजन किया गया।

शिविर मे कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव, एसडीएम मानपुर सिद्धार्थ पटेल, तहसीलदार मानपुर रमेश परमार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत राजेंद्र शुक्ला, नायब तहसीलदार बृन्देश पाण्डेय, दशरथ सिह,अनुराग सिह, नगर परिषद मानपुर प्रभारी सी एम ओ, ब्रजवासी गुप्ता,सतीश सोनी,सुरेश तिवारी,रमेश मिश्रा, रसिक खण्डेलवाल सहित सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं खण्ड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने जन समस्यां निवारण शिविर मे उपस्थित होकर आम जन की रूबरू समस्यायें सुनते हुए संबंधित अधिकारियों के माध्यम से मौके पर ही कई समस्याओं का निराकरण कराया। उन्होने कहा कि शासन की योजनाएं ऑनलाईन हो चुकी है। अब आम जनता को कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केन्द्रांे से भी योजनाओं का लाभ मिल सकता है। उन्होंने बताया कि जिले मे स्वास्थ सेवाओं का लाभ लेने हेतु अभियान चलाकर आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे है। इसी तरह प्रधानमंत्री किसान कल्याण योजना के हितग्राहियों का सामाजिक संर्वेक्षण ग्राम सभा के माध्यम से किया जा रहा है। ग्राम विकास के लिए अब ग्राम स्तरीय प्लानिंग की रूप रेखा तैयार की जा रही है। ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीण जन ग्राम विकास की कार्य योजना तैयार कराने मे मदद करे। कार्यक्रम मे तहसीलदार मानपुर ने राजस्व विभाग से संबंधित सेवाओ की, सीईओ जनपद पंचायत ने ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की, बीएमओ द्वारा स्वास्थ्य विभाग के योजनाओं की, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विभागीय योजनाओं की , वन विभाग द्वारा वन विभाग से संबंधित योजनाओं की, लोक स्वास्थ्य विभाग पेयजल संबंधी , बिजली विभाग, शिक्षा विभाग द्वारा अपने अपने विभाग से संबंधित जानकारी दी गई।
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एल- 1 स्तर पर ही सीएम हेल्पलाईन की शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करें- कलेक्टर
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उमरिया 14 फरवरी – कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने सीएम हेल्पलाईन की शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करनें के निर्देश एल- 1 अधिकारियो को दिए है। आपने विभिन्न विभागों मे लंबित सीएम हेल्पलाईन की शिकायतों की मानीटरिंग करते हुए निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारी शिकायतकर्ता से संपर्क करे तथा उनकी समस्याओं का निराकरण करके संतुष्टिपूर्वक शिकायते बंद कराएं। संबंधित विभागो के जिला स्तरीय अधिकारी सीएम हेल्पलाईन की शिकायतों के निराकरण की स्वयं मानीटरिंग करे तथा कार्य मे प्रगति लाएं। इस कार्य मे किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दास्त नही की जाएगी। बैठक में अपर कलेक्टर अशोक ओहरी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ईला तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु जिला षिक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्त तथा डीपीसी अभियान चलाएं – कलेक्टर
उमरिया 14 फरवरी – आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु जिले भर मे अभियान चलाया जाए। जिला एवं जनपद स्तरीय अधिकारी जब भी भ्रमण मे जाएं तो आम जन को आयुष्मान कार्ड से मिलने वाले लाभों की जानकारी दें तथा ग्रामीणों को आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु प्रेरित करें। इसी तरह करकेली एवं मानपुर जनपद पंचायत मे जिला शिक्षा अधिकारी , पाली मे सहायक आयुक्त आदिवासी विकास तथा प्राथमिक एवं माध्यमिक कक्षाओ मे अध्ययनरत विद्यार्थियो के आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु डीपीसी अग्रणी भूमिका का निर्वहन करे, इसके लिए शालावार शिक्षकों का चयन कर नोडल अधिकारी बनाया जाएं। इसी तरह आंगनबाड़ी केन्द्रों मे दर्ज बच्चो के आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को उत्तरदायि बनाया जाए तथा संबंधित सीडीपीओ एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी इस कार्य के प्रगति की नियमित मानीटरिंग करे। उक्त आशय के निर्देश कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने समय सीमा की साप्ताहिक बैठक मे दिए । बैठक में अपर कलेक्टर अशोक ओहरी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ईला तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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परामर्षदाता एवं लैब टेक्नीशियन हेतु लिखित परीक्षा , प्रेक्टिकल तथा साक्षात्कार 19 फरवरी को
