*जिला अनूपपुर में मनमानी- रेत ठेकेदार ने ठेके पर दी खदान क्या है सच पढ़ें पूरी खबर*
अनूपपुर जिला मध्य प्रदेश

*लोकेशन – अनूपपुर*
*मनमानी- रेत ठेकेदार ने ठेके पर दी खदान*
*तो रोजाना 90 हजार में सौंप दी कटकोना रेत खदान*
इंट्रो- जिले में संचालित रेत खदान के ठेकेदार केजी डेवलपर्स को मानो प्रशासन ने खुली छूट दे दी हो नियम कानून को दरकिनार करते हुए केजी डेवलपर्स ने अब रेत खदान को भी ठेके में देना जारी कर दिया है इससे पूर्व अवैध उत्खनन, पर्ची के सहारे रेत का परिवहन कराने के भी मामले सामने आ चुके हैं लेकिन जिले में बैठे जिम्मेदारों ने मानो केजी डेवलपर्स के कारनामों के तरफ अपनी आंखें ही बंद कर ली हो लेकिन जो भी हो केजी डेवलपर्स जिले में नियमों के उल्लंघन के साथ धज्जियां भी उड़ा रहा है ना तो इसे नियम कायदों की परवाह है ना ही जिला प्रशासन का डर, जिले में जगह जगह अवैध उत्खनन टीपी कहीं अन्य खदान की उत्खनन कहीं और रेत पर मचे भर्रेशाही पर कोई नियंत्रण नहीं!
अनूपपुर- जिले में रेत ठेकेदार ने तांडव मचा कर रखा है नियम कानून को दरकिनार करते हुए रेत ठेकेदार ने अपनी मनमानी जारी कर दी है
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केजी डेवलपर्स ने खदानों को पेटी ठेके में देना चालू कर दिया है जिसका उदाहरण कोतमा स्थित कटकोना घाट है यहां पर केजी डेवलपर्स ने राहुल नामक व्यक्ति को खदान का जिम्मा सौंप दिया है, अगर प्रशासन केजी डेवलपर्स और राहुल नामक व्यक्ति के खातों की मिलान करे तो सारे राज परत दर परत खुल कर सामने आ जाएंगे !

जानकारों की मानें तो प्रदेश स्टेट माइनिंग कारपोरेशन लिमिटेड के कार्यपालक संचालक व रेत ठेकेदार केजी डेवलपर्स के हुए अनुबंध में यह साफ उल्लेख है कि ठेकेदार ठेके के अधीन प्राप्त भूमि या उसके किसी भाग को समनुदेशित या उप पट्टे के अधीन नहीं देगा अथवा ठेके के अधीन प्रदत्त अधिकारों / विशेषाधिकारों को आंतरिक नहीं करेगा,
लेकिन अपने ही वादे से केजी डेवलपर्स मुखरते हुए अब खदानों को ठेके पर देना जारी कर दिया है, जिसका नतीजा यह रहा की भालूमाडा स्थित केवई नदी मे अवैध रेत खदान में एक मजदूर की जान चली गई जिस ट्रैक्टर वाहन से मजदूर की जान गई उस वाहन कटकोना घाट से टीपी कटा था
अगर इन सब बिंदुओं पर जिला प्रशासन जांच करें तो सारे तथ्य सामने आ जाएंगे काफी हद तक अवैध उत्खनन व परिवहन में भी अंकुश लग सकेगा ! अवैध उत्खनन व परिवहन से भले ही ठेकेदार को लाभ होता हो लेकिन इससे आम आदमी को किसी प्रकार से लाभ होते नहीं दिख रहा है आम आदमी को वैध हो या अवैध रेत की कीमत 2500 3000 ही प्रती ट्रैक्टर ट्राली चुकानी पड़ रही है!

*मनमाने तरीके से खदानों का संचालन-*
जिले में केजी डेवलपर्स को 22 खदानों का एक समूह बनाकर ठेका मिला है जिसमें कई खदान किन्ही कारणों से चालू नहीं हो सके और कई खदान संचालित है जिसमें मनमानी पूर्वक रेत उत्खनन व परिवहन जारी है कहीं पर टीपी के नाम पर अधिक पैसे तो कहीं पर टीपी के नाम पर कम पैसे भी लिए जा रहे हैं और तो और जिन खदानों की स्वीकृति रेत ठेकेदार को नहीं मिली है

उन खदानों को भी रेत ठेकेदार ने स्थानीय प्रशासन नेताओं की मदद से संचालित करने के साथ अवैध उत्खनन भी जिले में जारी है ऐसा नहीं कि इसकी जानकारी जिला प्रशासन को ना हो लेकिन पता नहीं किन कारणों से केजी डेवलपर्स को जिला प्रशासन ने खुली छूट दे दी हो कि करो जितना कर सकते हो उत्खनन परिवहन करो ! लेकिन इससे आम आदमी को किसी प्रकार से कोई राहत या लाभ होते नहीं दिख रहा है !
*इनका कहना है*
रेत ठेकेदार किसी अन्य को रेत खदान का ठेका या जिम्मा नहीं दे सकता अगर ऐसी शिकायत आएगी तो जांच कर कार्यवाही की जाएगी
*राहुल शांडिल खनिज निरीक्षक अनूपपुर*
*देखिए जिला अनूपपुर से चंद्रभान सिंह राठौर कि खास रिपोर्ट*




