भरतपुर विकासखंड के उपार्जन केंद्रों पर लापरवाही किसानों को नहीं मिल रही सुविधाएं
तहसील भरतपुर जिला मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़

भरतपुर विकासखंड के उपार्जन केंद्रों पर लापरवाही किसानों को नहीं मिल रही सुविधाएं
(पढिए जिला एमसीबी ब्यूरो चीफ मनमोहन सांधे की खास खबर)
धान खरीदी में भारी अव्यवस्था, उठाव नहीं होने से किसान बेहाल
भरतपुर विकासखंड के उपार्जन केंद्रों पर किसानों को नहीं मिल रही सुविधाएं
छत्तीसगढ़ राज्य जिला पंचायत सदस्य एवं कृषि स्थायी समिति की सभापति श्रीमती सुखमंती सिंह ने धान खरीदी व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि धान उपार्जन केंद्रों पर समय पर धान उठाव नहीं होने के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसान घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं, फिर भी उन्हें उचित समय पर खरीदी का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
श्रीमती सिंह ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 15 नवंबर 2025 से धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी प्रक्रिया शुरू की गई थी

लेकिन भरतपुर विकासखंड के कई केंद्रों में आज तक धान का उठाव नहीं हो पाया है। इसके चलते किसानों का धान केंद्रों में जमा होता जा रहा है और नए किसानों को टोकन मिलने में भी दिक्कत आ रही है। कई किसान ऐसे हैं जो टोकन न मिलने के कारण अपनी उपज बेच ही नहीं पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि धान उठाव न होने से खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है। किसानों को न तो बैठने की समुचित व्यवस्था है और न ही पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। लंबे इंतजार और बार-बार चक्कर लगाने से किसान मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हो रहे हैं।
श्रीमती सुखमंती सिंह ने आरोप लगाया कि वर्तमान में जिला प्रशासन और भाजपा सरकार की उदासीनता के कारण किसानों को हर स्तर पर परेशान किया जा रहा है।
सरकार जहां एक ओर किसानों को सुविधा देने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। धान उठाव, टोकन वितरण और भुगतान व्यवस्था में लापरवाही के चलते किसान भाइयों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि उपार्जन केंद्रों से धान का तत्काल उठाव कराया जाए, टोकन वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और किसानों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे बिना परेशानी अपनी उपज बेच सकें।