उमरिया 14 फरवरी – मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा आर के मेहरा ने बताया कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम चरण अंतर्गत प्रदेश में स्थापित विभिन्न केन्द्रों में रिक्त संविदा पदों पर 31 मार्च 2022 तक के लिए (पदों के आगे भी निरंतर रहने की संभावना है) संविदा नियुक्ति हेतु राज्य स्तर से विज्ञापन जारी किया गया था। विज्ञापन में जिला चिकित्सालय उगरिया हेतु परामर्शदाता का 01 पद एवं लैब टेक्नीशियन का 01 पद अनुसूचित जनजाति तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पाली हेतु परामर्शदाता का 01 पद एवं लैब टेक्नीशियन का 01 पद अनुसूचित जनजाति का है। विज्ञापन उपरांत आवेदन कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला उमरिया को प्राप्त हुये है। जिसके आधार पर परामर्शदाता के 31 आवेदन पत्र तथा लैब टेक्नीशियन के 29 आवेदन पत्र पात्र पाये गये है। समस्त आवेदकों को डाक के माध्यम से, मोबाईल के माध्यम से सूचित किया गया है। साथ ही आवेदकों को सूचित किया जाता है, कि दोनों पदों हेतु लिखित परीक्षा प्रेक्टिकल 19 फरवरी 2022 को प्रात 11 बजे से शासकीय रणविजय प्रताप सिंह महाविद्यालय उमरिया के सभागार कक्ष में आयोजित किया गया है। तत्पश्चात् दोपहर 3 बजे से कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में आवेदकों के साक्षात्कार की प्रक्रिया प्रारंभ की जायेगी। उन्होनेे कहा है कि अन्य किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए मनीष पटेल, सहायक ग्रेड-03 मोबाईल नंबर 8821936557 कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला उमरिया से प्राप्त की जा सकती है।
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हेल्थ बुलेटिन उमरिया
54 मरीजों को किया गया डिस्चार्ज
उमरिया 14 फरवरी – मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाक्टर आर के मेहरा ने बताया कि 13 फरवरी को 24 कोरोना पाजीटिव चिन्हित किए गए हैं। जिसमें जिले के शहर क्षेत्र मे 3 पुरूष महिला, पाली विकासखण्ड के 6 पुरूष महिला, मानपुर विकासखण्ड के 7 पुरूष महिला, करकेली विकासखण्ड में 8 पुरूष महिला, शामिल है। जिले में वर्तमान में 123 मरीज एक्टिव है जिसमें 2 मरीजों का विभिन्न सेंटरों में ईलाज किया रहा है वहीं 121 मरीजों को होम आईसोलेशन में रखा गया है। 13 फरवरी को 54 मरीजो को डिस्चार्ज किया गया। 13 फरवरी को 705 व्यक्तियों के सेेंपल एकत्र किए गए। इसी तरह 23 मार्च से लेकर आज दिनांक तक 281480 व्यक्तियों के सेंपल लिए गए जिसमें 273163 सेंपल निगेटिव प्राप्त हुए है।
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नेशनल लोक अदालत 12 मार्च को
उमरिया 14 फरवरी – प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सनत कुमार कश्यप के मार्गदर्शन मे नेशनल लोक अदालत का आयोजन 12 मार्च को किया गया है। आयोजित नेशनल लोक अदालत मे न्यायिक प्रकरण आपराधिक, सिविल, श्रम, मोटरयान दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण, कुटुम्ब न्यायालय के लंबित, प्रिलिटिगेशन के समझौता योग्य प्रिलिटिगेशन के रूप मे सभी बैकों के प्रकरण, नगर पालिका समकेतिक कर एवं जल कर तथा विद्युत प्रकरणों का निराकरण भी किया जाएगा। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अधिवक्ताओ एवं जन मानस से अपील की है कि नेशनल लोक अदालत मे अधिक से अधिक प्रकरणों का आपसी सुलह समझौता के माध्यम से निराकरण कराएं।
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ने,यु,के, उमरिया ने कैरियर मार्गदर्शन कैरियर परामर्श मेला पर युवाओं को दिया प्रशिक्षण
