*छतीसगढ कोरिया जिला में चल रहा पुलिस का गुंडा राज देश का चौथा स्थंम के पत्रकार को आज फिर एक बार सच बोलने की चुकानी पड़ी कीमत*
कोरिया जिला छत्तीसगढ़

*छतीसगढ कोरिया जिला में चल रहा पुलिस का गुंडा राज देश का चौथा स्थंम के पत्रकार को आज फिर एक बार सच बोलने की चुकानी पड़ी कीमत
जी हा हम बात कर रहे है पत्रकारिता जगत की, कोरिया जिले की मिडीया की जहां एक ओर पत्रकारो के लिए पत्रकारिता एक जोखिम भरा हो चुका है कोरिया जिले की चरचा पूलिस खांकी का रौब दिखा कर एक पत्रकार के खिलाफ संडयंत्र कर के महज दो घंटे मे पत्रकार कि विरूद्ध 8 धाराओ के तहत तेजी से कार्यवाही किया बीति रात हुई पुलिसिया कार्यवाही कही न कही संदेह के घेरे मे चरचा पुलिस दिख रही है सीधा आरोप पत्रकार के परिजनो ने लगाया है उन्होने कहा की चरचा के थाने दार के द्वारा पत्रकार विकास लाल ठाकुर को फसाया गया
आपको बता दें कि जिस प्रकार टी आई का यह आरोप है कि पत्रकार उनके घर घुसा फिर उनके साथ मार पीट किया और धमकी दिया ।
चलिए हम आपको इस पुरी घटना क्रम को मिलि जानकारी के अनुसार बताते है
पुलिस का कहना है
मैं पुलिस थाना चरचा में थाना प्रभारी के पद पर कार्यरत हूँ। मैं वर्तमान में एस.ई.सी.एल कालरी से रहने हेतु मिले अस्थाई निवास मकान नंबर बी.71 बी. टाईप कलोनी में रहता हूँ कि आज दिनांक 28.01.21 को रात्रि करीब10.30 भोजन करने अपने निवास पर गया उसी दौरान मैंने देखा कि मेरे मकान का गेट खुला हुआ था तथा दो व्यक्ति मेरे मकान में गेट के अंदर घुसे हुये थे जो कि मुझे देखकर मकान के भीतर ही छिप गये। मैंने तत्काल थाना में उपस्थित स्टाफ प्रधान आरक्षक नवीन दत्त तिवारी को फोन कर मौके पर उपस्थित आने बताया जिस पर थाना चरचा से प्रधान आरक्षक नवीन दत्त तिवारी, आरक्षक अमित त्रिपाठी, आरक्षक विमल किशोर मिंज शासकीय वाहन से मेरे निवास पर पहुंचे तभी उक्त दोनों व्यक्ति मकान के भीतर ही मुझ पर तथा मेरे स्टाफ पर हमला करते हुये मारपीट धक्का मुक्की करने लगे और मां बहन की अश्लील गालीयां देते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे जिन्हें काफी प्रयास और स्वयं के बचाव में आत्मरक्षार्थ बल प्रयोग करने के बाद नियन्त्रण में लिया जा सका है। जिन्हें थाना लाकर पूछताछ करने पर अपना नाम क्रमश: भारत घसिया पिता दलसाय घसिया उम्र 57 वर्ष निवासी को-आपरेटिव लाईन चरचा तथा विकाश लाल ठाकुर पिता रविन्द्र नाथ ठाकुर उम्र 36 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 16 बांधपारा चरचा बताये हैं तथा दोनों के मुंह से शराब की गंध आ रही है । उक्त दोनों व्यक्तियों भारत घसिया तथा विकाश लाल ठाकुर के द्वारा मारपीट करने तथा अपराधिक बल का प्रयोग से मुझे तथा मेरे स्टाफ को चोंट आयी है नियंत्रण में लेने के दौरान बल प्रयोग से उक्त दोनों व्यक्तियों को भी चोंट आयी है। घटना को चरचा के मनीष सिंह एवं कृष्णा यादव देखे सुने हैं।
यह पुरी घटना क्रम के बाद
आइऐ पिडित पत्रकार ने परिजनो से क्या बताया उसी आधार पर जानते है
गुरुवार की रात्रि पुलिस ने चरचा के एक पत्रकार विकास लाल ठाकुर को गिरफ्तार कर रात भर थाने में बैठाया व किसी से भी मिलने नहीं दिया गया सुबह प्रबुद्ध जनों के द्वारा चरचा टीआई को फोन किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया थाने पहुंचने के बाद जानकारी ली गई तो टीआई का कहना था कि मैं बिजी हूं इसकी वजह से फोन नहीं उठाया पीड़ित पत्रकार का कहना है कि उनके घर के बाहर एक शराबी पड़ा था मैंने उसका वीडियो बनाया तो टीआई चरचा भड़क गए व मेरे साथ मारपीट इसके पश्चात चरचा पुलिस स्टाफ के द्वारा मुझे बैकुंठपुर ले जाकर मुलाहिजा करने की बात हुई मुलाहिजा हेतु चरचा थाना से बैकुंठपुर ले जाते समय आधे रास्ते से ही वापस थाने ले आए और मेरे साथ मारपीट की गई थाने के 2 स्टाफ के द्वारा मेरा मोबाइल भी जप्त कर दिया जिसमें वीडियो भी है किंतु चरचा थाना के टीआई मेरा मोबाइल नहीं दिखा रहे हैं मोबाइल के वीडियो की जांच की जानी चाहिए कुल मिलाकर विरोधाभास वाले इस प्रकरण में मोबाइल के वीडियो की जांच से सत्य उजागर हो सकता है पत्रकार को कई धाराओं के त हत जेल भेजने से यह मालूम पडता है कि कही न कही सडयंत्र और देश की चौथे स्थम कहे जाने वाली मिडिया की अभिव्यक्ती की आजादी को कुचने का प्रयास चरचा पुलिस के द्वारा किया गया है । आपको बता दें कि
चरचा में कुछ दिन पूर्व कई चोरियां हुई थी जिसका समाचार पत्रकार ने छपा था । कही उसी से उपेक्षित कर चरचा पुलिस यह घटना को अंजाम तो नही दिया बहरहाल यह जांच का विषय है यह तो आने वाला वक्त ही बतायगा । फिल हाल पत्रकार के परिजनो/पत्रकार ने वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वही कोरिया के पत्रकारो ने पुलिस की इस प्रकार हरकत को निंदनिय बताया और पत्रकार की रिहा करने की बात कर सरगुजा रेंज आई जी से मुलाकात की बात कही है।
अब सवाल है कि बीति दिनो चरचा मे चोरी की घटना लगातार हो रही थी चोरी की कई मामले चरचा थाने मे दर्ज है लिकिन कार्यवाही के नाम पर खानपूर्ति जिस पर अखबारो मे प्रकाशन पर कइ सारी बाते है यहा तो अभी राज है फिलहाल पत्रकार के परिजन आइ जी सरगुजा रेंज से न्याय की गुहार की बात कह रहे है।




