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*कमीशन के फिराक में रुके रहेंगे निर्माण कार्य,चल रही है गजेंद्र राठौर की मनमानी*

शहडोल/उमारिया जिला मध्य प्रदेश

तो क्या कमीशन के फिराक में रुके रहेंगे निर्माण कार्य,चल रही है गजेंद्र राठौर की मनमानी

गजेंद्र राठौर के बदौलत पूरी पंचायत में फैली अव्यवस्था, गजेन्द्र राठौर विकास कार्यों पर लगा रहा है पलीता

रिपोर्टर :- संभागीय ब्यूरो चीफ

शहडोल/उमरिया

जिला उमरिया के पाली ब्लॉक में शाहपुर सेक्टर के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में गजेन्द्र राठौर के कारण पूरी पंचायत मे अव्यवस्था फैली हुई है जिससे पंचायत विकास के लिए तरस रहा है।

विकास कार्य के लिए नही दी जा रही तकनीकी स्वीकृति

गजेन्द्र राठौर के अपने कार्य को सही तरीके से न करने के कारण आज ग्राम पंचायत का विकास रुका हुआ है। इससे पंचायत के सरपंच सचिव को भारी परेसानी का सामना करना पड़ रहा है।

शासन की मनसा हुआ नाकाम,कार्यों में की जा रही घोर अनियमितता, चल रहा बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार

एक तरफ शासन विकास करने के लिए विभिन्न योजनाओं को जनहित के लिए ला रही है की ग्रामीणो की स्थिति मे सुधार किया जा सके। पर गजेंद्र राठौर ने शासन के कार्यों पर रोक लगाने कि ठान रखी है
ऐसा ही ग्राम पंचायत नरवार, शाहपुर,मालाचुआ,ओढेरा, हथपुरा,खोलखम्हरा,कुशमाहा खुर्द में परिस्थिति उलटी नजर आती है।यहाँ पर सरपंच,सचिव और रोजगार सहायक लगतार विकास के प्रयास में लगे हुए हैं
परन्तु गजेंद्र राठौर के होते यह संभव कहां। क्योंकि विकास कार्य के लिए तकनीक स्वीकृति अनिवार्य होता है ये तकनीक स्वीकृति इंजीनियर द्वारा दिया जाता है

परंतु इंजीनियर गजेंद्र राठौर के द्वारा तकनीकी स्वीकृति न देने के कारण ग्राम पंचायतों का विकास रुका हुआ है। कमीशन और पैसे कमाने के फिराक में शाहब उच्च अधिकारियों से सांठ – गांठ कर अपनी मनमानी करते नजर आते हैं। यदि इनको बोला भी जाता है तो अपना पलड़ा झाड़ते समय नहीं है कर देंगे जैसी बातें करते हैं। इनके द्वारा नियमों को ताक में रखकर कार्य कराया और किया जाता है। शासन के विकास कार्यों पर पलीता लगाने में इनके द्वारा कोई कमी नही छोड़ी जा रही है।

कार्य पूर्ण पर अभी तक प्राप्त नही तकनीकी स्वीकृति

ग्राम पंचायतो में सचिव,सरपंच व रोजगार सहायक द्वारा ओडीएफ प्लस ग्राम पंचायतों मे वर्मी कंपोस्ट नाडेप शौचालय का कार्य कराया गया है।यहां पर लगातार प्रशासन के दबाव के कारण ग्राम पंचायतों द्वारा कर्ज लेकर निर्माण कार्य कराया जाना सुनिश्चित किया गया है और ग्राम पंचायत सचिव,सरपंच व रोजगार सहायक को इंजीनियर के द्वारा विश्वास दिलाया गया कि आप लोग काम चालू करें हम लोग के द्वारा तकनीकी प्रशंसा तकनीकी स्वीकृति दे दी जाएगी पर विगत 1 माह से कार्य पूर्ण हो चुका है। पर आज तक इंजीनियर गजेंद्र राठौर द्वारा यहां की तकनीकी स्वीकृति नहीं दी गई।बार – बार
फोन करने पर इनके द्वारा यह जवाब दिया जाता है कि मेरे पास समय नहीं है समय मिलने पर मेरे द्वारा कर दिया जाएगा परंतु इन सब बातों से एक बात स्पष्ट हो जाती है कि इंजीनियर की लापरवाही के कारण आज तक यहां की पंचायतों की तकनीकी स्वीकृति नहीं हुई जिसके कारण ग्राम पंचायतों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