उमरिया 14 फरवरी । युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार नेहरू युवा केंद्र उमरिया द्वारा आयोजित कैरियर मार्गदर्शन एवं कैरियर परामर्श और कैरियर मेले पर युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया । विदित हो कि उमरिया जिले के ग्राम मजमानी कला में युवाओं को भारत सरकार की योजनाओं की जानकारी एवं युवाओं के कैरियर से संबंधित जानकारी बताई गई एवं युवाओं के जो भी प्रश्न थे उन्हें मंच पर बैठे वक्ता द्वारा उत्तर दिया गया । युवाओं को जीवन में आगे बढ़ने और अपने परिवार को मजबूत करने के लिए सबसे जरूरी चीज रोजगार प्राप्त करने के गुण भी सिखाए गए इस आयोजन में जिले के विशेषज्ञ विचारों ने अपने जीवन भर का अनुभव साझा किया जो बेरोजगार युवाओं के अच्छे मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण सिद्ध होगा कार्यक्रम में उपभोक्ता परिषद की सचिव सुचित्रा गोलिया ने अपने मार्गदर्शन में युवाओं को प्रशिक्षण के दौरान कई बातें साझा की और बताया कि हमें कैसे नेट एग्जाम अन्य प्रतियोगिताएं की तैयारी किस प्रकार करनी चाहिए और भविष्य में हम कैसे आगे बढ़ सकते हैं इसकी विस्तार से जानकारी बताया गया।
आर,बी, एसोसिएट भोपाल सुपरवाइजर मो,वसीम खान ने प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि युवा हमारे देश का भविष्य है आज का युवा अपने मार्ग मुझसे भटक रहा है जिसे सही दिशा में लाना होगा जिसके लिए उन्होंने अपने जीवन से जुड़ी बहुत सी जानकारियां बताएं और युवा कैसे आगे बढ़ सकता है । आजाद उपभोक्ता जागरूक एवं विकास परिषद सचिव अनुज सेन ने युवा कैरियर मार्गदर्शन कैरियर परामर्श के बारे में युवाओं को बताया और बताया कि नेहरू युवा केंद्र जो भारत सरकार का उपक्रम है और भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को देश के युवाओं तक पहुंचाने का काम नेहरू युवा केंद्र युवा मंडल एवं महिला मंडल के माध्यम से युवाओं तक पहुंच कर योजनाओं की जानकारी दी जाती है और समय-समय पर कैरियर से संबंधित मेले का आयोजन किया जाता है जिससे कि युवा वर्ग को योजनाओं का लाभ मिल सके प्राचार्य बद्री नारायण दास शिक्षा के माध्यम से युवाओ को अपना मार्गदर्शन दीया हैं अभिषेक तिवारी द्वारा बताया गया कि हम स्वयं युवा हैं और हमने अपने जीवन काल ने किस प्रकार से आगे बढ़ने के लिए कई प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कैसे की जिससे आज हम इस मुकाम पर पहुंचे हैं। इस कार्यक्रम में उपस्थित बद्री नारायण दास, बलराम सिंह पडवार, अजय चौधरी, हेमन्त, लाल जी प्रजापति, हरीश रौतेल, मनीषा, राकेश चतुर्वेदी, ने भी अपने विचार युवा को दिया इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा वर्ग मौजूद रहा।
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भारत भवन मध्यप्रदेश की कला और संस्कृति का संरक्षक और संवर्धक – मंत्री सुश्री ठाकुर
कलाग्राम की होगी स्थापना मनाई गई
भारत भवन की 40 वीं वर्षगाँठ का समारोह हुआ प्रारंभ
विभिन्न कार्यक्रमों के साथ हुई शुरूआत
उमरिया 14 फरवरी – संस्कृति, पर्यटन और अध्यात्म मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने कहा कि भारत भवन मध्य प्रदेश की कला एवं संस्कृति का संरक्षक और संवर्धक है। इस की भूमिका को और अधिक बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की परिकल्पना पर आधारित कलाग्राम की स्थापना की जायेगी। मंत्री सुश्री ठाकुर भारत भवन की 40वीं वर्षगांठ पर आयोजित विविध कला समारोह को संबोधित कर रही थी। सुश्री ठाकुर ने कहा कि कलाग्राम भारत भवन के अतरू प्रसार की अत्यन्त महत्त्वपूर्ण और अनूठी पहल है। शासन द्वारा कलाग्राम की स्थापना के लिए 1 एकड 5 डेसिमिल जमीन भी भारत भवन को आवंटित हो चुकी है। मंत्री सुश्री ठाकुर ने कहा कि कला ग्राम प्रदेश की परंपरागत चित्रांकन के संचयन एवं प्रदर्शन, महाभारत और रामायण पर आधारित लोक शैलियों पर केंद्रित अध्ययन, प्रदेश की संस्कृति के विभिन्न पक्षों पर परिसंवाद, व्याख्यान, फिल्म प्रदर्शन और डॉक्यूमेंटेशन आदि का केंद्र बनेगा।
