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*वन महोत्सव की थीम -घर घर औषधि पौधा वितरण योजना का हुआ जिला स्तरीय शुभारंभ*

धौलपुर जिला राजस्थान

वन महोत्सव की थीम -घर घर औषधि पौधा वितरण योजना का हुआ जिला स्तरीय शुभारंभ

औषधीय पौधे हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहे है।स्वस्थ राजस्थान हरित राजस्थान एवं निरोगी राजस्थान की संकल्पना को साकार करने की यह योजना बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है।

72 वें वन महोत्सव की थीम -‘घर-घर औषधि योजना‘ का जिला स्तरीय शुभारंभ जिला कलक्टर राकेश कुमार जायसवाल की अध्यक्षता एवं विधायक बाड़ी गिर्राज सिंह मलिंगा के मुख्य आतिथ्य में तालाब शाही खानपुर गुर्जर वन विभाग चौकी पर आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत विधि विधान से औषधीय पौधों की पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया । इस अवसर पर जिला कलक्टर राकेश कुमार जायसवाल ने उद्बोधन देते हुए कहा कि 72 वें वन महोत्सव के तहत घर-घर औषधि योजना का शुभारंभ हुआ है।

यह सरकार की बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है। मुख्यमंत्री बजट घोषणा के अनुसार लगभग 1 लाख 4 हजार परिवारों को औषधि पौधे दिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि योजना के तहत जिलेवासियों के स्वास्थ्य रक्षण तथा औषधीय पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन की दृष्टि से वन विभाग की ओर से औषधीय गुण वाले तुलसी, गिलोय, कालमेघ और अश्वगंधा के 8 पौधों की किट प्रत्येक परिवार को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

जिले के 1 लाख परिवारों को पांच वर्ष में तीन बार आठ-आठ पौधे यानी 24 पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर टास्क फोर्स का गठन किया गया है।

घर-घर औषधि योजना के संबंध में जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।उन्होंने कहा कि उपलब्ध बहु-उपयोगी वन औषधि का महत्व, संरक्षण एवं उपयोग के संबंध में जनचेतना जागृत करें।

मानव स्वास्थ्य रक्षण,प्रतिरक्षा व इम्युनिटी बढ़ाने चिकित्सा हेतु बहु-उपयोगी औषधीय पौधों अश्वगंधा,गिलोय,तुलसी,कालमेघ की उपयोगिता के बारे में जानकारी उपब्ध कराएं। उन्होंने जन प्रतिनिधियों से भी इस योजना का लाभ आमजन तक पहुंचाने हेतु सहयोग करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में यह औषधीय पौधे बहुत ज्यादा गुणकारी और फायदेमंद साबित होंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना के समय काढ़े का प्रयोग किया गया है। शहरी क्षेत्र में लोग अब पुरानी संस्कृति एवं प्रकृति की ओर लौट रहे है।

गिलोय शरीर में जो जहरीले पदार्थ होते है उनको शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। स्वास्थ्य रक्षा के लिए उठाया गया कदम बहुत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने बा-बापू वृक्षारोपण अभियान पर भी अपने विचार रखे और कहा कि ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करने हेतु लोगों को प्रोत्साहित करें। विधायक बाड़ी गिर्राज सिंह मलिंगा ने कहा कि कोरोना के समय कोई व्यक्ति घर से बाहर नहीं निकल रहे थे लेकिन इन औषधीय पौधों का सेवन कर राहत मिली।

उन्होंने लोगों से ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करने की अपील करते हुए कहा कि औषधीय पौधों को घर पर आवश्यक रूप से लगाएं साथ ही वृक्षारोपण करें। वृक्षों को काटना नहीं चाहिए ।

जीवित रहने के लिए पेड़ लगाना बहुत जरूरी है। इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद चेतन चौहान ने कहा कि घर-घर औषधि योजना के माध्यम से ग्राम पंचायतों में औषधीय पौधों का वितरण करवाया जाएगा

। उन्होंने बा-बापू वृक्षारोपण के माध्यम से वृक्ष लगाने हेतु लोगों को जागरूक किया। डीएफओ कैलाश चंद मीणा ने अपने उद्बोधन में कहा कि जिले में प्रथम चरण में 1 लाख से अधिक परिवारों को घर-घर औषधि योजना के माध्यम से प्रत्येक परिवार को 8-8 तुलसी,गिलोय,अश्वगंधा,कालमेघ के पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे।

उन्होंने आमजन को जागरूक करते हुए कहा कि वन विभाग द्वारा नवाचार के रूप में किसी भी मांगलिक या जन्मदिन को यादगार बनाने हेतु निःशुल्क पौधा उपलब्ध करवाया जाएगा ।

ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठाएं और अपनी नजदीकी नर्सरी से निःशुल्क पौधा प्राप्त कर वृक्षारोपण कार्य करें । उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर सभी पधारे हुए अतिथियों और गणमान्य नागरिकों का आभार जताया।

उन्होंने वैक्सीन लगवाने व मास्क पहनने की अपील की। सरपंच खानपुर मीणा राजेश मीणा,मत्सूरा सरपंच जंडेल सिंह ,रुंधेरा सरपंच ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर बीडीओ बाड़ी रामजीत, बसेड़ी मदन लाल बैरवा,सैंपऊ अनूप रावत,एडीपीसी मुकेश गर्ग,ईओ बाड़ी विजय प्रताप,एसीएफ बाड़ी रामनिवास मीना,सुंदर सिंह,योगेश त्रिवेदी,व्याख्याता भगवान सिंह मीना, संस्थापन अधिकारी अशोक उपाध्याय सहित अन्य उपस्थित रहे। मंच संचालन गोविंद गुरु ने किया ।

इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद चेतन चौहान,डीएफओ कैलाश चंद मीणा,एडीपीसी मुकेश गर्ग, एडीईओ वीरी सिंह,विकास अधिकारीगण, संस्थापन अधिकारी अशोक उपाध्याय सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

(राजस्थान स्टेट हेड धर्मेंद्र बिधौलिया की रिपोर्ट)

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