नही किया जाता है कार्यों का समय से मूल्यांकन

इंजीनियर गजेंद्र राठौर द्वारा अगर किसी कार्य के लिए तकनीकी स्वीकृति प्रदान कर दी गई तो उस कार्य को ग्राम पंचायतों के द्वारा पूर्ण कर दिए जाने पर उस कार्य का समय से इंजीनियर के द्वारा मूल्यांकन नहीं किया जाता है। यहां तक की ग्राम पंचायतो द्वारा कर्ज लेकर या वेंडरों से उधारी सामान लेकर निर्माण कार्य कराया जाता है।

वर्तमान समय में समय से भुगतान न करने के कारण आज यह स्थिति है कि ग्राम पंचायत को कोई भी वेंडर उधारी सामान देने को तैयार नहीं है जिस कारण ग्राम पंचायतों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।इंजीनियर के द्वारा 1 वर्ष बीत जाने के बाद भी कार्य का मूल्यांकन नहीं किया जाता है। इस अनियमितता के कारण और समय से भुगतान न होने के कारण सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक कर्जे से तो लदे ही हुवे हैं साथ ही साथ इनके छवि पर भी सवालिया निशान खड़े करते वेंडर भुगतान करवाने को कह रहे हैं। इन सबका जिम्मेदार गजेन्द्र राठौर को माना जा रहा है।

मूक बनकर बैठे हैं उच्च अधिकारी

सूत्रों कि माने तो गजेंद्र राठौर इंजीनियर की लापरवाही की सूचना कई बार उच्च अधिकारी को दी गई पर उच्च अधिकारी द्वारा शिकायत को सुन तो लिया जाता है पर उनके द्वारा कोई जवाब गजेंद्र राठौर को लेकर नहीं दिया जाता।आखिर क्या कारण है कि उच्च अधिकारी जो इस प्रकार मूक दर्शक बनकर बैठे हैं।

अधिकारियों के शय पर चल रहा है भ्रष्टाचार

सूत्रों की माने तो गजेंद्र राठौर लगभग कई वर्षों से अपना स्थापित बनाए हुए इस सेक्टर पर बैठे हुए हैं आखिरकार इनका तबादला क्यों नहीं हो रहा और इन पर कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है इस पर सवालिया निशान खड़ा कर अधिकारियों का संरक्षण और सपोर्ट साफ देखने को मिल रहा है। सभी अपना – अपना पल्ला झाड़ते नजर आते हैं पर आखिरकार उचित कार्यवाही कब होगी।प्रश्न चिन्ह उठना लाजमी है ?????

इनका कहना

इस संबंध में जब मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीईओ से दूरभाष से बात की गई तो उन्होंने कहा की आपके द्वारा जो मुझे जानकारी दी गई है,
मैं अपनी ओर से दिखवाती हूं, अगर कहीं भी कार्य पूर्ण हो गए हैं, अगर लंबित पड़े है तो तुरन्त कार्यवाही की जाएगी। कार्य को पेंडिन रखकर और पेंडिंग दिखा कर कार्य करना गलत है। आप हमको उन जगहों का नाम बता दें। तुरंत जांच करवाती हूं।

ईला तिवारी
जिला पंचायत सीईओ

इनका कहना है

आपके द्वारा जितनी भी जानकारी मुझे दी गई है मैं उसको दिखावा लेता हूं। आप मुझे लिखित में व्हाट्सएप से उन जगहों का नाम बता दें। यदि ऐसा किया गया है तो गलत है। जांच करवा तुरंत कार्यवाही कराई जाएगी।

कुंवर कन्हाई
जनपद पंचायत सीईओ

इनका कहना है

आपके द्वारा मुझे जो भी जानकारी दी गई है वह मुझे लिखित तौर पर दीजिए तत्काल मैं दिखाता हूं।पूर्व में भी इनकी शिकायत मेरे पास आ चुकी है। इस शिकायत को आपके द्वारा मुझे बताया गया।मैं उसको अपनी संज्ञान में लेते हुए दिखवाता हूं। ऐसा किया जाना गलत बात है। जांच कर कार्यवाही कराई जाएगी। हमको लिखित में शिकायत दें मैं ऊपर अधिकारियों को लिखकर इनके स्थानांतरण और रिकवरी के लिए कागज लिखकर भेजकर कड़ी कार्यवाही कराता हूं।

अनिल इनवाती
ए ई जनपद पंचायत पाली, जिला – उमरिया

इनका कहना है

मेरे द्वारा काम सही किया जाता है। कुछ काम पेंडिंग रखी जाती है उसका भी कारण है आपसे मैं फोन पर बात नहीं कर सकता हूं। आप मुझे फेस तू फेस मिले सामने बात होगी।

गजेन्द्र राठौर इंजीनियर शाहपुर सेक्टर

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