रंगमण्डल को किया जाएगा पुनः प्रारंभ
मंत्री सुश्री ठाकुर ने कहा कि भारत भवन की पुरानी धरोहर रंगमण्डल को पुनः प्रारंभ किया जाएगा। रंगमंडल ने प्रदेश को अनेक प्रतिष्ठित और प्रसिद्ध कलाकार दिए हैं। इससे प्रदेश के कलाकारों को अपनी साधना के लिए एक प्रतिष्ठित और उपयुक्त मंच हासिल होगा। साथ ही प्रदेश की प्रतिभाएँ देश और विदेश में प्रदेश का नाम ऊँचा करेंगी। मंत्री सुश्री ठाकुर ने प्रतिष्ठित कलाकारों और साहित्यकारों के साथ दीप जला कर समारोह का शुभारंभ किया। समारोह में सुश्री ठाकुर ने राष्ट्रीय कालिदास और शिखर सम्मान से विभिन्न श्रेणियों में कलाकारों, साहित्यकारों और रंगकर्मियों को अलंकृत किया। सुश्री ठाकुर ने पद्मश्री के लिए चयनित सुश्री दुर्गा बाई व्याम के चित्रों, रेखांकन कला प्रदर्शनी-सुरेखा और प्रतिष्ठित कलाकारों की कृतियों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। प्रमुख सचिव संस्कृति और पर्यटन एवं भारत भवन के न्यासी सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि किसी व्यक्ति के लिए 40 वर्ष उसके जीवन की ढलान की ओर संकेत करते है, वही किसी संस्था की स्थापना का जितना समय गुजरता जाता है उसका सम्मान और अधिक बढ़ता जाता है। भारत भवन की 40 वर्ष की यात्रा में इस भवन को अनेक प्रतिष्ठित कलाकारों और रचनाकारों का सानिध्य प्राप्त हुआ है। इसी से प्रेरणा लेते हुए आगे भी भारत भवन राज्य की सांस्कृतिक और रचनात्मक धरोहर को सहेजते हुए इसे और अधिक समृद्ध करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगा।
राष्ट्रीय कालिदास सम्मान और शिखर सम्मान से रचनाकारों का अलंकरण
भारत भवन मुक्ताकाश मंच पर राष्ट्रीय कालिदास सम्मान और राज्य शिखर सम्मान से विभिन्न श्रेणियों में कलाकारों साहित्यकारों और रंगकर्मियों को सम्मानित किया गया। रूपंकर कलाएँ के लिए राष्ट्रीय कालिदास सम्मान गुजरात के श्री ज्योति भट्ट को वर्ष 2017, नई दिल्ली की सुश्री इरा चौधरी को 2018, नई दिल्ली के श्री परमजीत सिंह को 2019 और बड़ौदा के श्री ध्रुव मिस्त्री को वर्ष 2020 के लिए दिया गया। रंगकर्म के लिए राष्ट्रीय कालिदास सम्मान लखनऊ के डॉ. अनिल रस्तोगी को वर्ष 2019 और मुंबई के श्री वामन केंद्रे को वर्ष 2020 के लिए प्रदान किया गया। राज्य शिखर सम्मान हिंदी साहित्य के लिए ग्वालियर के श्री शैवाल सत्यार्थी को वर्ष 2019 और भोपाल के श्री हरी जोशी को वर्ष 2020 के लिए दिया गया। इसी तरह उर्दू साहित्य के लिए भोपाल के श्री नईम कौसर को वर्ष 2019 और भोपाल के श्री देवीशरण को वर्ष 2020 के लिए प्रदान किया गया। संस्कृत साहित्य के लिए दतिया के डॉ. रामेश्वर प्रसाद गुप्ता को वर्ष 2019 और जबलपुर के प्रो. रहस बिहारी द्विवेदी को वर्ष 2020 के लिए प्रदान किया गया। शास्त्रीय संगीत के लिए ग्वालियर के पं. प्रभाकर लक्ष्मण गोहदकर को वर्ष 2019 और भोपाल के पं. सज्जनलाल ब्रह्माभट्ट को वर्ष 2020 के लिए प्रदान किया गया। रूपंकर कलाएँ के लिए भोपाल के श्री देवी लाल पाटीदार को वर्ष 2019 और नई दिल्ली के श्री मनीष पुष्कले को वर्ष 2020 के लिए दिया गया। नाटक के लिए भोपाल की सुश्री वैशाली गुप्ता को वर्ष 2019 और भोपाल के श्री के.जी. त्रिवेदी को वर्ष 2020 के लिए प्रदान किया गया। जनजातीय एवं लोक कलाएँ के लिए भोपाल की श्रीमती अग्नेश केरकट्टा को वर्ष 2019 और श्रीमती पूर्णिमा चतुर्वेदी को वर्ष 2020 के लिए दिया गया। इसी तरह दुर्लभ वाद्य वादन के लिए राज्य शिखर सम्मान सागर के श्री बाबूलाल भोला को वर्ष 2019 और उज्जैन की डॉ. वर्षा अग्रवाल को वर्ष 2020 के लिए प्रदान किया गया। समारोह के पहले दिन श्री संतोष संत के निर्देशन में स्वर वेणु गुरुकुल इंदौर के कलाकारों ने बांसुरी सप्तक की मधुर संगीतमयी प्रस्तुति दी। इस अवसर पर निदेशक भारत भवन श्री अदिति कुमार त्रिपाठी सहित भारत भवन से जुड़े कलाकार, रंगकर्मी और बड़ी संख्या में आम जन उपस्थित थे।
पाँच दिवसीय विविधकला समारोह में आयोजित होगी विभिन्न गतिविधियाँ
बहुकला केंद्र भारत भवन में आयोजित समारोह में 17 फरवरी 2022 तक सुगम संगीत, आकर्षक नृत्य, स्लाइड शो, नृत्य नाटिका और कविता पाठ जैसी सांस्कृतिक गतिविधियाँ होंगी।
