*जीजा-साले के बीच चुनावी जंग का कांग्रेस से जीजा तो जनसत्ता दल से साले ने ठोंकी है ताल/पढ़िए मजेदार खबरें*
गौरीगंज अमेठी जिला उत्तर प्रदेश

जीजा-साले के बीच चुनावी जंग का कांग्रेस से जीजा तो जनसत्ता दल से साले ने ठोंकी है ताल
उत्तरप्रदेश के गांधी परिवार के गढ़ कहे जाने वाले अमेठी संसदीय क्षेत्र में पांच विधानसभा सीटें हैं, जिसमें अमेठी और गौरीगंज सबसे महत्वपूर्ण विधानसभा सीट मानी जाती हैं। अमेठी विधानसभा सीट पर अब तक कांग्रेस और भाजपा की ओर से उम्मीदवारों के नाम का ऐलान नहीं हुआ है, जबकि गौरीगंज विधानसभा में साले और बहनोई आमने-सामने हैं।

कांग्रेस से गुवावां गांव निवासी स्वर्गीय नूर मोहम्मद के पुत्र फतेह बहादुर के सामने उनके सगे साले नफीस खान जनसत्ता दल के उम्मीदवार बने हैं। वही सपा से राकेश प्रताप सिंह, बसपा राम-लखन शुक्ल और भाजपा से चंद्र प्रकाश मिश्र मटियारी चुनावी मैदान में हैं।
फतेह बहादुर के पिता ने 2002 में दर्ज कराई थी जीत
सपा के मौजूदा विधायक राकेश सिंह तीसरी बार किस्मत आजमा रहे हैं। जबकि भाजपा के चंद प्रकाश मिश्र एक बार बसपा से विधायक रह चुके हैं। इस बार भाजपा से उम्मीदवार बनाए गए हैं। इनके समर्थन में भाजपा मजबूती से खड़ी हैं। बता दें कि कांग्रेस उम्मीदवार फतेह बहादुर के पिता स्व. नूर मोहम्मद एक बार यहां से विधायक चुने गए थे, लेकिन उनका गांव के ही पास स्थित विद्दुत पोल में उतरे करंट की चपेट में आ जाने से से निधन हो गया था। इसके बाद उप चुनाव में कांग्रेस ने नूर मोहम्मद के बेटे फतेह बहादुर को टिकट दिया था। लेकिन वो चुनाव हार गए थे। अब कांग्रेस ने 19 साल बाद फिर फतेह बहादुर को टिकट दिया है।
राजा जामो तक कर रहे नफीस का प्रचार
बसपा के राम लखन शुक्ल और जनसत्ता दल के नफीस दोनों पहली बार विधानसभा के चुनाव में उतरे हैं। जनसत्ता दल के समर्थन में कुंडा के राजा रघुराज प्रताप सिंह और जामो के राजा कुंवर अक्षय प्रताप सिंह और रानी मधुरिमा सिंह घर-घर जाकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं। गौरीगंज विधानसभा में 1952 से लेकर अब तक 18 विधायक बन चुके हैं। इसमें एक महिला 17 पुरुष हैं। बाकी 16 राजपूत, एक ब्राह्मण और एक मुस्लिम समाज के थे।
भाजपा से अकेले तेजभान चार बार चुने गए हैं विधायक
भाजपा से अकेले तेजभान सिंह 4 बार विधायक चुने गए थे, जबकि कांग्रेस से राजपती सिंह 5 बार, गुरु प्रसाद सिंह दो बार, नूर मोहम्मद कांग्रेस, जंग बहादुर सिंह बसपा और चंद्र प्रकाश मिश्र बसपा से विधायक बने थे। सपा से दो बार अकेले राकेश सिंह विधायक बने हैं।
0गिरिराज सिंह और रुद्र प्रताप सिंह दोनों निर्दलीय विधायक चुने गए थे। रुद्र प्रताप सिंह, गिरिराज सिंह, जंग बहादुर सिंह, चंद्र प्रकाश मिश्र मटियारी और नूर मोहम्मद एक- एक बार विधायक बने हैं।




