*इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस आईआरडीसी का संचालन मोबाइल ऐप के माध्यम से*
जिला शहडोल मध्य प्रदेश

*इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस आईआरडीसी का संचालन मोबाइल ऐप के माध्यम से*
*शहडोल(चंद्रभान सिंह राठौर संभागीय ब्यूरो चीफ) 25 फरवरी 2021-*
जिला सूचना विज्ञान अधिकारी श्री विवेक महावर ने जानकारी दी है कि शहडोल हाईवे में हो रही दुर्घटनाओं में नियंत्रण लाने के उद्देश्य से सड़क भूतल परिवहन मंत्रालय द्वारा इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस आईआरएडी तैयार किया गया है। इस प्रोजेक्ट में मध्यप्रदेश के प्रारंभिक शहडोल सहित 11 जिलों को शामिल किया गया है इस प्रोजेक्ट का संचालन मोबाइल ऐप के माध्यम से होगा। प्रोजेक्ट से जुड़े पुलिस तथा अन्य विभाग के अधिकारियों को कलेक्ट्रेट के एनआईसी केंद्र तथा ई दक्ष केंद्र में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण शहडोल जिले के लिए सूचना विज्ञान अधिकारी श्री विवेक महावर तथा रोल आउट मैनेजर ओम जयसवाल ने दिया। प्रशिक्षण के संबंध में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी ने बताया कि आई आर ए डी मोबाइल ऐप को वाहन सरवर के साथ जोड़ा गया है इसमें सभी वाहनों की पूरी जानकारी पहले से दर्ज रहेगी इसे सारथी सरवर से जोड़ा जा रहा है जिसमें सभी ड्राइवरों का डेटाबेस प्राप्त हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस ऐप को पुलिसकर्मी दुर्घटना स्थल पर जाकर उसकी लाइफ फोटो तथा वीडियो के साथ विवरण दर्ज करेंगे इससे प्रत्येक दुर्घटना की एक आईडी बन जाएगी।उन्होंने बताया कि ऐप के माध्यम से पुलिस परिवहन, राजस्व, तथा आपात सहायता एवं उपचार सहायता देने वाले विभागों तथा एजेंसियों के पास दुर्घटना की तत्काल सूचना पहुंच जाएगी जिससे दुर्घटना के लिए तत्काल राहत और बचाव कार्य किया जा सकेगा। इस ऐप के माध्यम से दर्ज विवरण के आधार पर दुर्घटना से जुड़े बीमा प्रकरणों एवं उनियाल इन प्रकरणों में भी सहायता मिलेगी।
जिला सूचना विज्ञान अधिकारी ने बताया कि आईआरएडी ऐप के माध्यम से प्राप्त डाटा का विश्लेषण आईटीआई मद्रास की टीम द्वारा किया जाएगा टीम द्वारा दुर्घटना को रोकने के संबंध में सुधारात्मक उपाय बताए जाएंगे इस ऐप को शीघ्र ही पुलिस परिवहन तथा नेशनल हाईवे विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को उपलब्ध कराया जाएगा।उन के माध्यम से सड़क दुर्घटना के संबंध में डेटा एकत्र किया जाएगा जिला सूचना विज्ञान अधिकारी ने बताया कि प्रोजेक्ट में कुल लागत 258 करोड रुपए है। इसे विश्व बैंक की सहायता से लागू किया जा रहा है।
*शहडोल(चंद्रभान सिंह राठौर संभागीय ब्यूरो चीफ) 25 फरवरी 2021-*
जिला सूचना विज्ञान अधिकारी श्री विवेक महावर ने जानकारी दी है कि शहडोल हाईवे में हो रही दुर्घटनाओं में नियंत्रण लाने के उद्देश्य से सड़क भूतल परिवहन मंत्रालय द्वारा इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस आईआरएडी तैयार किया गया है। इस प्रोजेक्ट में मध्यप्रदेश के प्रारंभिक शहडोल सहित 11 जिलों को शामिल किया गया है इस प्रोजेक्ट का संचालन मोबाइल ऐप के माध्यम से होगा। प्रोजेक्ट से जुड़े पुलिस तथा अन्य विभाग के अधिकारियों को कलेक्ट्रेट के एनआईसी केंद्र तथा ई दक्ष केंद्र में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण शहडोल जिले के लिए सूचना विज्ञान अधिकारी श्री विवेक महावर तथा रोल आउट मैनेजर ओम जयसवाल ने दिया। प्रशिक्षण के संबंध में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी ने बताया कि आई आर ए डी मोबाइल ऐप को वाहन सरवर के साथ जोड़ा गया है इसमें सभी वाहनों की पूरी जानकारी पहले से दर्ज रहेगी इसे सारथी सरवर से जोड़ा जा रहा है जिसमें सभी ड्राइवरों का डेटाबेस प्राप्त हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस ऐप को पुलिसकर्मी दुर्घटना स्थल पर जाकर उसकी लाइफ फोटो तथा वीडियो के साथ विवरण दर्ज करेंगे इससे प्रत्येक दुर्घटना की एक आईडी बन जाएगी।उन्होंने बताया कि ऐप के माध्यम से पुलिस परिवहन, राजस्व, तथा आपात सहायता एवं उपचार सहायता देने वाले विभागों तथा एजेंसियों के पास दुर्घटना की तत्काल सूचना पहुंच जाएगी जिससे दुर्घटना के लिए तत्काल राहत और बचाव कार्य किया जा सकेगा। इस ऐप के माध्यम से दर्ज विवरण के आधार पर दुर्घटना से जुड़े बीमा प्रकरणों एवं उनियाल इन प्रकरणों में भी सहायता मिलेगी।
जिला सूचना विज्ञान अधिकारी ने बताया कि आईआरएडी ऐप के माध्यम से प्राप्त डाटा का विश्लेषण आईटीआई मद्रास की टीम द्वारा किया जाएगा टीम द्वारा दुर्घटना को रोकने के संबंध में सुधारात्मक उपाय बताए जाएंगे इस ऐप को शीघ्र ही पुलिस परिवहन तथा नेशनल हाईवे विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को उपलब्ध कराया जाएगा।उन के माध्यम से सड़क दुर्घटना के संबंध में डेटा एकत्र किया जाएगा जिला सूचना विज्ञान अधिकारी ने बताया कि प्रोजेक्ट में कुल लागत 258 करोड रुपए है। इसे विश्व बैंक की सहायता से लागू किया जा रहा है।