समारोह के दूसरे दिन 14 फरवरी को दोपहर 12 बजे रूपंकर कलाओं के लिए सम्मानित कलाकारों द्वारा स्लाइड शो एवं संवाद का आयोजन होगा। शाम 7 बजे राष्ट्रीय कालिदास सम्मान से विभूषित श्री अनिल रस्तोगी द्वारा अभिनीत नाटक श्आखिरी वसंतश् की प्रस्तुति श्री शुभदीप राहा के निर्देशन में दर्पण, लखनऊ के कलाकारों द्वारा दी जाएगी। समारोह के तीसरे दिन शाम 7 बजे सुश्री सुचित्रा हरमलकर और साथी कलाकारों द्वारा कथक पर आधारित श्अमृतस्य नर्मदाश् नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी जाएगी।
समारोह के चौथे दिन 16 फरवरी को दोपहर 2 बजे श्री गुरुदत्त द्वारा निर्देशित फिल्म प्यासा का प्रदर्शन किया जायेगा। शाम 7 बजे से संस्कृत के कवि श्री मिथिला प्रसाद त्रिपाठी और श्री रामनाथ झा, हिंदी के कवि श्री यतींद्र मिश्र और सुश्री अन्ना माधुरी तिर्की, ओडि़या कवि सुश्री पारमिता सतपथी और मराठी कवि सुश्री कल्पना दुधाल द्वारा कविता पाठ किया जाएगा। अंतिम दिन 17 फरवरी को शाम 7 बजे राष्ट्रीय कालिदास सम्मान से विभूषित श्री वामन केंद्रे द्वारा निर्देशित नाटक श्मोहे पियाश् की रंगपीठ मुंबई के कलाकारों द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी।
क्रमांक 215
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विश्व रेडियो दिवस पर रेडियो जॉकी के साथ किया पौध-रोपण
रेडियो आज भी लोगों तक पहुँचने का सबसे प्रभावशाली माध्यम – मुख्यमंत्री श्री चौहान
मुख्यमंत्री श्री चौहान से रेडियो जॉकी ने की पौध-रोपण, पर्यावरण-संरक्षण, सौर ऊर्जा पर विस्तृत चर्चा
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उनके घर आए पहले रेडियो के प्रभाव को किया याद
मुख्यमंत्री श्री चौहान को सर्वाधिक पसंद हैं स्वर कोकिला लता मंगेशकर के देशभक्ति गीत
युवाओं को पर्यावरण के महत्व एवं पेड़ों की उपयोगिता के संबंध में शिक्षित करना आवश्यक
युवा अपने स्वभाव में सम्मिलित करें पौधे लगाना
रेडियो जॉकी, रेडियो के माध्यम से चलाएँ पौध-रोपण और ऊर्जा संरक्षण के लिए विशेष अभियान
स्मार्ट उद्यान में केसिया और गुलमोहर के पौधे लगाए
उमरिया 14 फरवरी – मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्व रेडियो दिवस पर स्मार्ट उद्यान में आकाशवाणी तथा भोपाल के एफएम रेडियो चौनलों के रेडियो जॉकी (आरजे) के साथ पौध-रोपण किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ माय एफएम की आरजे मानसी, बिग एफएम की आरजे अनादि, रेड एफएम की आरजे पायल, रेडियो मिर्ची के आरजे आकाश और आकाशवाणी की सुश्री मेघा तिवारी ने गुलमोहर और केसिया के पौधे लगाए। इस अवसर पर माय एफएम के श्री दीपेंद्र सक्सेना, बिग एफएम के श्री असलम तथा रेड एफएम के श्री प्रतीक उपाध्याय भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उपस्थित रेडियो जॉकी को विश्व रेडियो दिवस की बधाई दी तथा उनसे विस्तृत संवाद किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रेडियो आज भी लोगों तक पहुँचने का सबसे प्रभावशाली माध्यम है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग जानकारियों के लिए रेडियो पर निर्भर हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रेडियो के माध्यम से जन-जन को पौध-रोपण के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है। मैं पेड़-पौधों में भी अपने भांजे-भांजियों का स्वरूप देखता हूँ। पेड़-पौधे जीवन देते हैं। यह केवल मनुष्य के लिए ही नहीं अपितु पशु-पक्षियों, कीट-पतंगों के लिए भी जीवन का स्त्रोत हैं।
पौध-रोपण का कार्य हम मानव जीवन के लिए ही कर रहे हैं, जो धरती के उपकार को चुकाने का भी एक तरीका है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पर्यावरण बचाने के लिए हम प्रदेश को सौर ऊर्जा की ओर ले जाना चाहते हैं। सूर्य, ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। यदि हम सौर ऊर्जा का सही तरीके से उपयोग कर लें तो भविष्य में थर्मल पावर प्लांट लगाने की आवश्यकता ही नहीं होगी। हमें यह समझना होगा कि कोयला धरती में सीमित मात्रा में है। इसके साथ ही कोयले से बिजली बनाने से पर्यावरण बिगड़ता है, कार्बन गैसों का उत्सर्जन होता है। इसलिए हम लोगों ने निजी क्षेत्र के साथ मिलकर कई जगह सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का अभियान आरंभ किया है। रीवा और नीमच में प्लांट लगाए जा चुके हैं। शाजापुर, आगर, नीमच, मुरैना, छतरपुर में भी प्लांट लगाए जा रहे हैं। ओंकारेश्वर का डैम सोलर एनर्जी उत्पादन के लिए उपयुक्त है। अतः पानी की सतह पर सोलर पैनल बिछाकर सौर ऊर्जा उत्पादन की योजना है। इससे पानी वाष्प बनकर उड़ने से बचेगा और सोलर बिजली की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार बड़े सोलर प्लांट के अलावा छोटे निवेशकों और किसानों को भी दो मेगावाट तक के सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। निवेशक और किसान जितनी बिजली उत्पादित करेंगे, राज्य सरकार उनसे 3 से 3 रुपए 15 पैसे तक की दर से बिजली क्रय कर ग्रिड में डालेगी। इससे हमारा किसान अन्नदाता के साथ ऊर्जा दाता भी हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विंड एनर्जी और बायोमास से ऊर्जा उत्पादन की दिशा में भी राज्य सरकार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित ऊर्जा साक्षरता अभियान को जनता का अभियान बनाना है। कई बार हम अनावश्यक बिजली खर्च करते हैं। बिजली बचाना बिजली बनाने जैसा ही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वे स्वयं भी मुख्यमंत्री निवास में बिजली बचाने के लिए सक्रिय और सजग रहते हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हम सब ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज के खतरों से परिचित हैं। धरती की सतह का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। पर्यावरण के विनाश के परिणाम हम सबके सामने हैं।
इससे यदि हमें स्वयं को और धरती को बचाना है तो सभी को सजग और सचेत होना पड़ेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपील करते हुए कहा कि हम सभी व्यापक पैमाने पर वृक्षा-रोपण करें एवं उनका संरक्षण भी करें। जिन भूमियों पर वृक्षारोपण किया जा सकता है, वहाँ अधिक से अधिक पौधे लगाये। साथ ही क्लीन एनर्जी ग्रीन एनर्जी के उपयोग को प्रोत्साहित करें। अनावश्यक ऊर्जा का व्यय न करें, जितनी बिजली बच सकती है उसे बचाया जाए। धरती से भी जिस मात्रा में खनिज निकाला जा रहा है, उसके प्रति संवदेनशील रहना आवश्यक है। हमें यह सुनिश्चित करना है कि प्रकृति का दोहन हो शोषण नहीं और यह धरती आने वाली पीढि़यों के रहने लायक बनी रहे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि युवा, पर्यावरण के प्रति जागरूक रहें। युवाओं को पर्यावरण के महत्व, पेड़ों की उपयोगिता के संबंध में शिक्षित करना आवश्यक है। यह भी प्रयास होना चाहिए कि युवा विशेष अवसरों पर पौध-रोपण करें। पौधा लगाने को युवा अपने स्वभाव का अंग बना लें।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने चर्चा में स्मरण करते हुए बताया कि गाँव में उनके घर फिलिप्स का रेडियो आया था। घर पर रेडियो आने की प्रसन्नता अद्भुत थी। उस समय समाचारों के साथ बिनाका गीतमाला के लिए विशेष रुचि थी। लता जी के गीतों से विशेष लगाव था। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लता जी का गीत दृ ष्ऐ मेरे वतन के लोगों जरा आँख में भर लो पानीश्श् मेरा सबसे प्रिय गीत है। इस गीत से देश भक्ति का भाव जागृत होता है, हम सब को प्रेरणा मिलती है तथा देश की सीमाओं की रक्षा के लिए कुर्बानी देने वाले सैनिकों के प्रति श्रद्धा का भाव उत्पन्न होता है
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उपस्थित सभी रेडियो जॉकी को पर्यावरण संरक्षण के लिए पौध-रोपण और ऊर्जा संरक्षण के लिए रेडियो के माध्यम से निरंतर विशेष मुहिम चलाते रहने की आवश्यकता बताई।
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मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भारत कोकिला श्रीमती सरोजिनी नायडू की जयंती पर किया नमन
उमरिया 14 फरवरी – मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत कोकिला श्रीमती सरोजिनी नायडू की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निवास कार्यालय सभागार में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। श्रीमती सरोजिनी नायडू का जन्म 13 फरवरी 1879 को हैदराबाद में हुआ था। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाली सरोजिनी नायडू भारत कोकिला के नाम से प्रसिद्ध हुई। श्रीमती सरोजिनी नायडू ने 13 वर्ष की आयु में लेडी ऑफ दी लेक नामक कविता रची। वे वर्ष 1895 में उच्च शिक्षा प्राप्त करने इंग्लैंड गईं और पढ़ाई के साथ कविताएँ भी लिखती रही। उनके कविता संग्रहों ने उन्हें सुप्रसिद्ध कवियत्री बना दिया। उन्होंने अनेक राष्ट्रीय आंदोलन का नेतृत्व किया और जेल भी गयी। श्रीमती नायडू ने संकटों से न घबराते हुए एक वीरांगना की भांति गाँव-गाँव घूमकर देश-प्रेम का अलख जगाती रही।
श्रीमती नायडू के वक्तव्य जनता के हृदय को झकझोर देते थे और देश के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने के लिए प्रेरित करते थे। वे बहुभाषाविद थी और क्षेत्रानुसार अपना भाषण अंग्रेजी, हिंदी, बंगला या गुजराती में देती थी। श्रीमती नायडू का देहांत 2 मार्च 1949 को हुआ। भारत सरकार ने उनके सम्मान में डाक टिकट भी जारी किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ट्वीट किया है दृ “आदरणीय सरोजिनी नायडू जी की जयंती पर कोटिशरू नमन। माँ, बहन और बेटियों का सशक्तिकरण ही हम सबकी उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।“
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मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा श्री राहुल बजाज के निधन पर शोक व्यक्त
उमरिया 14 फरवरी – मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व राज्यसभा सदस्य और प्रमुख उद्योगपति श्री राहुल बजाज के निधन पर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि श्री बजाज ने भारत के मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग को किफायती स्कूटर की सुविधा उपलब्ध करवाकर उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने बजाज समूह को भारत के उद्योग व्यवसाय जगत में ऊँचाइयों तक पहुँचाने का कार्य भी किया। वे पद्मभूषण से भी अलंकृत किए गए थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्व. राहुल बजाज की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।
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मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की
उमरिया 14 फरवरी – मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सतना जिले में चित्रकूट के निकट गुप्त गोदावरी से लौट रही श्रद्धालुओं की बस के दुर्घटनाग्रस्त होने पर दुरूख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि यह दुखद घटना है। दुर्घटना में एक महिला की मृत्यु होने का समाचार है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जिला प्रशासन को घायलों की सहायता के निर्देश दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है। अभी चित्रकूट के जानकीकुण्ड अस्पताल में घायलों का इलाज चल रहा है। प्रशासनिक अधिकारी घायलों के स्वास्थ्य लाभ एवं अन्य सहायता के लिए मौके पर उपस्थित हैं।
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मोदीजी राष्ट्र गौरव के लिए कुछ भी कर गुजरने का प्रतिरूप – राज्यपाल श्री पटेल
मोदीजी का जीवन संवेदनाओं और संकल्प के लिए सर्वस्व समर्पण का प्रतीक
डिलीवरिंग डेमोक्रेसी संगोष्ठी में राज्यपाल ने कहा
उमरिया 14 फरवरी – राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि हम रहे न रहे दिन चार, माँ तेरा वैभव अमर रहें का प्रतिरूप प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी है। संवेदनाओं और संकल्प की पूर्ति के लिए सर्वस्व समर्पण ही उनकी जीवन यात्रा है, जिसमें जन, जीव और जंतु सभी के दुख दर्द की चिंता और चेतना है। राष्ट्र के गौरव के लिए कुछ भी कर गुजरने का संकल्प और सामर्थ्य है।
राज्यपाल श्री पटेल कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में डिलीवरिंग डेमोक्रेसी संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। संगोष्ठी का आयोजन रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी एवं आइडिया ऑफ न्यू एम.पी. द्वारा किया गया।
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व के 20 वर्षों में गतिशील गणतंत्र को नई ऊँचाइयाँ मिली हैं। उनकी असाधारण नेतृत्व क्षमता, दूरदर्शिता और अद्भुत कार्य दक्षता, उन्हें विश्व का अग्रणी राजनेता बनाती है, जिसने विकास की गति को बढ़ाते हुए देश को वैश्विक गुरु के रूप में प्रतिष्ठित करने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है। उन्होंने सूरत शहर में 14 फीट पानी भरने और गिर वन के शेरों की हत्या के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि मोदी जी को एक बार यू.एस. सरकार ने वीज़ा देने से मना कर दिया था।
मोदी जी ने विकास और जनसेवा के ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए कि आज यू.एस. में दुनिया के किसी नेता से अधिक मान-सम्मान मोदी जी का होता है। सारी दुनिया योग कर रही है। श्री नरेंद्र मोदी जी ने कार्य-कुशलता, संगठन क्षमता और संवेदनशीलता को नया आयाम दिया है। उन्होंने कहा कि चाय वाले से प्रधानमंत्री बनने का सफर हर युवा के लिए प्रेरणादायी है। मोदी जी के राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की संकल्प क्षमता और समर्पण के भाव से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने संगोष्ठी के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन होते रहना चाहिए, इससे समाज में राष्ट्र सेवा का चिंतन मज़बूत होता है।
चिकित्सा शिक्षा, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री श्री विश्वास सांरग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी धवल वस्त्रधारी संत है। समाज के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने के जीवन दर्शन का प्रतिरूप है।
उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों को मज़बूत किया है। उनका 20 वर्षों का कार्यकाल अंत्योदय से आत्म-निर्भरता की विकास यात्रा है। उनके गुजरात विकास मॉडल के उत्कृष्ट कार्यों को देश ने शिरोधार्य करते हुए राष्ट्र का नेतृत्व प्रदान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार के कार्यकाल में विदेशी मामलों, प्रतिरक्षा, आंतरिक सुरक्षा, अर्थ-व्यवस्था, सुधार आदि हर क्षेत्र में जो परिणाम आए हैं, वह अनुकरणीय है। उनकी केस स्टडी की जानी चाहिए। मोदी जी ने 20 वर्षों में देश ही नहीं दुनिया की लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं और मूल्यों को नई दिशा दी है। योग, जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों में दुनिया का नेतृत्व किया है। संघीय ढाँचे को जी.एस.टी. आदि के द्वारा मज़बूत कर लोकतंत्र की आत्मा को शक्तिशाली बनाया है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी आत्म-निर्भर, समर्थ और समृद्ध भारत के निर्माण के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने समावेशी विकास का मॉडल मज़बूत किया है, जिसमें सभी के लिए समान अवसर है। उन्होंने बताया कि देश में 18 हजार स्टार्टअप शुरू हुए हैं। इनमें से 42 प्रतिशत महिलाओं के हैं। उन्होंने कहा कि एक समय था जब दुनिया के व्यापार में भारत की भागीदारी 60 प्रतिशत से अधिक होती थी। मोदी जी भारत के उसी गौरव को पुनर्स्थापित करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहे हैं। श्री मोदी के नेतृत्व में ज्ञान-विज्ञान सहित जीवन के सभी क्षेत्रों में भारत को अग्रणी बनाने के प्रयास हो रहे हैं।
प्रारम्भ में रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी के ट्रस्टी श्री प्रदीप पान्डे ने विषय प्रवर्तन किया। उन्होंने बताया कि सांस्कृतिक भारत के अभ्युदय को सारी दुनिया आज नमन कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के संकल्पों को पूरा करने के प्रयासों में सबका सहयोग प्राप्त करने के लिए विभिन्न राज्यों में राज्य स्तरीय संगोष्ठी की जा रही है। आभार प्रदर्शन ऑइडिया ऑफ न्यू एम.पी. के निदेशक श्री जयवर्धन जोशी ने किया। राज्यपाल को रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी ट्रस्ट का साहित्य भी भेंट किया गया।
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